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दो युवकों को 18 और 15 साल की कैद, 6 छात्राओं पर फेंका था तेजाब, जानिए क्यों?
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
Updated Fri, 02 Mar 2018 07:38 PM IST
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8वीं की छह छात्राओं पर तेजाब फेंकने के मामले में दो युवकों को 18 और 15 साल कैद की सजा सुनाई गई है। मामला पंजाब के गुरदासपुर का है। 16 मार्च 2016 को हलका डेरा बाबा नानक के गांव सिंघपुरा के सरकारी स्कूल में आठवीं की छह छात्राओं पर तेजाब फेंकने के आरोप में अदालत ने दो आरोपियों को सजा सुनाई है।
दोषी ने पीड़िता की शिकायत पर स्कूल से नाम काटे जाने पर अपने साथी के साथ उस पर तेजाब फेंक दिया था। मानयोग एडिशनल जज गुरजंट सिंह की अदालत ने साजन मसीह को 18 साल जबकि लवप्रीत सिंह को 15 साल और एक एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि संतोख सिंह को बरी कर दिया गया।
गौरतलब है कि प्रभजोत कौर पुत्री नरिंदर सिंह निवासी गांव धरमाबाद ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया था कि वह सिंधपुरा के सरकारी स्कूल में आठवीं की छात्रा थी। साजन मसीह पुत्र मेजर मसीह कुडावाली (रमदास) उसे परेशान करता था। जिसके चलते उसने प्रिंसिपल को उसकी शिकायत की।
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शिकायत पर साजन मसीह का नाम स्कूल से काट दिया गया। इसके कुछ दिन बाद हुई आठवीं की परीक्षा के दौरान एक दिन वह पेपर देकर स्कूल से घर जा रही थी। उसके साथ उसकी पांच सहेलियां आशा रानी, मनप्रीत सिंह, अर्शप्रीत कौर, गगन, सुखमनप्रीत कौर सभी निवासी गांव धरमाबाद थीं। तभी रास्ते में साजन मसीह अपने एक अन्य दोस्त के साथ ड्रेन पुल पर बाइक पर खड़ा था।
जब वह सहेलियों के साथ वहां से गुजरने लगी तो दोनों ने उन पर तेजाब फेंक दिया। शोर मचने पर अन्य युवकों ने उन्हें स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया। जहां हालत गंभीर होने पर उसे अमृतसर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने पीड़ित लड़कियों के बयान पर साजन मसीह, लवप्रीत सिंह पुत्र हलविंदर सिंह निवासी शामपुरा और संतोख सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। बुधवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
‘साजन और लवप्रीत को सजा से खुश’
तेजाब पीड़िता प्र्रभजोत कौर और उनके पिता नरिंदर सिंह ने कहा कि वह साजन मसीह और लवप्रीत को मिली सजा से खुश और संतुष्ट हैं। वहीं संतोख सिंह को छोड़कर हमसे सही न्याय नहीं दिया गया। प्रभजोत ने कहा कि अगर संतोख सिंह इन्हें तेजाब बेचता ही नहीं तो आज हमारी यह हालत न होती। उन्होंने कहा कि संतोख सिंह को भी सजा मिलनी चाहिए थी। इसे सजा न मिलने से मेरे जख्म अभी भी हरे लगते हैं।
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दोषी ने पीड़िता की शिकायत पर स्कूल से नाम काटे जाने पर अपने साथी के साथ उस पर तेजाब फेंक दिया था। मानयोग एडिशनल जज गुरजंट सिंह की अदालत ने साजन मसीह को 18 साल जबकि लवप्रीत सिंह को 15 साल और एक एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि संतोख सिंह को बरी कर दिया गया।
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गौरतलब है कि प्रभजोत कौर पुत्री नरिंदर सिंह निवासी गांव धरमाबाद ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया था कि वह सिंधपुरा के सरकारी स्कूल में आठवीं की छात्रा थी। साजन मसीह पुत्र मेजर मसीह कुडावाली (रमदास) उसे परेशान करता था। जिसके चलते उसने प्रिंसिपल को उसकी शिकायत की।
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शिकायत पर साजन मसीह का नाम स्कूल से काट दिया गया। इसके कुछ दिन बाद हुई आठवीं की परीक्षा के दौरान एक दिन वह पेपर देकर स्कूल से घर जा रही थी। उसके साथ उसकी पांच सहेलियां आशा रानी, मनप्रीत सिंह, अर्शप्रीत कौर, गगन, सुखमनप्रीत कौर सभी निवासी गांव धरमाबाद थीं। तभी रास्ते में साजन मसीह अपने एक अन्य दोस्त के साथ ड्रेन पुल पर बाइक पर खड़ा था।
जब वह सहेलियों के साथ वहां से गुजरने लगी तो दोनों ने उन पर तेजाब फेंक दिया। शोर मचने पर अन्य युवकों ने उन्हें स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया। जहां हालत गंभीर होने पर उसे अमृतसर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने पीड़ित लड़कियों के बयान पर साजन मसीह, लवप्रीत सिंह पुत्र हलविंदर सिंह निवासी शामपुरा और संतोख सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। बुधवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
‘साजन और लवप्रीत को सजा से खुश’
तेजाब पीड़िता प्र्रभजोत कौर और उनके पिता नरिंदर सिंह ने कहा कि वह साजन मसीह और लवप्रीत को मिली सजा से खुश और संतुष्ट हैं। वहीं संतोख सिंह को छोड़कर हमसे सही न्याय नहीं दिया गया। प्रभजोत ने कहा कि अगर संतोख सिंह इन्हें तेजाब बेचता ही नहीं तो आज हमारी यह हालत न होती। उन्होंने कहा कि संतोख सिंह को भी सजा मिलनी चाहिए थी। इसे सजा न मिलने से मेरे जख्म अभी भी हरे लगते हैं।