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शाबाश! आज भी जिंदा है ईमानदारी, पढ़ें मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी
Updated Mon, 08 Jun 2015 11:20 AM IST
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मिसाल पेश करते हुए एक छात्रा ने दो लाख रुपये लौटा कर साबित किया है कि आज भी लोगों में ईमानदारी जिंदा है। बीए फाइनल की छात्रा को लावारिस हालत में एक बैग मिला। बैग में दो लाख रुपये की नगदी व अन्य कागजात थे।
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दो लाख की नगदी भी छात्रा व उसके पति की ईमानदारी को नहीं डगमगा पाए और दोनों ने बैग के मालिक से संपर्क साध रुपये लौटा दिए। बैग मिलने के बाद फौजी ने भी राहत की सांस ली और इनाम के तौर पर छात्रा को कुछ राशि देनी चाहिए, मगर छात्रा ने इंकार कर दिया।
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बीए फाइनल की छात्रा सुमन अपने पति नवीन के साथ ऑन लाइन फार्म भरने शनिवार को आईटीआई गई थी। दोपहर करीब साढे़ 12 बजे जब वे लौटने लगे तो आईटीआई के बाहर उन्हें एक बैग लावारिस हालत में मिला। सुमन ने बताया आसपास पूछताछ की तो भी बैग मालिक का पता नहीं लगा।
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बैग खोलकर देखा तो उसमें दो लाख रुपये थे। उसमें रखे कागजात देखे तो पाया कि भागेश्वरी गांव के मनोज नामक फौजी का था। रानीला में उसके मामा रहते है। उनके माध्यम से भागेश्वरी गांव में संपर्क किया और मनोज फौजी को रुपये और सामान लौटा दिए।
मकान बनाने के लिए निकलवाए थे रुपये
मनोज फौजी ने बताया कि वह कल से परेशान था। रुपये और कागजात वापस मिलने के बाद उसको राहत मिली है। वह मकान बना रहा है और उसी के लिए रुपये निकलवाए थे। घंटाघर से रुपये निकलवाने के बाद वह आईटीआई आया था। उसका छोटा भाई बाइक पर पीछे बैठकर बैग पकडे़ हुए था। उससे कब गिरा पता ही नहीं लगा।
उसके बाद उन्होंने बैंक, हांसी गेट हर जगह बैग की तलाश की। दुकानदारों से पूछा। बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी मगर बैग नहीं मिला। आज सुबह उसके चाचा रमेश नंबरदार का फोन आया।
उसके बाद उसने राहत की सांस ली। बैग लौटाने के समय ओमप्रकाश ने भी सुमन और नवीन की सराहना करते हुए कहा कि जल्द ही दोनों को सम्मानित किया जाएगा।