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मेडिकल कॉलेज बनने के साथ जीएमएसएच-16 जा सकता है पीपीपी मोड पर
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चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 के प्रस्तावित मेडिकल कालेज को पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप (पीपीपी) के जरिए चलाने की तैयारी है। नीति आयोग की इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने तैयारी भी कर ली है।
दरअसल, यूटी प्रशासन ने जीएमएसएच-16 को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज बनाने का प्रस्ताव बनाया था। इसमें एमबीबीएस की 100 सीटें होगी। इस कालेज को चलाने के लिए बड़े स्तर पर फैकल्टी की आवश्यकता पड़ेगी, जिसे पूरा कर पाना आसान नहीं होगा। ऐसे में प्रस्तावित मेडिकल कालेज को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी है। यदि ऐसा होता है तो हेल्थ क्षेत्र की कंपनी मेडिकल कालेज की स्थापना करने के साथ ओपीडी का भी संचालन करेगी। यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि उन्होंने 100 एमबीबीएस सीटों के साथ जीएमएसएच-16 को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज बनाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन बाद में पता चला कि एक नई योजना आ रही है, जिसमें जिला अस्पतालों को पीपीडी मोड में बदला जा सकता है। इस संबंध में जल्द ही एक बैठक होने वाली है। उस बैठक के बाद ही सबकुछ तय होगा।
कोरोना टीकाकरण के लिए सभी अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश
शहर में कोरोना की रोकथाम के लिए यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहर के सभी चिकित्सा संस्थानों से कोविड-19 टीकाकरण की तैयारियों को जारी रखने का अनुरोध किया है। समीक्षा बैठक में बदनौर ने यह भी कहा कि प्रत्येक अस्पताल में कोविड की निगरानी के लिए एक विशेष सेल होनी चाहिए। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वह होम क्वारंटीन में रहने वाले रोगियों पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। इस दौरान उन्होंने इस बात पर संतुष्टि जाहिर की कि त्योहारों के मौसम में कोविड के मामलों में कोई खास वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने निवासियों से अपील की कि वह कोविड-19 से बचाव के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल का पालन जारी रखें। बैठक में उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि यूटी प्रशासन ने कोविड के मानदंडों का उल्लंघन करने पर अब तक 32 हजार लोगों का चालान काट चुकी है। इस दौरान मेडिकल कालेज के पूर्व निदेशक डा. बीएस चवन के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अंतिम सांस तक उन्होंने अपने कर्तव्य का पूरी ईमानदारी के साथ पालन किया।
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दरअसल, यूटी प्रशासन ने जीएमएसएच-16 को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज बनाने का प्रस्ताव बनाया था। इसमें एमबीबीएस की 100 सीटें होगी। इस कालेज को चलाने के लिए बड़े स्तर पर फैकल्टी की आवश्यकता पड़ेगी, जिसे पूरा कर पाना आसान नहीं होगा। ऐसे में प्रस्तावित मेडिकल कालेज को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी है। यदि ऐसा होता है तो हेल्थ क्षेत्र की कंपनी मेडिकल कालेज की स्थापना करने के साथ ओपीडी का भी संचालन करेगी। यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि उन्होंने 100 एमबीबीएस सीटों के साथ जीएमएसएच-16 को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज बनाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन बाद में पता चला कि एक नई योजना आ रही है, जिसमें जिला अस्पतालों को पीपीडी मोड में बदला जा सकता है। इस संबंध में जल्द ही एक बैठक होने वाली है। उस बैठक के बाद ही सबकुछ तय होगा।
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कोरोना टीकाकरण के लिए सभी अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश
शहर में कोरोना की रोकथाम के लिए यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहर के सभी चिकित्सा संस्थानों से कोविड-19 टीकाकरण की तैयारियों को जारी रखने का अनुरोध किया है। समीक्षा बैठक में बदनौर ने यह भी कहा कि प्रत्येक अस्पताल में कोविड की निगरानी के लिए एक विशेष सेल होनी चाहिए। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वह होम क्वारंटीन में रहने वाले रोगियों पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। इस दौरान उन्होंने इस बात पर संतुष्टि जाहिर की कि त्योहारों के मौसम में कोविड के मामलों में कोई खास वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने निवासियों से अपील की कि वह कोविड-19 से बचाव के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल का पालन जारी रखें। बैठक में उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि यूटी प्रशासन ने कोविड के मानदंडों का उल्लंघन करने पर अब तक 32 हजार लोगों का चालान काट चुकी है। इस दौरान मेडिकल कालेज के पूर्व निदेशक डा. बीएस चवन के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अंतिम सांस तक उन्होंने अपने कर्तव्य का पूरी ईमानदारी के साथ पालन किया।
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