{"_id":"56f196fa4f1c1bda02f14d31","slug":"governer-solanki-janta-darbar-chandigarh-kaptain-solanki-ut-secretariat-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"सचिवालय में सजेगा कप्तान सोलंकी का दरबार, सुनेंगे शिकायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सचिवालय में सजेगा कप्तान सोलंकी का दरबार, सुनेंगे शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
सोलंकी
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में फिर से प्रशासक का जनता दरबार शुरू करने की तैयारी है। प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी महीने के चुनिंदा दिनों में आम जनता की शिकायतें खुद सुनेंगे। प्रशासन के आला अधिकारी भी जनता दरबार में मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि करीब एक साल से यहां पर प्रशासक का जनता दरबार बंद है। पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव द्वारा प्रशासक के कमरे में शिफ्ट होने के बाद से प्रशासक कभी यूटी सचिवालय में नहीं आए। लोगों की समस्याओं की सुनवाई के लिए जनता दरबार नहीं लग पाया। यूटी सचिवालय की पहली मंजिल पर प्रशासक के लिए कमरा रिजर्व है।
पूर्व प्रशासक लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब, ओपी वर्मा, शिवराज पाटिल महीने के पहले और तीसरे सोमवार को जनता दरबार में लोगों की फरियाद सुनते थे। प्रशासक का कमरा तैयार होने के बाद अप्रैल से जनता दरबार शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। यह कमरा सिर्फ प्रशासक के आने के समय खुलता है और बाकी दिनों बंद रहता है।
विज्ञापन
एडवाइजर फिर लौटेंगे पुराने कमरे में
यूटी सचिवालय की पहली मंजिल पर एडवाइजर और प्रशासक के लिए कमरे रिजर्व हैं, लेकिन साल भर पहले पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव रेनोवेशन के कारण प्रशासक के कमरे में शिफ्ट हो गए थे और एडवाइजर के कमरे को आईएएस अधिकारी विक्रम देव दत्त को दिया गया था। अब फिर से नए सलाहकार परिमल राय एडवाइजर के लिए निर्धारित कमरे में शिफ्ट करेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रशासक और एडवाइजर दोनों के कमरों को तैयार करने के लिए इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
यूटी प्रशासन के विभागों के बटवारे पर माथापच्ची
नए एडवाइजर ने 14 मार्च को ज्वाइनिंग कर ली थी, लेकिन हफ्ते बाद भी अधिकारियों के विभागों के बटवारे पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। पर्सोनल सेक्रेटरी रहे विक्रम देव दत्त की जगह आईएएस अधिकारी केके जिंदल ने ज्वाइनिंग कर ली है, लेकिन उन्हें अब तक विभाग नहीं दिए गए। सूत्रों के अनुसार प्रशासन के कई आईएएस अधिकारियों के विभागों में फेरबदल के साथ ही पीसीएस और एचसीएस अधिकारियों के विभागों में भी फेरबदल हो सकता है। डायरेक्टर हायर एजुकेशन का चार्ज किसी आईएएस अधिकारी को देने की भी चर्चा चल रही है। अभी यह विभाग डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रूबिंदरजीत सिंह बराड़ के पास है। डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन (डीपीआर) के पास भी 7-8 विभागों का चार्ज है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि करीब एक साल से यहां पर प्रशासक का जनता दरबार बंद है। पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव द्वारा प्रशासक के कमरे में शिफ्ट होने के बाद से प्रशासक कभी यूटी सचिवालय में नहीं आए। लोगों की समस्याओं की सुनवाई के लिए जनता दरबार नहीं लग पाया। यूटी सचिवालय की पहली मंजिल पर प्रशासक के लिए कमरा रिजर्व है।
विज्ञापन
पूर्व प्रशासक लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब, ओपी वर्मा, शिवराज पाटिल महीने के पहले और तीसरे सोमवार को जनता दरबार में लोगों की फरियाद सुनते थे। प्रशासक का कमरा तैयार होने के बाद अप्रैल से जनता दरबार शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। यह कमरा सिर्फ प्रशासक के आने के समय खुलता है और बाकी दिनों बंद रहता है।
विज्ञापन
एडवाइजर फिर लौटेंगे पुराने कमरे में
यूटी सचिवालय की पहली मंजिल पर एडवाइजर और प्रशासक के लिए कमरे रिजर्व हैं, लेकिन साल भर पहले पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव रेनोवेशन के कारण प्रशासक के कमरे में शिफ्ट हो गए थे और एडवाइजर के कमरे को आईएएस अधिकारी विक्रम देव दत्त को दिया गया था। अब फिर से नए सलाहकार परिमल राय एडवाइजर के लिए निर्धारित कमरे में शिफ्ट करेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रशासक और एडवाइजर दोनों के कमरों को तैयार करने के लिए इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
यूटी प्रशासन के विभागों के बटवारे पर माथापच्ची
नए एडवाइजर ने 14 मार्च को ज्वाइनिंग कर ली थी, लेकिन हफ्ते बाद भी अधिकारियों के विभागों के बटवारे पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। पर्सोनल सेक्रेटरी रहे विक्रम देव दत्त की जगह आईएएस अधिकारी केके जिंदल ने ज्वाइनिंग कर ली है, लेकिन उन्हें अब तक विभाग नहीं दिए गए। सूत्रों के अनुसार प्रशासन के कई आईएएस अधिकारियों के विभागों में फेरबदल के साथ ही पीसीएस और एचसीएस अधिकारियों के विभागों में भी फेरबदल हो सकता है। डायरेक्टर हायर एजुकेशन का चार्ज किसी आईएएस अधिकारी को देने की भी चर्चा चल रही है। अभी यह विभाग डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रूबिंदरजीत सिंह बराड़ के पास है। डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन (डीपीआर) के पास भी 7-8 विभागों का चार्ज है।