दादा थे ब्रिटिश सेना में कैप्टन, पोता बना भारतीय वायु सेना प्रमुख
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बरिंदर सिंह धनोआ के वायु सेना प्रमुख बनने की खबर जैसे उनके पैतृक गांव घंड़ूआं पहुंची, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। इस दौरान गांव वालों ने मिठाइयां बांटीं। लोगों का कहना था कि उनके लिए यह गर्व की बात है।
जानकारी के मुताबिक, बरिंदर सिंह धनोआ का जन्म गांव घंड़ूआं में हुआ था। उनके पिता सरयान सिंह आईएएस अधिकारी थे। वहीं 80 के दशक में पंजाब के चीफ सेक्रेटरी के पद पर भी रहे हैं।
इसके बाद पंजाब के गवर्नर के सलाहकार के पद पर भी काम कर चुके हैं। जबकि उनके दादा संत सिंह वर्ल्ड वार-2 में ब्रिटिश आर्मी में कैप्टन के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। धनोआ इंडियन मिलिट्री कॉलेज देहरादून के एलुमनी हैं।
कारगिल युद्ध में दिखा चुके हैं अपना जौहर
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में परिवार का घर व जमीन का कुछ हिस्सा है। गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि बरिंदर शुरू से ही अन्य बच्चों से अलग थे। वह पढ़ाई में काफी होशियार था।
उसने गांव से बाहर जाकर स्टडी की थी। वह काफी मिलनसार और शालीन हैं। जब भी गांव आते हैं तो वह सबसे मिल कर ही जाते हैं।
कारगिल युद्ध में दिखा चुके हैं अपना जौहर
जानकारी के मुताबिक, 1999 में कारगिल युद्ध में वीएस धनोआ ने अहम भूमिका निभाई थी। इसके लिए उन्हें युद्ध सेवा मेडल, वायु सेना मेडल मिला था। इसके अलावा वह अति विशिष्ट सेवा मेडल भी जीत चुके हैं।