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Ground Report: पंजाब की सबसे हॉट सीट बनी लुधियाना, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के मैदान में आने से मुकाबला रोचक
Wed, 01 May 2024 02:06 PM IST
निवेदिता वर्मा
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 01 May 2024 02:06 PM IST
सार
लुधियाना से बिट्टू और वड़िंग के बीच मुकाबला दिलचस्प होगा। दोनों की जड़ें कांग्रेस से जुड़ी हैं। अपनों के बीच इस द्वंद्व का राजनीतिक लाभ तीसरे को भी हो सकता है। इसको लेकर भी चुनावी मैदान से संकेत मिल गए हैं। पंजाब में आप के मुखिया सीएम भगवंत मान ने एक बार फिर लुधियाना को अपनी कर्मभूमि के रूप में याद किया है।
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अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और रवनीत बिट्टू।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर भारत के सबसे बड़े औद्योगिक नगर लुधियाना में इस बार लोकसभा चुनाव का मुकाबला काफी रोचक होगा। यह राज्य की सबसे हॉट सीट बन गई है।
इस लोकसभा चुनाव में अब तक केवल पटियाला की सीट पर सबसे ज्यादा राजनीतिक घमासान की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी हाईकमान ने टिकट बंटवारे में ऐसा दांव खेला है कि अब लोकसभा चुनाव के दौरान सबकी निगाहें पंजाब की लुधियाना सीट पर होंगी।
कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली लुधियाना संसदीय सीट को हाथ से न जाने देने के लिए पार्टी हाईकमान ने प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भरोसा जताया है। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते पूर्व सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। इस सीट पर कांग्रेस को हमेशा पूर्व सीएम बेअंत सिंह की शहादत का लाभ मिलता रहा है। उनके पोते रवनीत सिंह बिट्टू के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लगा था, यहां तक कि प्रदेशाध्यक्ष राजा वड़िंग ने यह तक कहा था कि बिट्टू उनके भाई जैसे हैं और हमेश रहेंगे, वह पार्टी छोड़कर जाना चाहते हैं, यह उनका फैसला है, लेकिन यह फैसला गलत साबित होगा। अब दोनों के बीच तल्ख बयानबाजी शुरू हो गई है, जिससे साफ है कि आने वाले समय में गर्मा-गर्मी और बढ़ेगी।
बिट्टू के भाजपा वाले बैनर पर हुआ था बवाल
पिछले दिनों बिट्टू ने जब पूर्व सीएम बेअंत सिंह का फोटो अपने भाजपा वाले बैनर में इस्तेमाल किया था। तब पंजाब कांग्रेस ने इसका चौतरफा विरोध किया था। खुद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उस समय कहा था कि बेअंत सिंह का फोटो भाजपा के बैनर पर उनकी शहादत के साथ नाइंसाफी है। वड़िंग ने कहा था कि बेअंत सिंह ने कांग्रेस की विचाराधारा से जुड़कर हमेशा प्रदेश के विकास के लिए काम किया, यहां तक की अपनी कुर्बानी तक दे दी। वड़िंग ने बिट्टू को इस प्रकार से बेअंत सिंह का नाम भाजपा से जोड़ने पर घेरा था। इससे स्पष्ट है कि अब कांग्रेस न केवल बेअंत सिंह की शहादत के लिए, बल्कि कांग्रेस की विचारधारा और गढ़ पर फिर से परचम फहराने के लिए चुनावी मैदान में डटकर सामना करेगी।
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सीएम मान को याद आई कर्मभूमि
मुख्यमंत्री ने लुधियाना को पंजाब का दिल बताया है। लुधियाना की जनता को मान के मन से जोड़ने के लिए सीएम ने यहां से 1991 में एक कलाकार के रूप में कर्मभूमि के रूप में शुरुआत करने और इस मुकाम तक पहुंचने में लुधियाना का अहम किरदार बताकर जनता का वोट बैंक हासिल करने का एक बड़ा दांव खेला है। बता दें लुधियाना से आप के प्रत्याशी अशोक पराशर पप्पी मैदान में हैं, जबकि शिअद से रणजीत सिंह ढिल्लों पर पार्टी का पुराना चेहरा होने के नाते भरोसा जताया गया है। वह लुधियाना के जिलाध्यक्ष और पूर्वी हलके से विधायक रह चुके हैं।
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इस लोकसभा चुनाव में अब तक केवल पटियाला की सीट पर सबसे ज्यादा राजनीतिक घमासान की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी हाईकमान ने टिकट बंटवारे में ऐसा दांव खेला है कि अब लोकसभा चुनाव के दौरान सबकी निगाहें पंजाब की लुधियाना सीट पर होंगी।
कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली लुधियाना संसदीय सीट को हाथ से न जाने देने के लिए पार्टी हाईकमान ने प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भरोसा जताया है। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते पूर्व सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। इस सीट पर कांग्रेस को हमेशा पूर्व सीएम बेअंत सिंह की शहादत का लाभ मिलता रहा है। उनके पोते रवनीत सिंह बिट्टू के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लगा था, यहां तक कि प्रदेशाध्यक्ष राजा वड़िंग ने यह तक कहा था कि बिट्टू उनके भाई जैसे हैं और हमेश रहेंगे, वह पार्टी छोड़कर जाना चाहते हैं, यह उनका फैसला है, लेकिन यह फैसला गलत साबित होगा। अब दोनों के बीच तल्ख बयानबाजी शुरू हो गई है, जिससे साफ है कि आने वाले समय में गर्मा-गर्मी और बढ़ेगी।
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बिट्टू के भाजपा वाले बैनर पर हुआ था बवाल
पिछले दिनों बिट्टू ने जब पूर्व सीएम बेअंत सिंह का फोटो अपने भाजपा वाले बैनर में इस्तेमाल किया था। तब पंजाब कांग्रेस ने इसका चौतरफा विरोध किया था। खुद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उस समय कहा था कि बेअंत सिंह का फोटो भाजपा के बैनर पर उनकी शहादत के साथ नाइंसाफी है। वड़िंग ने कहा था कि बेअंत सिंह ने कांग्रेस की विचाराधारा से जुड़कर हमेशा प्रदेश के विकास के लिए काम किया, यहां तक की अपनी कुर्बानी तक दे दी। वड़िंग ने बिट्टू को इस प्रकार से बेअंत सिंह का नाम भाजपा से जोड़ने पर घेरा था। इससे स्पष्ट है कि अब कांग्रेस न केवल बेअंत सिंह की शहादत के लिए, बल्कि कांग्रेस की विचारधारा और गढ़ पर फिर से परचम फहराने के लिए चुनावी मैदान में डटकर सामना करेगी।
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सीएम मान को याद आई कर्मभूमि
मुख्यमंत्री ने लुधियाना को पंजाब का दिल बताया है। लुधियाना की जनता को मान के मन से जोड़ने के लिए सीएम ने यहां से 1991 में एक कलाकार के रूप में कर्मभूमि के रूप में शुरुआत करने और इस मुकाम तक पहुंचने में लुधियाना का अहम किरदार बताकर जनता का वोट बैंक हासिल करने का एक बड़ा दांव खेला है। बता दें लुधियाना से आप के प्रत्याशी अशोक पराशर पप्पी मैदान में हैं, जबकि शिअद से रणजीत सिंह ढिल्लों पर पार्टी का पुराना चेहरा होने के नाते भरोसा जताया गया है। वह लुधियाना के जिलाध्यक्ष और पूर्वी हलके से विधायक रह चुके हैं।