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शहीद सतनाम सिंह के परिवार से मिलने पहुंचे गुरदासपुर के डीसी, बोले- नाम पर गेट बनवाएंगे

Thu, 18 Jun 2020 11:32 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, गुरदासपुर
अमर उजाला, गुरदासपुर Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 18 Jun 2020 11:32 AM IST
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Gurdaspur DC Mohammad Ishfaq meets family of Indian Army's Naib Subedar Satnam Singh
शहीद सतनाम सिंह के परिवार से मिलने पहुंचे डीसी - फोटो : एएनआई
गलवां घाटी में लद्दाख सीमा पर चीनी सैनिकों से झड़प में शहीद हुए सतनाम सिंह के परिवार से मिलने गुरदासपुर के डीसी पहुंचे। वीरवार की सुबह डीसी मोहम्मत इशफाक शहीद के घर पहुंचे और उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति संवदेना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शहीद जवान की शहादत बेकार नहीं जाएगी। प्रशासन की ओर से उनके नाम पर एक गेट बनवाया जाएगा। वहीं परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
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थाना घुम्मन कलां के गांव भोजराज निवासी सतनाम सिंह (42) पुत्र जगीर सिंह लद्दाख में सीमा की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। शहीद सतनाम सिंह की शहादत की खबर के बाद लोगों में चीन के खिलाफ गुस्से की लहर है। वहीं शहादत की खबर अभी तक शहीद की पत्नी, माता-पिता और बच्चों को नहीं बताई जा रही है। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया है कि सतनाम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका उपचार चल रहा है।
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शहीद नायब सूबेदार सतनाम सिंह 3 मीडियम रेजिमेंट लद्दाख में तैनात थे। सतनाम सिंह का जन्म 18 जनवरी 1979 को हुआ और उन्होंने 23 अगस्त 1995 को आर्मी ज्वाइन की थी। पत्नी जसविंदर कौर और दोनों बच्चों को पिता के शहीद होने की अभी खबर नहीं है। शहीद की बेटी संदीप कौर (17) और बेटा प्रभजोत सिंह (16) दादी कश्मीर कौर के पास बैठे थे। भाई सुखचैन सिंह भी फौज में सूबेदार हैं। वह हैदराबाद से छुट्टी पर घर आए हैं।
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शहादत की खबर सबसे पहले भाई सुखचैन सिंह को अन्य लोगों से रात को मिली। सुखचैन सिंह ने बताया कि आधिकारिक तौर पर भी उन्हें शहादत संबंधी नहीं बताया गया है। उन्होंने परिवार में भी इस संबंध में इतना ही बताया है कि वह घायल हो गए हैं उन्हें चोटें आईं हैं। भाई सुखचैन सिंह ने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर लद्दाख पहुंच चुका है और 24 घंटे के अंदर आने की संभावना है। उन्होंने सरकार से मांग की कि शहीद के बच्चों को नौकरी दी जाए।
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