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चंडीगढ़ के हाल: गिरते भूजल स्तर वाले शहरों में नाम शामिल, फिर भी न ट्यूबवेल बंद हो रहे न सबमर्सिबल
Sun, 25 Apr 2021 01:37 PM IST
निवेदिता वर्मा
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 25 Apr 2021 01:37 PM IST
सार
डंपिंग ग्राउंड में लगी भीषण आग को बुझाने में फायर ब्रिगेड ने 11 लाख लीटर पीने का पानी खर्च कर दिया। यह पानी सेक्टर 32 स्थित फायर स्टेशन में लगे ट्यूबवेल से लिया गया था।
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चंडीगढ़ में तेजी से गिर रहा भूजल स्तर।
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
चंडीगढ़ का भूजल स्तर काफी नीचे जा चुका है। हाल ही में केंद्रीय भूजल बोर्ड की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ जितना पानी भूमि में पहुंचाता है, उसका 85 प्रतिशत बाहर निकाल लेता है, जबकि 70 प्रतिशत तक पानी निकालने की क्षमता को आदर्श माना जाता है।
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केंद्रीय भूजल बोर्ड ने वर्ष 2017 के अनुसार, देशभर के शहरों का आंकड़ा तैयार किया है। इसमें लगातार गिरते भूजल स्तर के बारे में बताया गया है। इस सूची में चंडीगढ़ का भी नाम है। लगातार किए जा रहे दावों के बावजूद निगम ट्यूबवेलों को बंद नहीं कर पा रहा है जबकि निगम का दावा था कि कजौली वाटर वर्क्स से अतिरिक्त 29 एमजीडी पानी के आने के बाद शहर के ज्यादातर ट्यूबवेल बंद हो जाएंगे, लेकिन हकीकत यह है कि निगम अब भी नए ट्यूबवेल लगा रहा है। वहीं कोठियों में लग रहे सबमर्सिबल पंप को भी नहीं रोक पा रहा है। यही कारण है कि भूजल स्तर लगातार गिर रहा है।
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तालाबों को करना था जिंदा, कागजों में ही योजना
वर्ष 2019 में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने देश भर में भूजल स्तर गिरने वाले शहरों की सूची जारी की थी। उसमें भी चंडीगढ़ का नाम था। उस दौरान प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और उनके सलाहकार मनोज परिदा के नेतृत्व में निगम और प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर देने के साथ ही तालाबों को गोद लेने की बात कही गई थी। निगम और प्रशासन ने एक-एक तालाब गोद भी ले लिया, लेकिन महज कुछ दिनों के दिखावे के बाद सब ठप हो गया। हालत यह है कि आज इन तालाबों में पानी तक नहीं है।
आग बुझाने में ही बर्बाद कर दिया 11 लाख लीटर पीने का पानी
हाल ही में डंपिंग ग्राउंड में लगी भीषण आग को बुझाने में फायर ब्रिगेड ने 11 लाख लीटर पीने का पानी खर्च कर दिया। यह पानी सेक्टर 32 स्थित फायर स्टेशन में लगे ट्यूबवेल से लिया गया था। जब भी डंपिंग ग्राउंड में भीषण आग लगती है तो यहीं से पानी लिया जाता है। ऐसे में भूमि जल स्तर गिरना स्वाभाविक है।
आग बुझाने में ही बर्बाद कर दिया 11 लाख लीटर पीने का पानी
हाल ही में डंपिंग ग्राउंड में लगी भीषण आग को बुझाने में फायर ब्रिगेड ने 11 लाख लीटर पीने का पानी खर्च कर दिया। यह पानी सेक्टर 32 स्थित फायर स्टेशन में लगे ट्यूबवेल से लिया गया था। जब भी डंपिंग ग्राउंड में भीषण आग लगती है तो यहीं से पानी लिया जाता है। ऐसे में भूमि जल स्तर गिरना स्वाभाविक है।
यह सही है कि भूजल का उपयोग हम काफी मात्रा में कर रहे हैं, लेकिन हमने इसे रिचार्ज करने के लिए उतनी ही तेजी से अन्य विकल्प तलाशे हैं। ट्यूबवेलों को भी धीरे-धीरे कम करने का प्रयास है। -शैलेंद्र सिंह, चीफ इंजीनियर, नगर निगम