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हरियाणा में 6500 चौकीदारों की छंटनी की तैयारी, स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा में हैं तैनात
Thu, 20 Feb 2020 12:49 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 20 Feb 2020 12:49 AM IST
सार
- पहली अप्रैल से सेवाएं समाप्त करने का मन बना चुका स्वास्थ्य विभाग।
- बजट के अभाव में वेतन से वंचित अनेक विभागों के हजारों कर्मचारी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा सरकार नए वित्तीय वर्ष में स्वास्थ्य महकमे में अनुबंध पर कार्यरत लगभग साढ़े छह हजार चौकीदारों को तगड़ा झटका देने की तैयारी में है। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों इत्यादि की सुरक्षा में कई वर्षों से तैनात इन चौकीदारों को नौकरी से बाहर करने का मन बना लिया गया है। सूत्रों के अनुसार पहली अप्रैल से इन चौकीदारों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इनकी जगह विभाग अस्पतालों में होमगार्ड की सेवाएं लेगा।
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इसकी भनक चौकीदारों को भी लग चुकी है। उन्होंने पहली मार्च को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अंबाला स्थित आवास पर प्रदर्शन करने का एलान कर दिया है। सर्व कर्मचारी संघ चौकीदारों के प्रदर्शन को अपना समर्थन देगा। चौकीदारों ने नौकरी बचाने के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने का भी निर्णय लिया है। प्रदेश के सरकारी विभागों में बजट का भी संकट चल रहा है। जिससे अनेक विभागों में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा। विभागों के पास कर्मचारियों को एलटीसी व टीए का भुगतान करने के लिए भी पर्याप्त राशि नहीं हैं।
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हरियाणा टूरिज्म के करनाल ओएसिस व कर्ण लेक, अंबाला, बड़खल, फरीदाबाद के अलावा होडल में तैनात पर्यटन निगम के कर्मियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। मैगपाई, अरावली गोल्फ क्लब, बड़खल फरीदाबाद, अंबाला, पिंजौर गार्डन, पानीपत, शमा गुरुग्राम, सुलतानपुर, सोहना, धारूहेड़ा, रेवाड़ी व जींद में भी पर्यटन निगम कर्मियों को वेतन देने के लिए बजट नहीं है। लगभग सभी नगर निगमों, परिषदों व नगर पालिकाओं मे दो-तीन महीने बाद कर्मचारियों को वेतन मिल रहा है। जिससे उनमें नाराजगी है।
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आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर्स, आईसीडीएस सुपरवाइजर को भी समय पर वेतन की अदायगी नहीं हो रही। सभी विभागों में डीसी रेट, अनुबंध पर लगे कर्मचारियों को एक से दो महीने बाद ही वेतन मिल पा रहा है। जिससे कर्मचारियों को घर चलाने में दिक्कत हो रही है। आपसी सहमति के आधार पर तबादला कराने वाले रोडवेज के 1100 कर्मचारियों का वेतन भी तीन महीने से रुका हुआ है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान सुभाष लांबा ने कहा कि दर्जनों विभागों में कर्मचारी वेतन न मिलने पर परेशानी से गुजर रहे हैं। सरकार इन कर्मचारियों की जानकारी मंगवाकर वेतन का जल्दी भुगतान कराए।