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Chandigarh News: बेटियों ने लहराया परचम, दसवीं-बारहवीं दोनों में लड़कों को पछाड़ा
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चंडीगढ़। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से जारी दसवीं और बारहवीं दोनों के परिणामों में चंडीगढ़ की बेटियां बेटों से आगे रहीं। दसवीं में 82.01 प्रतिशत लड़कियां पास हुईं जबकि लड़कों का पासिंग प्रतिशत 79.84 रहा। वहीं, बारहवीं में लड़कियों का पासिंग प्रतिशत 89.02 प्रतिशत और लड़कों के पासिंग प्रतिशत 83.50 रहा। बोर्ड परीक्षा के परिणामों में चंडीगढ़ का ओवरऑल प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। बारहवीं में देशभर के 38 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में चंडीगढ़ ने 86.04 पासिंग प्रतिशत के साथ 26वां स्थान हासिल किया है। वहीं, दसवीं में चंडीगढ़ देशभर में 35वें स्थान पर रहा है। दसवीं में चंडीगढ़ का ओवरऑल पासिंग प्रतिशत 80.86 रहा है। वहीं दसवीं में टॉप करने वाले राज्य आंध्र प्रदेश का पासिंग प्रतिशत 99.56 है।
चंडीगढ़ में बारहवीं कक्षा के कुल 22788 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें 12347 लड़के और 10441 लड़कियां शामिल थीं। इनमें से कुल 22588 बोर्ड परीक्षा में बैठे थे, जिनमें 12214 लड़के और 10374 लड़कियां शामिल थीं। परीक्षा में कुल 19434 विद्यार्थी सफल हुए हैं। इसमें लड़कियों का पासिंग प्रतिशत 89.02 प्रतिशत और लड़कों के पासिंग प्रतिशत 83.50 रहा है। बारहवीं के परिणाम में लक्षद्वीप ने 100 पासिंग प्रतिशत के साथ पहला स्थान पाया है, हालांकि लक्षद्वीप में बारहवीं के कुल 24 विद्यार्थियों ने ही परीक्षा दी थी। इसके बाद केरल के 40,525 विद्यार्थियों ने बारहवीं की बोर्ड परीक्षा पास की है और राज्य का पासिंग प्रतिशत 99.91 देश में सर्वोच्च रहा है।
बारहवीं की बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी से 5 अप्रैल तक आयोजित की गई थी।
वहीं, दसवीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 19393 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 10290 लड़के और 9103 लड़कियां थीं। इनमें से 19187 विद्यार्थी बोर्ड की परीक्षा में बैठे, जिसमें 10182 लड़के और 9005 लड़कियां शामिल थीं। इनमें से कुल 15514 विद्यार्थी पास हुए। इसमें लड़कियों का पासिंग प्रतिशत 82.01 और लड़कों का पासिंग प्रतिशत 79.84 रहा। शहर में सरकारी स्कूलों का पासिंग प्रतिशत 70.47, निजी स्कूलों का पासिंग प्रतिशत 97, जवाहर नवोदय विद्यालय का पासिंग प्रतिशत 100 और केंद्रीय विद्यालय का पासिंग प्रतिशत 99.59 प्रतिशत रहा है। चंडीगढ़ के बाद सिक्किम का सबसे कम पासिंग प्रतिशत 61.73 और अरुणाचल प्रदेश का पासिंग प्रतिशत 53.06 रहा है। दसवीं की परीक्षा बोर्ड की ओर से 15 फरवरी से 21 मार्च तक आयोजित करवाई गई थी।
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चंडीगढ़ में बारहवीं कक्षा के कुल 22788 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें 12347 लड़के और 10441 लड़कियां शामिल थीं। इनमें से कुल 22588 बोर्ड परीक्षा में बैठे थे, जिनमें 12214 लड़के और 10374 लड़कियां शामिल थीं। परीक्षा में कुल 19434 विद्यार्थी सफल हुए हैं। इसमें लड़कियों का पासिंग प्रतिशत 89.02 प्रतिशत और लड़कों के पासिंग प्रतिशत 83.50 रहा है। बारहवीं के परिणाम में लक्षद्वीप ने 100 पासिंग प्रतिशत के साथ पहला स्थान पाया है, हालांकि लक्षद्वीप में बारहवीं के कुल 24 विद्यार्थियों ने ही परीक्षा दी थी। इसके बाद केरल के 40,525 विद्यार्थियों ने बारहवीं की बोर्ड परीक्षा पास की है और राज्य का पासिंग प्रतिशत 99.91 देश में सर्वोच्च रहा है।
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बारहवीं की बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी से 5 अप्रैल तक आयोजित की गई थी।
वहीं, दसवीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 19393 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 10290 लड़के और 9103 लड़कियां थीं। इनमें से 19187 विद्यार्थी बोर्ड की परीक्षा में बैठे, जिसमें 10182 लड़के और 9005 लड़कियां शामिल थीं। इनमें से कुल 15514 विद्यार्थी पास हुए। इसमें लड़कियों का पासिंग प्रतिशत 82.01 और लड़कों का पासिंग प्रतिशत 79.84 रहा। शहर में सरकारी स्कूलों का पासिंग प्रतिशत 70.47, निजी स्कूलों का पासिंग प्रतिशत 97, जवाहर नवोदय विद्यालय का पासिंग प्रतिशत 100 और केंद्रीय विद्यालय का पासिंग प्रतिशत 99.59 प्रतिशत रहा है। चंडीगढ़ के बाद सिक्किम का सबसे कम पासिंग प्रतिशत 61.73 और अरुणाचल प्रदेश का पासिंग प्रतिशत 53.06 रहा है। दसवीं की परीक्षा बोर्ड की ओर से 15 फरवरी से 21 मार्च तक आयोजित करवाई गई थी।
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