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जीएमसीएच-32 का सुरक्षाकर्मी टीके की दूसरी खुराक लेने के एक माह बाद संक्रमित
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चंडीगढ़। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में तैनात सुरक्षाकर्मी कोरोना टीके की दूसरी खुराक लेने के एक माह बाद संक्रमित हो गया। वह निदेशक कार्यालय के बाहर तैनात था। हालांकि, जानकारों का कहना है कि टीकाकरण के बाद भी कोई व्यक्ति संकमित हो सकता है, लेकिन टीके से बीमारी का प्रभाव कम हो जाता है।
सुरक्षाकर्मी राजेंद्र वर्मा (55) ने टीकाकरण के पहले ही चरण में 16 जनवरी को टीका लगवाया था। उसके बाद 13 फरवरी को दूसरी खुराक ली। टीके के बाद स्थिति ठीक रही। कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ। बीते शुक्रवार को अचानक बुखार आया और खांसी होने लगी। कोरोना का शक हुआ तो वह मेडिकल कॉलेज जांच कराई। रविवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वह कुछ परेशान हुए, लेकिन घर पर जाकर क्वारंटीन हो गए। इलाज चल रहा है। सुरक्षाकर्मी ने बताया कि अभी हल्का बुखार है। अधिक परेशानी नहीं है। घर पर क्वारंटीन हैं।
टीकाकरण के बाद भी लोग सावधानी बरतें
पीजीआई में कोविशिल्ड वैक्सीन परीक्षण की मुख्य जांचकर्ता डा. मधु गुप्ता ने बताया कि जीएमसीएच-32 टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक चावला के मुताबिक टीकाकरण के बाद भी हम लोगों को कोविड बचाव के लिए एहतियात बरतने को कहते हैं। वैक्सीन प्रभावी है। वैक्सीन पर सवाल नहीं खड़े किए जा सकते, जब तक बड़ी संख्या में ऐसे केस न मिलें। अध्ययन में पता चला है कि टीकाकरण के कारण कोरोना से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि टीके के बाद भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो सकता है। टीका बीमारी की गंभीरता को कम करता है। साथ ही मौत का आंकड़ा स्थिर बनाता है। टीका जिस व्यक्ति को लगता है और अगर वह व्यक्ति वायरस के संपर्क में आता है तो वह पॉजिटिव हो सकता है। सांस के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश करता है। उनमें से कई वायरस बेअसर हो जाते हैं और कुछ जीवित रहते हैं। एंटीबॉडी का असर हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है, लेकिन टीके पर सवाल नहीं खड़े किए जा सकते। टीका पूरी तरह सुरक्षित है ओर वह कोरोना से बचा रहा है।
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सुरक्षाकर्मी राजेंद्र वर्मा (55) ने टीकाकरण के पहले ही चरण में 16 जनवरी को टीका लगवाया था। उसके बाद 13 फरवरी को दूसरी खुराक ली। टीके के बाद स्थिति ठीक रही। कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ। बीते शुक्रवार को अचानक बुखार आया और खांसी होने लगी। कोरोना का शक हुआ तो वह मेडिकल कॉलेज जांच कराई। रविवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वह कुछ परेशान हुए, लेकिन घर पर जाकर क्वारंटीन हो गए। इलाज चल रहा है। सुरक्षाकर्मी ने बताया कि अभी हल्का बुखार है। अधिक परेशानी नहीं है। घर पर क्वारंटीन हैं।
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टीकाकरण के बाद भी लोग सावधानी बरतें
पीजीआई में कोविशिल्ड वैक्सीन परीक्षण की मुख्य जांचकर्ता डा. मधु गुप्ता ने बताया कि जीएमसीएच-32 टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक चावला के मुताबिक टीकाकरण के बाद भी हम लोगों को कोविड बचाव के लिए एहतियात बरतने को कहते हैं। वैक्सीन प्रभावी है। वैक्सीन पर सवाल नहीं खड़े किए जा सकते, जब तक बड़ी संख्या में ऐसे केस न मिलें। अध्ययन में पता चला है कि टीकाकरण के कारण कोरोना से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि टीके के बाद भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो सकता है। टीका बीमारी की गंभीरता को कम करता है। साथ ही मौत का आंकड़ा स्थिर बनाता है। टीका जिस व्यक्ति को लगता है और अगर वह व्यक्ति वायरस के संपर्क में आता है तो वह पॉजिटिव हो सकता है। सांस के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश करता है। उनमें से कई वायरस बेअसर हो जाते हैं और कुछ जीवित रहते हैं। एंटीबॉडी का असर हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है, लेकिन टीके पर सवाल नहीं खड़े किए जा सकते। टीका पूरी तरह सुरक्षित है ओर वह कोरोना से बचा रहा है।
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