छात्राओं को मिलेगा लैपटॉप और साइकिल
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यूटी प्रशासन की ओर से गरीब परिवारों की कालेज छात्राओं को लेपटॉप और स्कूली छात्राओं को साइकिल दी जाएगी। इसके लिए यूटी प्रशासन ने स्कूल और कालेजों से डाटा मांगा है। यूटी प्रशासन को मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए 10 करोड़ रुपये छात्राओं के लिए बनाई गई चार अलग अलग योजनाओं के लिए मिले हैं।
इसमें लेपटॉप के लिए एक करोड़ और साइकिलों के लिए दो करोड़ रुपये शामिल हैं। कालेजों और स्कूलों से डाटा आने के बाद स्क्रीनिंग के लिए कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी ही उन पात्र छात्राओं की लिस्ट तैयार करेगी, जिन्हें लेपटॉप और साइकिल दी जाएगी। योजना के मुताबिक स्कूलों से 11वीं और 12वीं की छात्राओं को ही साइकिल दी जाएगी।
इन सभी योजनाओं के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट-2013 के तहत ही लाभार्थियों की पहचान की जाएगी। इसके तहत डेढ़ लाख रुपये वार्षिक से कम कमाने वाले परिवार को ही आर्थिक तौर पर गरीब को माना जाएगा। महीने की आय 12500 रुपये से ज्यादा न हो।
महिला सशक्तीकरण वर्ष के तहत स्कीम
चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2014 को महिला सशक्तीकरण वर्ष घोषित किया है। इसी के तहत विभिन्न योजनाओं के लिए यूटी के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रशासन को बजट में 10 करोड़ रुपये दिए हैं।
लेपटॉप और साइकिल के अलावा गरीब परिवार की छात्राओं के लिए कंप्रीहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम लांच की जा रही है, इसके लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान यूटी के बजट में किया गया है। इस योजना के तहत छात्राओं को एक लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाएगा।
इसके अलावा बजट में ‘हमारी बेटी’ योजना के लिए 6 करोड़ रुपये मिले हैं। इस योजना के तहत सरकारी अस्पताल में पैदा होने वाली गरीब परिवार की हर बेटी के नाम खाता खोलकर उसमें 40 हजार रुपये की एफडी कराई जाएगी। लड़की के 18 साल की होने पर कुल तीन लाख की राशि उसे मिलेगी।
पिछले वित्त वर्ष की तुलना में मिला है कम पैसा
पिछले वित्त वर्ष की तुलना में प्रशासन को इस बार प्लान बजट में कम पैसा मिला है। प्रशासन को जो पैसा प्लान बजट में मिला था उसे प्रशासन खर्च नहीं कर पाया।
इसलिए प्रशासन के प्लान बजट में कटौती कर दी गई। यूटी प्रशासन को पिछले कुछ सालों से शहर के कई ऐसे प्रोजेक्टों के लिए बजट में पैसा मिल रहा है जो अभी तक कागजों में ही हैं। वीरवार को घोषित हुए चंडीगढ़ के बजट में कई ऐसे प्रोजेक्टों के लिए पैसा मंजूर हुआ है जो कि वर्षों पहले प्रशासन ने तैयार किए थे।