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Chandigarh News: जीएमसीएच-32 प्रशासन का एक ही जवाब, जांच चल रही

Sun, 20 Aug 2023 02:00 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Aug 2023 02:00 AM IST
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GMCH-32 administration has only one answer, investigation is going on
चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में एक के बाद एक नई गड़बड़ी सामने आ रही है। वहीं, अस्पताल प्रशासन हर बार जांच की दलील देता आ रहा है लेकिन जांच पूरी होने का नाम नहीं ले रही। हाल ही में नर्सिंग भर्ती घोटाला और जेनेटिक्स विभाग के एक्सपायरी किट से जुड़े घटनाक्रम की बात करें तो अभी जांच जारी है। ये जवाब महीनों से दिया जा रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल प्रशासन नर्सिंग भर्ती मामले में तो अभ्यर्थियों को कंप्यूटर सर्टिफिकेट जारी करने वाले संस्थानों को तीन महीने से पत्र ही लिख रहा है। उसका जवाब अब तक नहीं मिल सका। वहीं एक्सपायरी किट मामले में बिना जांच पूरी किए ही संविदा पर तैनात 5 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसका विरोध होने पर उन कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखा गया है।
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नर्सिंग मामले में तीन सलाखों के पीछे
नर्सिंग अफसर भर्ती मामले में अब तक पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों जेल में हैं। उनमें एक अभ्यर्थी, एक नकली अभ्यर्थी और एक एजेंट शामिल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह मामला 19 अप्रैल 2023 को सामने आया था। इसमें एक के बाद एक नई परतें खुलती गईं। अंत में अस्पताल प्रशासन को चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच का आदेश देना पड़ा। वहीं, दो बार जांच कमेटी भी बनाई जा चुकी है लेकिन सच्चाई अब तक सामने नहीं आई है।
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किट मामले में खुद स्वीकार की गड़बड़ी
जीएमसीएच-32 प्रशासन खुद यह बात स्वीकार कर चुका है कि 2016 से 2021 तक हजारों नवजातों और गर्भवती महिलाओं पर एक्सपायरी टेस्ट किट का इस्तेमाल किया गया था। बताया गया है कि एक्सपायरी किट से 45,056 टेस्ट किए गए थे। टेस्ट कराने वालों में 8736 गर्भवती महिलाएं और 36,330 नवजात थे। हर किट से लगभग 90 टेस्ट किए गए थे। नवजात बच्चों के 17600 G6PD, 18720 सीएएच टेस्ट किए गए थे। एक्सपायरी किट से जांच करने के बाद मरीजों से उसके पैसे भी लिए गए थे।
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तीन साल से जांच अधर में

सूत्रों का कहना है कि मामला सामने आने के बाद उस दौरान विभाग के कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई थी लेकिन विदेशी कंपनी से मोटे कमिशन पर किट खरीद होने के करण मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इसके चलते अब तक दोषी बचे हुए हैं। वहीं उस दौरान मामले में स्वास्थ्य सचिव ने भी रिकॉर्ड मांगे थे लेकिन उसके बाद आगे क्या कार्रवाई हुई, इसके बारे में किसी को कुछ पता नहीं है।

कार्यालय बंद होने के कारण जांच रिपोर्ट की प्रगति के बारे में जानकारी नहीं दे सकता। दोनों ही मामलों में जांच जारी है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32
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