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Chandigarh News: एक्सटेंशन लेक्चरर्स को समान वेतन के लिए सरकार को 30 सितंबर तक की मोहलत
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-बार-बार मोहलत मांगने पर हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट की फटकार
-लाभ नहीं देने पर उच्च शिक्षा विभाग के एसीएस को कोर्ट में रहना होगा हाजिर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एक्सटेंशन लेक्चरर को समान समान काम के लिए समान वेतन का लाभ जारी करने के लिए बार-बार मोहलत मांगने पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने सरकार को अब यह लाभ जारी करने के लिए 30 सितंबर तक की मोहलत दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई तक ऐसा नहीं किया गया तो उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को हाजिर होना होगा।
याचिका दाखिल करते हुए दुष्यंत व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि वे विभिन्न कॉलेजों में एक्सटेंशन लेक्चरर के तौर पर कार्य कर रहे हैं। वह नियमित शिक्षकों के समान काम करते हैं लेकिन वेतन बहुत कम मिलता है। कल्याण सिंह मामले का हवाला देते हुए याचिका में समान काम के लिए समान वेतन की मांग की गई थी। याचिका के जवाब में सरकार ने पिछली सुनवाई पर बताया था कि प्रस्ताव वित्त विभाग में मंजूरी के लिए लंबित है। अब मामला फिर से सुनवाई के लिए पहुंचा तो अभी तक मंजूरी का इंतजार होने की दलील दी गई। हाईकोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह का समय देते हुए यह लाभ जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई 30 सितंबर तक टालते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि यदि तब तक आवश्यक मंजूरी लेकर लाभ नहीं दिया गया तो उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को हाजिर होना होगा।
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-लाभ नहीं देने पर उच्च शिक्षा विभाग के एसीएस को कोर्ट में रहना होगा हाजिर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एक्सटेंशन लेक्चरर को समान समान काम के लिए समान वेतन का लाभ जारी करने के लिए बार-बार मोहलत मांगने पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने सरकार को अब यह लाभ जारी करने के लिए 30 सितंबर तक की मोहलत दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई तक ऐसा नहीं किया गया तो उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को हाजिर होना होगा।
याचिका दाखिल करते हुए दुष्यंत व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि वे विभिन्न कॉलेजों में एक्सटेंशन लेक्चरर के तौर पर कार्य कर रहे हैं। वह नियमित शिक्षकों के समान काम करते हैं लेकिन वेतन बहुत कम मिलता है। कल्याण सिंह मामले का हवाला देते हुए याचिका में समान काम के लिए समान वेतन की मांग की गई थी। याचिका के जवाब में सरकार ने पिछली सुनवाई पर बताया था कि प्रस्ताव वित्त विभाग में मंजूरी के लिए लंबित है। अब मामला फिर से सुनवाई के लिए पहुंचा तो अभी तक मंजूरी का इंतजार होने की दलील दी गई। हाईकोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह का समय देते हुए यह लाभ जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई 30 सितंबर तक टालते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि यदि तब तक आवश्यक मंजूरी लेकर लाभ नहीं दिया गया तो उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को हाजिर होना होगा।
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