ICSE 12th Result 2022: ट्राइसिटी में लड़कियां छाईं, मेडिकल स्ट्रीम में आकांक्षा ने किया टॉप
ह्यूमैनिटिज में 98.50 प्रतिशत अंक लेने वाली स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाईस्कूल की छात्रा अमृत कंप्यूटर साइंस और साइकोलॉजी में कॅरिअर बनाना चाहती हैं। उनका कहना है कि कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के साथ साइकोलॉजी में बैचलर्स करने का फैसला लिया है। उनका फोकस कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग पर रहेगा।
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आईसीएसई की ओर से रविवार को 12वीं का परिणाम जारी कर दिया गया। चंडीगढ़ के स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाईस्कूल की छात्रा महक और वाईपीएस मोहाली की आफरीन कौर ने 97 प्रतिशत अंक लेकर संयुक्त रूप से नॉन मेडिकल में ट्राइसिटी टॉप किया है। ह्यूमैनिटिज में 98.50 प्रतिशत अंक लेकर स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाईस्कूल की छात्रा अमृत सिंह ने ट्राइसिटी में पहला स्थान हासिल किया है।
कॉमर्स स्ट्रीम में वाईपीएस स्कूल मोहाली की छात्रा शुभरीत कौर ने 96.75 प्रतिशत अंक लेकर ट्राइसिटी में पहला स्थान पाया है। वहीं वाईपीएस स्कूल मोहाली की छात्रा आकांक्षा मालगे ने 95.75 प्रतिशत लेकर मेडिकल स्ट्रीम में ट्राइसिटी टॉपर रहीं। उधर, वाईपीएस स्कूल मोहाली के छात्र आदर्श प्रताप सिंह ढांडा ने ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में 98.25 प्रतिशत अंक लेकर ट्राइसिटी में दूसरे स्थान पर रहे।
हेल्थ इकोनॉमिक्स में कॅरिअर बनाना चाहती हैं महक
नॉन मेडिकल में 97 फीसदी अंक लेने वाली स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाईस्कूल की छात्रा महक हेल्थ इकोनॉमिस्ट बनना चाहती हैं। वह चंडीगढ़ के सेक्टर-24 में रहती हैं। महक ने 500 में से 480 अंक लिए हैं। बारहवीं में गणित, इकोनॉमिक्स, बायोलॉजी, फिजिक्स और अंग्रेजी उनका विषय था। महक ने बताया कि वह परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई करती थीं।
परीक्षा का कभी तनाव नहीं लिया। संगीत सुनना, पेंटिंग, डांस करने के अलावा बैडमिंटन और स्वीमिंग में रुचि रखती हैं। पढ़ाई के बीच समय निकाल कर शहर में पेंटिंग एग्जीबिशन में भी हिस्सा लिया। उनके पिता डॉ. राजेश विजयवर्गीय पीजीआई में कॉर्डियोलॉजिस्ट और माता डॉ. अनुपम विजयवर्गीय पंजाब यूनिवर्सिटी में पैथोलॉजिस्ट हैं। महक ने बताया कि हेल्थ इकोनॉमिस्ट विषय पर भारत में कम कोर्स हैं, इसलिए यूएसए की यूनिवर्सिटियों के लिए आवेदन किए हैं।
कंप्यूटर साइंस और साइकोलॉजी में बनाना है कॅरिअर: अमृत
ह्यूमैनिटिज में 98.50 प्रतिशत अंक लेने वाली स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाईस्कूल की छात्रा अमृत कंप्यूटर साइंस और साइकोलॉजी में कॅरिअर बनाना चाहती हैं। उनका कहना है कि कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के साथ साइकोलॉजी में बैचलर्स करने का फैसला लिया है। उनका फोकस कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग पर रहेगा।
अशोका यूनिवर्सिटी में दाखिला भी ले लिया है। बोर्ड के लिए सेल्फ स्टडी की थी, पढ़ाई को कभी तनाव की तरह नहीं लिया। वह स्कूल बैंड का हिस्सा थीं। चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थी। इसी बीच प्यानो, गिटार और बेस प्यानो को समय देती थीं। सेक्टर-19 में रहने वाले उनके पिता विक्रमजीत सिंह कॉलमनिस्ट और माता हिमानी सरीन सिंह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। बड़ा भाई अधिराज सिंह सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट है।
सेना में जाना चाहती हैं शुभरीत कौर
कॉमर्स स्ट्रीम में 96.75 प्रतिशत अंक लेने वाली वाईपीएस स्कूल मोहाली की शुभप्रीत कौर सेना में जाना चाहती हैं। शुभप्रीत ने कहा कि सेना में जाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। सेना के शिक्षण संस्थान में दाखिला हो गया है। अगस्त में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। कोविड काल के दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन में पढ़ाई से पूरा शेड्यूल खराब हो गया था लेकिन माता-पिता ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया है। इस आधार पर मैंने 2019 में राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबाल स्पर्धा में हिस्सा लिया। घुड़सवारी करना बेहद पसंद है।
डॉक्टर बनना चाहती हैं आकांक्षा
मेडिकल स्ट्रीम में 95.75 प्रतिशत अंक लेने वाली वाईपीएस स्कूल मोहाली की छात्रा आकांक्षा मालगे डॉक्टर बनना चाहती हैं। आकांक्षा ने बताया कि जो क्लास रूम में होता था, उस समय क्लास पर पूरा फोकस रहता था। उनके क्लास में 17 स्टूडेंट थे। पढ़ाई के लिए हमने एक-दूसरे की खूब मदद की। 11वीं में ऑनलाइन पढ़ाई होने से 12वीं में काफी मुश्किल आई। अभी मैंने नीट की परीक्षा दी है। आकांक्षा की मां अध्यापिका और पिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनके भाई ने भौतिक विज्ञान विषय में काफी मदद की। -आकांक्षा मालगे, मेडिकल, वाईपीएस स्कूल, मोहाली
एरोनोटिकल इंजीनियरिंग में बनाना है भविष्य: आफरीन
नॉन मेडिकल में 97 फीसदी अंक लेने वाली आफरीन कौर एरोनोटिकल इंजीनियरिंग में भविष्य बनाना चाहती हैं। आफरीन ने रोज तीन से चार घंटे एकाग्रता और निष्ठा के साथ पढ़ाई की। कोविड काल में पढ़ाई में जो दिक्कत आई, उसमें अध्यापकों ने मदद किया। वकालत के पेशे में जाने की भी इच्छा है। - आफरीन कौर, नॉन-मेडिकल, वाईपीएस, मोहाली।
पढ़ाई में सर्वोत्तम देना ही लक्ष्य
ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में 98.25 प्रतिशत अंक लेने वाले वाईपीएस स्कूल मोहाली के छात्र आदर्श प्रताप सिंह ढांडा ने कहा कि पढ़ाई में सर्वोत्तम देना ही उनका लक्ष्य है। हमेशा गंभीरता से पढ़ाई की। परीक्षा में मेरे भाई ने काफी मदद की। कोविड काल में मां ने मेरा हौसला बढ़ाया। -आदर्श प्रताप सिंह ढांडा, ह्यूमैनिटीज, वाईपीएस स्कूल मोहाली।