मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए बड़ी राहत
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पंजाब के मेडिकल कालेजों में पंजाब के कोटे से दाखिले के लिए अब राज्य से दसवीं पास होना जरूरी नहीं रहा। पंजाब सरकार ने भी पुराने नियम के मुताबिक ही काउंसलिंग की है।
यह जानकारी कई याचिकाओं पर राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के जस्टिस जी.एस.संधावालिया की बेंच को दी। पंजाब सरकार द्वारा वर्ष 1996 की नोटिफिकेशन के मुताबिक कहीं से भी दसवीं पास छात्र मेडिकल में दाखिले के लिए आवेदन कर सकता था, लेकिन इस साल सात मार्च को नई नोटिफिकेशन जारी कर दी गई।
इस नोटिफिकेशन के तहत राज्य में मेडिकल में दाखिले के लिए पंजाब से दसवीं होना अनिवार्य कर दिया गया था। अब सरकार ने हाईकोर्ट को जानकारी दी है कि मेडिकल सीटों पर काउंसलिंग वर्ष 1996 की नोटिफिकेशन के मुताबिक ही की गई है।
'छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखा जाए'
सरकार ने यह भी कहा है कि प्रदेश के कोटे की 85 फीसदी सीटों पर पहले की भांति ऐसे छात्र दाखिले में आवेदन के योग्य हैं, जो प्रदेश में पांच वर्ष तक रहे हों या फिर उन्होंने दो साल पंजाब के स्कूलों में पढ़ाई की हो।
यह पढ़ाई दसवीं, 11वीं एवं 12वीं की होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ के कई छात्र यहां से दसवीं करके 12वीं पंजाब से करते हैं और पंजाब सरकार की सात मार्च की नोटिफिके शन में मेडिकल दाखिले में दसवीं पंजाब से अनिवार्य किए जाने के कारण वह पंजाब में मेडिकल कोर्स में आवेदन नहीं कर सकते थे।
अब हाईकोर्ट ने सरकार को यह निर्देश भी दिए हैं कि भविष्य में इस वर्ष की भांति कोई बदलाव करते समय छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखा जाए और कोई भी फैसला पिछली तारीख से लागू न किया जाए।