हरियाणाः लोकसभा चुनाव 2019 से पहले बड़ी हुंकार, महासम्मेलन में गुर्जर दिखाएंगे ताकत
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गुर्जरों का गढ़ माने जाने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार को होने वाले अखिल भारतीय गुर्जर महासम्मेलन में करीब आधा दर्जन राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। गुर्जर समाज जहां आबादी के लिहाज से राजनीतिक दलों पर टिकट का दबाव बनाएगा, वहीं देश की सेना में गुर्जर रेजिमेंट बनाने की मांग भी उठेगी।
गुर्जर समाज के बड़े नेताओं और महापुरुषों के नाम पर विश्वविद्यालयों तथा मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग के साथ ही उन्हें शिक्षित बनाने की दिशा में सरकारी सहयोग की मांग की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 16 दिसंबर को होने वाले गुर्जर महासम्मेलन में सभी राजनीतिक दलों व संगठनों के गुर्जर नेताओं को निमंत्रण दिया गया है। हरियाणा कांग्रेस के नेता एवं समालखा के पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर इस महासम्मेलन के आयोजकों में शामिल हैं। गुर्जर महासम्मेलन के लिए छौक्कर विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहे हैं।
शुक्रवार को चंडीगढ़ पहुंचे धर्म सिंह छौक्कर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश के 29 राज्यों में गुर्जरों की आबादी 5 करोड़ 57 लाख है। आबादी होने के बावजूद कोई भी राजनीतिक दल गुर्जर समाज के लोगों खासकर युवाओं को अपनी पार्टी में समुचित भागीदारी नहीं दे रहा है।
गुर्जर महासम्मेलन युवाओं की हुंकार के साथ-साथ राजनीतिक दलों पर दबाव बनाने का काम करेगा। इतनी आबादी वाले गुर्जर समाज के लोग देश की 55 लोकसभा सीटों पर जीतने का दम भरते हैं। हरियाणा की कई सीटें ऐसी हैं, जहां सिर्फ गुर्जर समाज के नेता ही जीत सकते हैं, मगर उनकी अनदेखी हो रही है।
उन्होंने बताया कि सहारनपुर में होने वाले महासम्मेलन में राजनीतिक भागीदारी के अलावा गुर्जर रेजिमेंट गठित किए जाने, राजा मिहिर भोज, सरदार वल्लभ भाई पटेल और राजेश पायलट के नाम पर चिकित्सा तथा शिक्षा संस्थान खोलने, उनकी प्रतिमाएं स्थापित कराने, गुर्जरों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज लागू करने तथा शिक्षा संस्थानों को प्रोत्साहित कर सामाजिक संगठनों का सहयोग किए जाने के प्रस्ताव पास किए जाएंगे।