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पाकिस्तान में गुरुद्वारा पंजा साहिब के ग्रंथी की बेटी का अपहरण
Sun, 20 Sep 2020 02:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर
अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 20 Sep 2020 02:45 AM IST
सार
- पाकिस्तानी पुलिस व प्रशासन 15 दिन बाद भी बुलबुल कौर का पता लगाने में असफल
- डीएसजीपीसी के अध्यक्ष सिरसा ने केंद्रीय विदेश मंत्री से मिलकर दी मामले की जानकारी
- बीते कुछ समय से अपहरण की गई 55 हिंदू-सिख लड़कियों के नाम की सूची भी सौंपी
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब के ग्रंथी प्रीतम सिंह की बेटी बुलबुल कौर का दो मुस्लिम युवकों ने अपहरण कर लिया। इस वारदात के बाद वहां के सिखों में भारी रोष व्याप्त है। हसनअबदाल का प्रशासन अब तक बुलबुल कौर का सुराग लगाने में असफल रहा है।
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से उनके दफ्तर में मुलाकात कर इस मामले की जानकारी देते हुए एक शिकायत पत्र भी सौंपा। सिरसा ने विदेश मंत्री को एक सूची भी दी, जिसमें 55 हिंदू-सिख लड़कियों के नाम दर्ज हैं, जिन्हें बीते कुछ वर्षों में अगवा कर उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया। बाद में उनकी शादी मुस्लिम युवकों के साथ की गई।
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अमर उजाला को मिले इस पत्र की प्रति में मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि बुलबुल कौर के अपहरण को 15 दिन हो गए हैं। ग्रंथी प्रीतम सिंह का परिवार बेटी की तलाश के लिए कई बार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा चुका है, लेकिन पुलिस ने इस संदर्भ में कोई भी ठोस करवाई नहीं की है।
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सिरसा ने विदेश मंत्री को बताया की प्रीतम सिंह के अनुसार दो मुस्लिम युवक उसका अपहरण कर उसे अज्ञात स्थान पर ले गए हैं। ग्रंथी प्रीतम सिंह ने पाकिस्तान के स्थानीय सिखों व सरकार से हाथ जोड़कर अपील की है कि धर्मपरिवर्तन कर शादी करने वाले इन दरिंदों से उनकी बेटी को बचाया जाए।
सिखों को अलग-थलग करने की साजिश
सिरसा ने विदेश मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि पाकिस्तान में बसे सिखों को अलग-थलग करने की साजिश रची जा रही है। भारतीय सिख पाकिस्तान में बसे अपनों की मदद करने में असहाय हैं। पाकिस्तान का समाज ऐसी घटनाओं पर कभी भी अपनी प्रतिक्रिया नहीं देता है। सिरसा ने विदेश मंत्री से अपील की है कि वह इस मामले को पाकिस्तान की सरकार के सामने उठाएं और बुलबुल कौर सुरक्षित अपने घर लौटे। पाकिस्तान में बसे सिखों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
पहले भी हो चुकी है वारदात
बीते वर्ष गुरुद्वारा ननकाना साहिब के मुख्य ग्रंथी की बेटी जगजीत कौर का भी एक मुस्लिम युवक ने अपहरण कर उसका धर्म परिवर्तन कर शादी कर ली थी। मुख्य ग्रंथी के परिवार ने इसका कड़ा विरोध किया। मामला अदालत पहुंचा तो अदालत ने भी जगजीत कौर के इस्लाम स्वीकार करने की बात को स्वीकार कर उसे मुस्लिम शौहर के साथ रहने के लिए भेज दिया। एक वर्ष में गुरुद्वारा ननकाना साहिब के ग्रंथी सिंहों की दो बेटियों का अपहरण करने की घटना से वहां के सिखों में रोष है।