फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   government sought for time in court for Mining policy notification

अवैध खनन रोकने के लिए संशोधित माइनिंग पॉलिसी नीति जल्द

Fri, 12 Feb 2016 10:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 12 Feb 2016 10:17 PM IST
विज्ञापन
government sought for time in court for Mining policy notification

पंजाब में अवैध खनन रोकने के लिए संशोधित नीति जल्द ही नोटिफाई कर दी जाएगी। राज्य सरकार ने यह जानकारी अवैध खनन पर रोकथाम की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दी। सरकार ने कहा कि नीति में संशोधन कर लिया गया है। यह संशोधन जल्द ही नोटिफाई कर दिया जाएगा।

विज्ञापन


पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच ने नोटिफिकेशन में देरी पर सख्ती भी दिखाई, लेकिन नोटिफिकेशन के लिए सरकार की समय देने की मांग मंजूर करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी है।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने सख्ती बरतते हुए सरकार को अवैध खनन रोकने के लिए ठोस नीति बनाने का निर्देश दिया था और राज्य सरकार ने यह नीति वर्ष 2014 में बना ली थी, बावजूद इसके अभी तक इसकी नोटिफिकेशन नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मामले में हाईकोर्ट ने एडवोकेट आरएस बैंस और पंजाब के एडवोकेट जनरल अशोक अग्रवाल को बैठक कर पंजाब सरकार को सुझाव देने को कहा था। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब में अवैध खनन की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई थी, लेकिन अवैध खनन में बड़े नामों का खुलासा नहीं हो सका था।


हाईकोर्ट ने कहा था कि कुछ लोगों के खिलाफ महज एफआईआर दर्ज करने से अवैध खनन नहीं रुकेगा, ठोस कार्रवाई की जानी जरूरी है। लिहाजा, खंडपीठ ने पंजाब के एडवोकेट जनरल अशोक अग्रवाल और एडवोकेट आरएस बैंस को बैठक कर इसकी रोकथाम के लिए सुझाव देने का निर्देश दिया था।

इन सुझावों के बाद सरकार ने नई खनन नीति को मंजूरी दी थी, लेकिन यह नीति अभी तक नोटिफाई नहीं हो सकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed