Kisan Andolan: शंभू बॉर्डर पर मना महिला दिवस, केंद्र के खिलाफ महिला प्रदर्शनकारियों ने संभाली प्रदर्शन की कमान
पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के एक समूह ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शंभू व खनौरी की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन पर शुक्रवार अलग ही नजारा देखने को मिला। इन बॉर्डर पर इस खास दिन को महिला किसान दिवस के तौर पर मनाया गया। पंजाब के अलग-अलग गांवों व शहरों से हजारों महिला किसान इस दिन किसान आंदोलन में शामिल हुईं। इस दिन मंच पर सारा कामकाज महिलाओं ने संभाला। इस खास दिन के लिए महिलाओं की टोली बनाई गई जिन्होंने खास आयोजन किए।
आयोजकों के अनुसार पांच हजार से ज्यादा महिलाएं पहुंची
आयोजकों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शंभू व खनौरी बॉर्डर पर लगभग पांच हजार महिला किसान, कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे। भारतीय मजदूर व किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रधान मनजीत सिंह ने बताया कि महिलाएं देश की कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने इस दिन महिला किसानों को मंच प्रबंधन के साथ सारी बागडोर उन्हें सौंपने की बात कही है ताकि महिलाओं को बनता मान-समान दिया जाए जिसकी वह हकदार हैं। पंजाब व अन्य प्रदेशों से हजारों महिला किसान शुक्रवार को शंभू व खनौरी की सीमाओं पर एकत्र हुईं और सारा दिन पूरी तरह से महिला किसानों, कार्यकर्ताओं और छात्राओं को समर्पित किया गया। वरिष्ठ किसान नेता और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की मनिंद्र कौर धमौली, कुलवंत कौर मोहाली ने कहा कि महिला दिवस मनाने के लिए मंच का प्रबंधन महिलाओं द्वारा किया गया है।
आज के दिन को महिला शक्ति के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार दो वर्ष पहले किसानों से किया अपना वादा पूरा करें और 23 फसलों पर एमएसपी कानून को मान्यता दें ताकि देश भर के लाखों किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि हमेशा ही आंदोलन के दौरान महिलाओं ने अपनी शक्ति का लोहा मनवाया है सारी महिलाएं संकल्प लेती हैं कि जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होती वह हर समय विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनती रहेंगी।
महिलाएं कृषक समुदाय का एक बड़ा हिस्सा: किसान नेता
किसान नेता हरमनदीप सिंह, चमकौर सिंह, मान सिंह शामदू, बचितर सिंह कोटला, अमरजीत सिंह थुआ ने कहा कि महिलाएं कृषक समुदाय का एक बड़ा हिस्सा हैं लेकिन उन्हें वह दर्जा नहीं दिया जाता है, जिसकी वह हकदार हैं। वास्तव में, वह पुरुषों की तुलना में अधिक काम करती हैं। उन्होंने कहा कि घर संभालने के अलावा खेती के कामों में भी उनका पूरा योगदान रहता है। उन्होंने इस अवसर पर महिला किसानों को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में विभिन्न विरोध स्थलों में भारी संख्या में शामिल होने के लिए कहा है, ताकि महिलाओं का योगदान केवल महिला दिवस तक सीमित न रह सके।
VIDEO | A group of women leads demonstration against the central government amid the ongoing farmers' protest at Punjab-Haryana Shambhu border. pic.twitter.com/9x5bhjSlv4
— Press Trust of India (@PTI_News) March 8, 2024