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#जीएसटीएकवर्ष: एक साल पूरा, पर दूर नहीं हुई कई परेशानियां...कारोबारी अब भी टेंशन में हैं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:29 AM IST
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जीएसटी लागू हुए एक साल हो चुका है, पर अभी तक इसकी परेशानियां दूर नहीं हो सकी हैं। इस वजह से करोबारी आज तक भी टेंशन में हैं। रिटर्न का मामला हो या फिर ई-वे बिल की विसंगतियां, इसे लेकर चंडीगढ़ के सभी उद्यमी को हैरत में हैं।
चंडीगढ़ के उद्यमी नवीन मंगलानी ने कहा कि जीएसटी ठीक है, पर उसमें कई परेशानिया हैं। उद्यमियों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा है, लेकिन उनको अब तक दूर नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि बिलों के मिलान के बाद इनपुट क्रेडिट किया जाना चाहिए और रिटर्न को संशोधित करना चाहिए। इसके साथ ही कंपोजिट स्कीम में अंतर राज्य व्यापार को लागू किया जाना चाहिए।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन चरंजीव सिंह ने कहा कि जीएसटी को लागू हुए एक वर्ष हो चुका है, लेकिन अभी इसमें रिटर्न का और सरलीकरण किया जाना चाहिए। अब लोग इसे जानने लगे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही लोग इसे और समझने लगेंगे। जीएसटी और ई-वे बिल को लेकर सेमिनार और जागरूकता शिविर भी लगाए जाने चाहिएं।
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चंडीगढ़ के उद्यमी नवीन मंगलानी ने कहा कि जीएसटी ठीक है, पर उसमें कई परेशानिया हैं। उद्यमियों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा है, लेकिन उनको अब तक दूर नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि बिलों के मिलान के बाद इनपुट क्रेडिट किया जाना चाहिए और रिटर्न को संशोधित करना चाहिए। इसके साथ ही कंपोजिट स्कीम में अंतर राज्य व्यापार को लागू किया जाना चाहिए।
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चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन चरंजीव सिंह ने कहा कि जीएसटी को लागू हुए एक वर्ष हो चुका है, लेकिन अभी इसमें रिटर्न का और सरलीकरण किया जाना चाहिए। अब लोग इसे जानने लगे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही लोग इसे और समझने लगेंगे। जीएसटी और ई-वे बिल को लेकर सेमिनार और जागरूकता शिविर भी लगाए जाने चाहिएं।
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ई-वे बिल से नाके लगने बंद हो गए
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चरंजीव सिंह ने कहा कि तीन माह बाद व्यापारी को एक ही रिटर्न भरनी पडे़। ई-वे बिल से एक अच्छी बात हुई है कि नाके लगने बंद हो गए हैं और गाड़ियां आसानी से आ जाती हैं। लोग अब कंप्यूटर पर ही ई-वे बिल निकाल लेते हैं।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल वोहरा ने कहा कि जीएसटी के लागू होने के बाद व्यापार करने में आसानी हुई है, लेकिन अभी भी कई ऐसी विसंगतियां हैं, जिनको ठीक करने की आवश्यकता है। जैसा कि पहले कहा जा रहा था कि दाम बढ़ेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। जीएसटी के बाद से दामों में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है।
जीएसटी के एक साल पूरे होने पर कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सरकार से इसमें जरूरी संशोधन करने की मांग की है। कैट चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष व राष्ट्रीय सचिव हरीश गर्ग ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था से बुनियादी बदलाव आया है और कई तरह की चीजों को लेकर व्यवस्था आसान हुई है।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल वोहरा ने कहा कि जीएसटी के लागू होने के बाद व्यापार करने में आसानी हुई है, लेकिन अभी भी कई ऐसी विसंगतियां हैं, जिनको ठीक करने की आवश्यकता है। जैसा कि पहले कहा जा रहा था कि दाम बढ़ेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। जीएसटी के बाद से दामों में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है।
जीएसटी के एक साल पूरे होने पर कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सरकार से इसमें जरूरी संशोधन करने की मांग की है। कैट चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष व राष्ट्रीय सचिव हरीश गर्ग ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था से बुनियादी बदलाव आया है और कई तरह की चीजों को लेकर व्यवस्था आसान हुई है।