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बच्चों सी देखभाल मांगती है गुलदाऊदी के फूल
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 08 Dec 2013 03:43 PM IST
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बच्चों से भी अधिक प्यार करना होगा। उसे समय पर खाद पानी देना होगा। सर्दी-गर्मी से बचाव करना होगा। यह कहना है गुलदाऊदी शो में मालियों का।
शो में आए लोग उनसे पूछ रहे हैं कि वे किस प्रकार इनाम पा सकते हैं। नगर निगम के हॉटिकल्चर विंग के माली राम लखन का कहना है गुलदाऊदी का शुद्ध पानी की जरूरत होती है।
हॉटिकल्चर विंग के सुपरवाइजर हंसराज ने बताया कि गुलदाऊदी शो में इनाम जीतने के लिए जी जान लगानी पड़ती है। जून में गमले में लगी गुलदाऊदी की टहनियां काटकर कर उसे कम से कम 10 मिनट तक पानी में रखें।
इससे टहनियों को सूखने का डर नहीं रहेगा। टहनियों के ऊपर की दो पत्तियों को छोड़कर सभी पत्तियां तोड़ दें। कटी टहनियों में बेराडेक्स दवा लगा दें ताकि उसमें कोई संक्रमण न हो। दवा लगाने के बाद उसे रेत में लगा दें। 15 से 25 दिन में उसमें जड़ें आ जाती हैं।
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जड़ आ जाने पर उसे सिंगल फूल के लिए एक गमले में एक पौधा और छोटे फूलों के लिए एक गमला में चार पौधे लगाने चाहिए। फूल आने से पहले छह बार गुड़ाई, तीन बार खाद और स्प्रे करनी होगी।
कली बनने के एक महीना के बाद उसमें फूल खिलेगा। खिला हुआ फूल एक से डेढ़ महीना तक रहता है।
फूल को लाइट से बचाएं
फूल आने के बाद पौधे को बिजली की रोशनी से बचाना जरूरी हो जाता है। लाइट से पौधे डिस्टर्ब होते हैं। उनमें फूल नहीं लगते। पौधों में पीचिंग समय-समय पर करते रहनी चाहिए।
इससे पौधे मजबूत होंगे और फूल भी बड़े आकार के होंगे। गमले को पक्के स्थान पर घर के आंगन, बाउंड्री के ऊपर या बेड़े में रखना चाहिए।
आज होगा मेले का समापन
गुलदाऊदी शो के दूसरे दिन शनिवार को काफी संख्या में लोग टैरेस्ड गार्डन में पहुंचे। स्कूली बच्चों ने भी शो को देखा।
प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा के अलावा कई अन्य अधिकारी भी शो को देखने पहुंचे। लोग अपने मोबाइल से फोटो खींच रहे थे। रविवार को समापन होगा। विजेताओं को पुरस्कार बांटे जाएंगे।
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शो में आए लोग उनसे पूछ रहे हैं कि वे किस प्रकार इनाम पा सकते हैं। नगर निगम के हॉटिकल्चर विंग के माली राम लखन का कहना है गुलदाऊदी का शुद्ध पानी की जरूरत होती है।
हॉटिकल्चर विंग के सुपरवाइजर हंसराज ने बताया कि गुलदाऊदी शो में इनाम जीतने के लिए जी जान लगानी पड़ती है। जून में गमले में लगी गुलदाऊदी की टहनियां काटकर कर उसे कम से कम 10 मिनट तक पानी में रखें।
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इससे टहनियों को सूखने का डर नहीं रहेगा। टहनियों के ऊपर की दो पत्तियों को छोड़कर सभी पत्तियां तोड़ दें। कटी टहनियों में बेराडेक्स दवा लगा दें ताकि उसमें कोई संक्रमण न हो। दवा लगाने के बाद उसे रेत में लगा दें। 15 से 25 दिन में उसमें जड़ें आ जाती हैं।
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जड़ आ जाने पर उसे सिंगल फूल के लिए एक गमले में एक पौधा और छोटे फूलों के लिए एक गमला में चार पौधे लगाने चाहिए। फूल आने से पहले छह बार गुड़ाई, तीन बार खाद और स्प्रे करनी होगी।
कली बनने के एक महीना के बाद उसमें फूल खिलेगा। खिला हुआ फूल एक से डेढ़ महीना तक रहता है।
फूल को लाइट से बचाएं
फूल आने के बाद पौधे को बिजली की रोशनी से बचाना जरूरी हो जाता है। लाइट से पौधे डिस्टर्ब होते हैं। उनमें फूल नहीं लगते। पौधों में पीचिंग समय-समय पर करते रहनी चाहिए।
इससे पौधे मजबूत होंगे और फूल भी बड़े आकार के होंगे। गमले को पक्के स्थान पर घर के आंगन, बाउंड्री के ऊपर या बेड़े में रखना चाहिए।
आज होगा मेले का समापन
गुलदाऊदी शो के दूसरे दिन शनिवार को काफी संख्या में लोग टैरेस्ड गार्डन में पहुंचे। स्कूली बच्चों ने भी शो को देखा।
प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा के अलावा कई अन्य अधिकारी भी शो को देखने पहुंचे। लोग अपने मोबाइल से फोटो खींच रहे थे। रविवार को समापन होगा। विजेताओं को पुरस्कार बांटे जाएंगे।