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अमेरिका गए युवक ने whatsapp पर भेजी आपबीती, मत आओ यहां दोस्तो
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
Updated Sun, 21 Aug 2016 09:20 AM IST
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युवक ने व्हाट्सऐप पर अमेरिका में जिंदगी का सच बयां करता वीडियो भेजा
- फोटो : फाइल फोटो
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डॉलर कमाने के चक्कर में विदेश जाने की लालसा रखने वालों के लिए ये खबर एक चेतावनी हो सकती है। अमेरिका से युवक ने whatsapp पर आपबीती भेजी है। गुरदासपुर के युवक अमरजीत ने अपने दोस्तों ताज ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन के प्रधान हरकिशनजीत सिंह तथा हरनेक सिंह को व्हाट्सएप पर आपबीती भेजी है।
अमरजीत ने युवाओं को सतश्री अकाल बोल कर कहा है कि उसके दो भाई पहले से विदेश में थे, इसलिए विदेश जाने की लालसा उसे भी हो गई। अमेरिका जाने के लिए फर्जी ट्रैवल एजेंट के चंगुल में फंसे।
अमेरिका के लिए रवाना हुआ तो 4 महीने तक कई मुल्कों में भटका, जेल गए और किसी तरह से यहां पहुंचे। यहां भी पहले जेल मिली, फिर काम। अमरजीत रोते हुए आगे लिखता है कि 12-12 घंटे की ड्यूटी ऊपर से ओवर टाइम, लौट कर आते हैं तो खाना बनाया नहीं तो भूखे सो गए।
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अमरजीत ने युवाओं को सतश्री अकाल बोल कर कहा है कि उसके दो भाई पहले से विदेश में थे, इसलिए विदेश जाने की लालसा उसे भी हो गई। अमेरिका जाने के लिए फर्जी ट्रैवल एजेंट के चंगुल में फंसे।
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अमेरिका के लिए रवाना हुआ तो 4 महीने तक कई मुल्कों में भटका, जेल गए और किसी तरह से यहां पहुंचे। यहां भी पहले जेल मिली, फिर काम। अमरजीत रोते हुए आगे लिखता है कि 12-12 घंटे की ड्यूटी ऊपर से ओवर टाइम, लौट कर आते हैं तो खाना बनाया नहीं तो भूखे सो गए।
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असली मौज तो घर में ही होती है दोस्तो
युवक ने व्हाट्सऐप पर अमेरिका में जिंदगी का सच बयां करता वीडियो भेजा
- फोटो : फाइल फोटो
अमरजीत ने बताया कि असली मौज तो घर में ही होती है। बिस्तर पर ही मां खाना दे देती थी। बीवी कपड़े धो देती है। काश! परदेस न आते। वह अपने जैसे युवकों को आगाह करता है कि अपने ही मुल्क में रोटी कमाना, विदेश मत जाना।
धर्मेंद्र और बिक्रम भी फंसे
विदेश में फंसे युवकों के मामलों की पैरवी करने वाले हरकिशनजीत और हरनेक ने बताया कि गुरदासपुर के अमरजीत जैसे और भी कई युवक विदेशों में फंसे हुए हैं, मगर सरकार फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। गुरदासपुर के ही धर्मेंद्र तथा बिक्रम फंसे हैं। माता-पिता ने अपनी छह एकड़ जमीन बेच कर अमेरिका भेजा था।
इसके लिए उनके मां-बाप ने 25-25 लाख रुपए दिए।अब एजेंट न तो पैसे दे रहा है और ना ही उनकी सही जानकारी। हरकिशनजीत और हरनेक ने बताया कि युवाओं को मांस के फ्रीजर, डीजल-पेट्रोल के टैंकर आदि तक में भर कर ले जाया जाता है। जंगलों में उनको चलते ट्रक से कूदने को कहा जाता है। इस जोखिम भरे सफर में पुलिस की ओर से पकड़े तो जाते ही हैं और कई बार मौत भी हो जाती है।
धर्मेंद्र और बिक्रम भी फंसे
विदेश में फंसे युवकों के मामलों की पैरवी करने वाले हरकिशनजीत और हरनेक ने बताया कि गुरदासपुर के अमरजीत जैसे और भी कई युवक विदेशों में फंसे हुए हैं, मगर सरकार फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। गुरदासपुर के ही धर्मेंद्र तथा बिक्रम फंसे हैं। माता-पिता ने अपनी छह एकड़ जमीन बेच कर अमेरिका भेजा था।
इसके लिए उनके मां-बाप ने 25-25 लाख रुपए दिए।अब एजेंट न तो पैसे दे रहा है और ना ही उनकी सही जानकारी। हरकिशनजीत और हरनेक ने बताया कि युवाओं को मांस के फ्रीजर, डीजल-पेट्रोल के टैंकर आदि तक में भर कर ले जाया जाता है। जंगलों में उनको चलते ट्रक से कूदने को कहा जाता है। इस जोखिम भरे सफर में पुलिस की ओर से पकड़े तो जाते ही हैं और कई बार मौत भी हो जाती है।