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कपूरथला: जिम के बाद गोल्डन संधर शुगर मिल की संपत्ति जब्त, किसानों को भुगतान न करने से जुड़ा मामला

Fri, 16 Sep 2022 08:09 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 16 Sep 2022 08:09 PM IST
सार

पंजाब सरकार गन्ना किसानों को 50 करोड़ 33 लाख रुपये के बकाया मिलों से दिलवाने की पूरी कोशिश कर रही है और यही वजह है कि सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को एक-एक पैसा देने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और जरूरत अनुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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Golden Sandhar Sugar Mill property attached after gym in Punjab
गोल्डन संधर शुगर मिल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गोल्ड जिम फगवाड़ा की कुर्की के बाद कपूरथला जिला प्रशासन ने और सख्त तेवर दिखाते हुए मेसर्स गोल्डन संधर शुगर मिल को भी कुर्क कर दिया है। मिल की जमीन के अलावा सभी प्लांट, मशीनरी, बिजली उत्पादन संयंत्र, ढांचा, भवन, यार्ड, रिहायशी एरिया, वाहन, चल-अचल संपत्ति और भौतिक वस्तुएं पंजाब सरकार के माध्यम से कलेक्टर कपूरथला के पक्ष में तत्काल प्रभाव से अटैच कर दी गई हैं। 

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कुर्की मिल की भूमि पर लागू नहीं है, क्योंकि यह भूमि महाराजा कपूरथला जगतजीत सिंह (वर्तमान में पंजाब सरकार) के मालिकाना अधिकार में है और केवल चीनी मिल के लिए शर्तों के अधीन दी जाती है। डीसी कपूरथला विशेष सारंगल ने कहा कि कई किसानों ने अपनी गन्ने की फसल तत्कालीन वाहद संधर शुगर मिल मौजूदा गोल्डन संधर शुगर मिल को बेच दी थी लेकिन वर्ष 2019-20 से मिल ने किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया है।
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इससे जहां किसानों के हित बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, वहीं पंजाब सरकार, जिला प्रशासन और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मिल की हरियाणा की भूना तहसील में लगभग 150 एकड़ जमीन थी। उसकी बिक्री से लगभग 23.76 करोड़ रुपये मिले हैं। यह रकम किसानों को दी जाएगी।

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Golden Sandhar Sugar Mill property attached after gym in Punjab

किसानों की सूची केन कमिश्नर को भेज दी गई है और भुगतान की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन ने पिछले दिनों सूबे के 22 जिलों के डीसी को को पत्र लिखकर मिल की संपत्तियों को अटैच कर किसानों का बकाया भुगतान करने के बारे में लिखा था।

उन्होंने कहा कि तहसीलदार फगवाड़ा ने 12 सितंबर 2022 तक दी गई रिपोर्ट के अनुसार कहा गया है कि मिल पर किसानों का लगभग 50 करोड़ 33 लाख रुपये बकाया है। मगर मिल मालिकों ने किसानों को भुगतान में कोई सहयोग नहीं दिया। इससे मिल मालिकों की जमीन, जायदाद पंजाब सरकार के माध्यम से पंजाब राजस्व एक्ट 1887 की धारा 72 को लागू कर कलेक्टर कपूरथला के पक्ष में कुर्क करना जरूरी है। 

डीसी ने कहा कि उपरोक्त सभी तथ्यों के आधार पर एसडीएम फगवाड़ा ने डिफाल्टर मिल मालिकों से बकाया रकम की वसूली के लिए गोल्डन संधर शुगर मिल लिमिटेड फगवाड़ा के सभी प्लांट, मशीनरी, बिजली उत्पादन प्लांट, ढांचा, इमारत, यार्ड, रिहायशी क्षेत्र, वाहन, चल-अचल संपत्ति और भौतिक वस्तुओं को पंजाब सरकार के माध्यम से कलेक्टर कपूरथला के पक्ष में तत्काल प्रभाव से अटैच किया है। 

पंजाब सरकार गन्ना किसानों को 50 करोड़ 33 लाख रुपये के बकाया मिलों से दिलवाने की पूरी कोशिश कर रही है और यही वजह है कि सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को एक-एक पैसा देने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और जरूरत अनुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इससे पहले गुरुवार को जिला प्रशासन ने मिल मालिकों के बस स्टैंड फगवाड़ा के समीप स्थित गोल्ड जिम को भी कुर्क किया गया था।

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