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पटरी पर अर्थव्यवस्था: कोरोना की दूसरी लहर के बाद पंजाब में सुधरने लगे आर्थिक हालात, जीएसटी संग्रह बढ़ा
Mon, 06 Sep 2021 02:08 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 06 Sep 2021 02:08 AM IST
सार
कोरोना की वजह से संकट में घिरी पंजाब की अर्थव्यवस्था अब पटरी पर आने लगी है। अगस्त में पंजाब में 1188.70 करोड़ रुपये जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) संग्रह हुआ। वहीं पिछले साल यानी 2020 में अगस्त के मुकाबले इस बार जीएसटी संग्रह में 20.41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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वस्तु एवं सेवा कर
- फोटो : iStock
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विस्तार
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में आर्थिक संकट से जूझ रहे पंजाब के हालात अब सुधरने लगे है। अगस्त महीने में हुए 1188.70 करोड़ रुपये के जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) संग्रह इस बात की गवाही दे रहे हैं। पिछले साल 2020 में अगस्त महीने के दौरान 987.20 करोड़ रुपये ही एकत्रित हुए थे। इस हिसाब से जीएसटी राजस्व में पिछले साल की अपेक्षा 20.41 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
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कराधान आयुक्त कार्यालय के अनुसार नियमित आईजीएसटी के अलावा पंजाब को वित्तीय वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के लिए अगस्त-2021 में 448.35 करोड़ रुपये अस्थायी व्यवस्था के तौर पर मिले हैं। इसी के नतीजे के तौर पर अगस्त महीने के जीएसटी राजस्व में वृद्धि पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 80 प्रतिशत के करीब हुई है।
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प्रवक्ता ने बताया कि अगस्त 2021 के दौरान वैट और सीएसटी से कर संग्रह क्रमवार 648.44 करोड़ रुपये और 26.97 करोड़ रुपये हुआ है। पिछले साल के मुकाबले यह क्रमवार 24 और 40 प्रतिशत अधिक है, जो अर्थव्यवस्था में सुधार की ओर इशारा करता है। इसी तरह अगस्त 2021 में एकत्रित हुआ पंजाब राज्य विकास कर संग्रह 11.38 करोड़ रुपये था, जोकि पिछले साल के अगस्त महीने की अपेक्षा 9.63 प्रतिशत अधिक है।
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इन क्षेत्रों में आई तेजी
कराधान आयुक्त के प्रवक्ता के अनुसार राज्य को एकत्रित होने वाले राजस्व का विभिन्न क्षेत्रों के हिसाब से अगर अध्ययन किया जाए तो लोहा और स्टील, इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुएं, उर्वरक, टेलीकॉम और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सुधार की गति में तेजी देखने को मिली है।