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चंडीगढ़: 900 फ्लैट वाली इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम को हरी झंडी, दो दिन ड्राइंग पूरी करने के निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 26 Oct 2018 02:35 PM IST
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इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के तहत कर्मचारियों के लिए फ्लैट निर्माण को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने बैठक की। इसमें चीफ आर्किटेक्ट विभाग को निर्देश दिए गए कि 900 फ्लैट के लिए लंबित पड़ी ड्राइंग को अगले दो दिन में मंजूर करके जमा किया जाए ताकि फ्लैट्स के निर्माण का काम तेजी से कराया जा सके।
हाईकोर्ट ने बीती 23 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान कर्मचारियों के लिए वर्ष 2008 हाउसिंग स्कीम के तहत प्रोजेक्ट निर्माण में देरी के चलते केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन को जमकर फटकार लगाई थी। इस स्कीम के तहत 3930 फ्लैट्स का निर्माण करवाया जाना है। हाईकोर्ट ने कहा था कि अगली सुनवाई में इस प्रोजेक्ट पर डिटेल एफिडेविट फाइल किया जाना चाहिए अन्यथा चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन को खुद पेश होकर 14 नवंबर को सुनवाई के दौरान स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
केंद्र ने लगाई थी रोक
चंडीगढ़ प्रशासन के इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा आपत्ति दर्ज की गई थी, जिस पर केंद्र ने प्रशासन से जवाब मांगा था। प्रशासन द्वारा अपना पक्ष रखा गया था, जिस पर अब केंद्र को जवाब देना है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अजोय कुमार सिन्हा ने बताया कि सेक्टर-53 में 1200 एकड़ जमीन पर 900 फ्लैट्स के निर्माण के लिए आर्किटेक्ट विभाग को ड्राइंग अप्रूव करने के निर्देश दिए हैं। दो माह पहले अप्रूव के लिए आर्किटेक्ट विभाग को ड्राइंग सबमिट की गई थी।
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पांच के बजाय होंगे छह फ्लोर
पहले बोर्ड ने 900 फ्लैट का निर्माण करने का फैसला लिया था। अब इसमें पांच फ्लोर की जगह छह फ्लोर होंगे। पहले 2000 स्क्वेयर फुट के थ्री बेडरूम फ्लैट का निर्माण करने का फैसला था, लेकिन अब 1400 स्क्वेयर फुट के टू बेड रूम फ्लैट और 900 स्क्वेयर फीट के वन बेडरूम फ्लैट होंगे।
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हाईकोर्ट ने बीती 23 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान कर्मचारियों के लिए वर्ष 2008 हाउसिंग स्कीम के तहत प्रोजेक्ट निर्माण में देरी के चलते केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन को जमकर फटकार लगाई थी। इस स्कीम के तहत 3930 फ्लैट्स का निर्माण करवाया जाना है। हाईकोर्ट ने कहा था कि अगली सुनवाई में इस प्रोजेक्ट पर डिटेल एफिडेविट फाइल किया जाना चाहिए अन्यथा चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन को खुद पेश होकर 14 नवंबर को सुनवाई के दौरान स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
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केंद्र ने लगाई थी रोक
चंडीगढ़ प्रशासन के इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा आपत्ति दर्ज की गई थी, जिस पर केंद्र ने प्रशासन से जवाब मांगा था। प्रशासन द्वारा अपना पक्ष रखा गया था, जिस पर अब केंद्र को जवाब देना है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अजोय कुमार सिन्हा ने बताया कि सेक्टर-53 में 1200 एकड़ जमीन पर 900 फ्लैट्स के निर्माण के लिए आर्किटेक्ट विभाग को ड्राइंग अप्रूव करने के निर्देश दिए हैं। दो माह पहले अप्रूव के लिए आर्किटेक्ट विभाग को ड्राइंग सबमिट की गई थी।
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पांच के बजाय होंगे छह फ्लोर
पहले बोर्ड ने 900 फ्लैट का निर्माण करने का फैसला लिया था। अब इसमें पांच फ्लोर की जगह छह फ्लोर होंगे। पहले 2000 स्क्वेयर फुट के थ्री बेडरूम फ्लैट का निर्माण करने का फैसला था, लेकिन अब 1400 स्क्वेयर फुट के टू बेड रूम फ्लैट और 900 स्क्वेयर फीट के वन बेडरूम फ्लैट होंगे।