फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Government generic medicines are very effective, results of private companies under doubt

Chandigarh: सरकारी जेनरिक दवाएं कारगर, ऋषिकेश एम्स के विशेषज्ञ बोले-निजी कंपनियों के परिणाम शक के घेरे में

Sat, 21 Oct 2023 01:46 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 21 Oct 2023 01:46 AM IST
सार

डॉ. पुनीत का कहना है कि सरकार दवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए नियम कानून बना रही है। केंद्र स्तर पर उसका पालन भी हो रहा है, लेकिन राज्य स्तर पर आते आते स्थिति खराब हो जा रही है। अब भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां जोनल ऑफिसर की तैनाती नहीं है।

विज्ञापन
Government generic medicines are very effective, results of private companies under doubt
generic medicine

विस्तार

जेनरिक दवाओं का असर उसकी निमार्ण कंपनी पर काफी हद तक निर्भर करता है। सरकार जिन जेनेरिक दवाओं का निर्माण अपनी देखरेख में करवा रही है, उसकी गुणवत्ता ब्रांडेड के समान है। लेकिन बाजार में बिक रही सभी जेनेरिक दवाओं को लेकर यह बात नहीं कही जा सकती, क्योंकि निर्माण की प्रक्रिया पर दवाओं की गुणवत्ता निर्भर करती है। यह कहना है ऋषिकेश एम्स के फार्माकोलॉजी विभाग के डॉ. पुनीत जुनेजा का। वह पीजीआई के फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में बतौर वक्ता मौजूद थे।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Chandigarh: ईवी अपनाने में चंडीगढ़ अव्वल, कुल वाहनों में 15 फीसदी इलेक्ट्रिक...राष्ट्रीय औसत सिर्फ छह फीसदी
विज्ञापन


डॉ. पुनीत का कहना है कि सरकार दवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए नियम कानून बना रही है। केंद्र स्तर पर उसका पालन भी हो रहा है, लेकिन राज्य स्तर पर आते आते स्थिति खराब हो जा रही है। अब भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां जोनल ऑफिसर की तैनाती नहीं है। जिलों में ड्रग इंस्पेक्टरों के पद वर्षों से खाली पड़े हैं। एक ही ड्रग इंस्पेक्टर कई जिलों की जिम्मेदारी संभाल रहा है। केंद्र एक नियम बना रहा है, लेकिन राज्यों में वे बदल जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विदेशों से आने वाले माल की गुणवत्ता पर सवाल
गड़बड़ दवाओं पर डॉ. पुनीत का कहना है कि अब भी काफी दवाएं विदेशों से मंगाई जा रही हैं। वहां क्वालिटी कंट्रोल की व्यवस्था लचर है। आने वाले माल के हर बैच की गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कर पाना संभव नहीं है। गड़बड़ी को दूर करने के लिए ही सरकार ने अब सभी दवा कंपनियों के लिए डब्ल्यूएचओ के गुड मैन्यूफैक्चरिंग सर्टिफिकेट को अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए कंपनियों को एक साल का समय दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed