Haryana Politics: जीटी बेल्ट ही रहेगी सियासत की धुरी, भाजपा ने फिर खेला गैर-जाट कार्ड
जीटी बेल्ट ही हरियाणा की सत्ता का केंद्र रहेगा। पूर्व सीएम मनोहर लाल ने करनाल को अपना कर्मक्षेत्र बनाया तो वहीं नए सीएम नायब सिंह सैनी का ताल्लुक अंबाला जिले है। मौजूदा समय में वह कुरुक्षेत्र से सांसद भी हैं।
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हरियाणा में बदले राजनीतिक घटनाक्रम के चलते बेशक मनोहर लाल के स्थान पर नायब सिंह सैनी का चेहरा हो गया हो लेकिन सत्ता की धुरी जीटी बेल्ट ही रहेगी। सैनी मूलरूप से अंबाला जिले से हैं और मौजूदा समय में कुरुक्षेत्र से सांसद भी हैं। भाजपा ने किसी जाट नेता को मौका न देकर सैनी के सिर ताज सजाया है। इससे पहले जाट चेहरा ओपी धनखड़ को हटाकर भाजपा ने नायब सैनी को प्रदेशाध्यक्ष बना बड़ा सियासी संदेश दिया था। अब नायब सैनी को सीएम बनाकर पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य में भी उनकी जाट और गैर-जाट की राजनीति जारी रहेगी।
साढ़े नौ साल पहले भी भाजपा ने मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बनाकर चौंकाया था और प्रदेश गठन के बाद पहली बार जीटी बेल्ट सत्ता का केंद्र बनी थी। इससे पहले, भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में रोहतक, चौधरी बंसीलाल के समय भिवानी और देवीलाल और ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल में सिरसा सत्ता के केंद्र थे। जीटी बेल्ट में लोकसभा की चार सीटें आती हैं और 30 से अधिक विधानसभा। सैनी के चयन में बेशक हाईकमान की मोहर लगी हो लेकिन सीएम बनवाने में मनोहर लाल की भी अहम भूमिका है।
मांगने पर नहीं मिला पद
मौजूदा समय में भाजपा में मनोहर लाल के बाद अगर वरिष्ठता की बात आती है तो सबसे वरिष्ठ अनिल विज हैं। हालांकि, इनसे वरिष्ठ रामविलास शर्मा भी हैं लेकिन फिलहाल वह संगठन और सत्ता में अहम पदों पर नहीं है। इनके अलावा जाट नेताओं की बात करें तो पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला बड़ा चेहरा हैं। पिछले दिनों धनखड़ ने कहा था कि वह दो नंबर सीट पर हैं और एक पर पहुंचना है। इसके बाद ही भाजपा ने उनको प्रदेशाध्यक्ष पद से हटा दिया था।
राजेश खुल्लर पहले की तरह ही रहेंगे पावरफुल
रिटायर्ड आईएएस राजेश खुल्लर नई सरकार में भी पहले की तरह ही पावरफुल रहेंगे। हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के तौर पर दोबारा से नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। मुख्य सचिव संजीव कौशल द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि खुल्लर की सेवाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी। मनोहर सरकार में खुल्लर को मुख्य प्रधान सचिव नियुक्त किया गया था। नए सीएम बनने के बाद से अटकलें चल रही थी कि मुख्यमंत्री की टीम भी बदलेगी। ऐसे में सरकार ने साफ कर दिया है कि पहले से नियुक्त पुराने अधिकारी सीएमओ में बरकरार रहेंगे।