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पंजाबः शाहकोट उप-चुनाव से पहले गुटबाजी में उलझी कांग्रेस, ऐसे गरमाया मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 07 May 2018 11:25 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
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सवा साल पहले प्रचंड बहुमत के साथ पंजाब में सत्ता में आई कांग्रेस पार्टी शाहकोट उप चुनाव से पहले ही गुटबाजी में उलझ गई है। 2017 में कांग्रेस से हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया बहुत कम अंतर से अजीत सिंह कोहाड़ से हारे थे। लिहाजा इस बार भी वही प्रबल दावेदार थे, लेकिन टिकट वितरण के ऐन पहले रेत माफिया के साथ उनकी बातचीत का वीडियो वायरल हो गया। बावजूद इसके कांग्रेस ने उन्हें ही उम्मीदवार बनाया।
पर सरकार में होने के बावजूद कांग्रेस के कैंडिडेट पर महितपुर थाने के एसएचओ ने रेत खनन के मामले में परचा दर्ज कर दिया। हालांकि संबंधित एसएचओ भी एक अन्य वीडियो वायरल होने के बाद खुद विवाद में फंस गए हैं। दूसरी ओर यहां से टिकट मांग रहे डॉ. नवजोत दहिया, कैप्टन हरमिंदर सिंह, राजनबीर सिंह खुलकर लाडी के खिलाफ आ गए हैं। जबकि बारहवीं की किताब से सिख इतिहास के चैप्टर गायब होने का मुद्दा भी गरमाया हुआ है।
हालांकि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद इस पर सफाई देते हुए इसे विपक्ष का दुष्प्रचार बताया है। शाहकोट अति ग्रामीण हलका है और शिअद इसे यहां बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। लेकिन कांग्रेस को चूंकि अभी पौने चार साल सत्ता में रहना है। ऐसे में उसे मतदाताओं का साथ मिलने की उम्मीद है।
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कांग्रेस में ही चल रहा है शह और मात का खेल
पंजाब के सियासी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि जब सत्ताधारी पार्टी के कैंडिडेट के खिलाफ ही परचा दर्ज हो गया। कांग्रेसी हलकों में यह चर्चा है कि इसके पीछे अकाली दल या आम आदमी पार्टी का हाथ नहीं है। बल्कि, कांग्रेस में ही शह और मात का खेल चल रहा है। जिस तरह से लगातार पार्टी उम्मीदवार लाडी शेरोवालिया को कमजोर किया जा रहा है, उससे कांग्रेस के अंदर की सियासत सामने आ रही है। लाडी को पूर्वमंत्री राणा गुरजीत सिंह का करीबी माना जाता है। कुछ समय पहले राणा का कद दोआबा में काफी बढ़ गया था। कांग्रेसी हलकों में चर्चाएं हैं कि सारे घटनाक्रम के पीछे कांग्रेस में राणा के विरोधी शामिल हो सकते हैं।
कैप्टन संधू ने संभाली कमान
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खास सिपहसालार कैप्टन संदीप संधू ने आखिर शाहकोट में चुनावी कमान संभाल ली है। उन्हें शाहकोट का इलेक्शन इंचार्ज बनाया गया था। वे रविवार शाम को शाहकोट पहुंच गए हैं। एक दिन पहले उन्होंने चंडीगढ़ में टिकट केअन्य दावेदारों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया था। अब रविवार से वह हलके में ही कमान संभालेंगे।
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पर सरकार में होने के बावजूद कांग्रेस के कैंडिडेट पर महितपुर थाने के एसएचओ ने रेत खनन के मामले में परचा दर्ज कर दिया। हालांकि संबंधित एसएचओ भी एक अन्य वीडियो वायरल होने के बाद खुद विवाद में फंस गए हैं। दूसरी ओर यहां से टिकट मांग रहे डॉ. नवजोत दहिया, कैप्टन हरमिंदर सिंह, राजनबीर सिंह खुलकर लाडी के खिलाफ आ गए हैं। जबकि बारहवीं की किताब से सिख इतिहास के चैप्टर गायब होने का मुद्दा भी गरमाया हुआ है।
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हालांकि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद इस पर सफाई देते हुए इसे विपक्ष का दुष्प्रचार बताया है। शाहकोट अति ग्रामीण हलका है और शिअद इसे यहां बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। लेकिन कांग्रेस को चूंकि अभी पौने चार साल सत्ता में रहना है। ऐसे में उसे मतदाताओं का साथ मिलने की उम्मीद है।
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कांग्रेस में ही चल रहा है शह और मात का खेल
पंजाब के सियासी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि जब सत्ताधारी पार्टी के कैंडिडेट के खिलाफ ही परचा दर्ज हो गया। कांग्रेसी हलकों में यह चर्चा है कि इसके पीछे अकाली दल या आम आदमी पार्टी का हाथ नहीं है। बल्कि, कांग्रेस में ही शह और मात का खेल चल रहा है। जिस तरह से लगातार पार्टी उम्मीदवार लाडी शेरोवालिया को कमजोर किया जा रहा है, उससे कांग्रेस के अंदर की सियासत सामने आ रही है। लाडी को पूर्वमंत्री राणा गुरजीत सिंह का करीबी माना जाता है। कुछ समय पहले राणा का कद दोआबा में काफी बढ़ गया था। कांग्रेसी हलकों में चर्चाएं हैं कि सारे घटनाक्रम के पीछे कांग्रेस में राणा के विरोधी शामिल हो सकते हैं।
कैप्टन संधू ने संभाली कमान
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खास सिपहसालार कैप्टन संदीप संधू ने आखिर शाहकोट में चुनावी कमान संभाल ली है। उन्हें शाहकोट का इलेक्शन इंचार्ज बनाया गया था। वे रविवार शाम को शाहकोट पहुंच गए हैं। एक दिन पहले उन्होंने चंडीगढ़ में टिकट केअन्य दावेदारों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया था। अब रविवार से वह हलके में ही कमान संभालेंगे।