{"_id":"587278b74f1c1b1829ba82fa","slug":"general-hospital-in-april-will-angioplasty-and-bypass-surgery","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एक अप्रैल से जनरल अस्पताल में होगी एंजियोप्लास्टी और बाइपास सर्जरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक अप्रैल से जनरल अस्पताल में होगी एंजियोप्लास्टी और बाइपास सर्जरी
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 08 Jan 2017 11:06 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एंजियोप्लास्टी और बाइपास सर्जरी के लिए पंचकूला के लोगों को अब चंडीगढ़ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक अप्रैल से यह सुविधाएं उन्हें पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में खुल रहे कैथ लैब में मिलेंगी। अभी मरीजों को इन सुविधा के लिए चंडीगढ़ जीएमसीएच और पीजीआई में जाना पड़ता है।
पीपीपी मोड यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से यह संभव होगा। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के तहत करीब आधे रेट पर लोगों यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी। पंचकूला के अलावा हरियाणा के तीन जिलों में लोगों को कैथ लैब की सुविधा मिलेगी। इनमें अंबाला, फरीदाबाद और गुरुग्राम के सिविल अस्पताल शामिल हैं। जनरल अस्पताल में 20 बेड का सीसीयू वार्ड भी बनाया जाएगा। इसकी सुविधा भी लोगों को कैथ लैब में पीपीपी के तहत ही दी जाएगी।
प्राइवेट में डेढ़ लाख और सरकारी में 60 हजार खर्च
बाइपास सर्जरी के लिए अभी लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। अब जनरल अस्पताल में बाइपास सर्जरी की सुविधा मात्र 60 हजार रुपये में मिलेगीे।
विज्ञापन
इन्हें मिलेगी फ्री सुविधा
कुछ कैटेगरी को फ्री बाइपास सर्जरी की सुविधा भी मिलेगी। इनमें बीपीएल कार्ड धारक, अर्बन स्लम एरिया के मरीज, शेड्यूल कास्ट, दिव्यांग भत्ता पाने वाले लोग शामिल हैं।
विज्ञापन
पीपीपी मोड यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से यह संभव होगा। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के तहत करीब आधे रेट पर लोगों यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी। पंचकूला के अलावा हरियाणा के तीन जिलों में लोगों को कैथ लैब की सुविधा मिलेगी। इनमें अंबाला, फरीदाबाद और गुरुग्राम के सिविल अस्पताल शामिल हैं। जनरल अस्पताल में 20 बेड का सीसीयू वार्ड भी बनाया जाएगा। इसकी सुविधा भी लोगों को कैथ लैब में पीपीपी के तहत ही दी जाएगी।
विज्ञापन
प्राइवेट में डेढ़ लाख और सरकारी में 60 हजार खर्च
बाइपास सर्जरी के लिए अभी लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। अब जनरल अस्पताल में बाइपास सर्जरी की सुविधा मात्र 60 हजार रुपये में मिलेगीे।
विज्ञापन
इन्हें मिलेगी फ्री सुविधा
कुछ कैटेगरी को फ्री बाइपास सर्जरी की सुविधा भी मिलेगी। इनमें बीपीएल कार्ड धारक, अर्बन स्लम एरिया के मरीज, शेड्यूल कास्ट, दिव्यांग भत्ता पाने वाले लोग शामिल हैं।
ये होती है बाइपास सर्जरी
ये होती है बाइपास सर्जरी
जब दिल बीमार हो जाता है तो उसके उपचार के लिए हम कई तरीके आजमाते हैं। यानी जांच के बाद चिकित्सक यह निर्धारित करता है कि मरीज को दिल से संबंधित क्या समस्या है और इसके उपचार के लिए उसे किस तरह का ट्रीटमेंट दिया जाए। बाईपास सर्जरी भी दिल के लिए की जाती है। दरअसल दिल से जुड़ी तीन नसें होती हैं और इनमें से किसी भी नस में रुकावट हो सकती है। बाइपास सर्जरी के जरिये रुकावट वाली नसों को हटाया जाता है। कई बार तो इसके लिए तीनों नसों को हटाया जाता है। बाईपास सर्जरी के लिए मरीज के शरीर की नसें ही बदली जाती हैं, ये नसें शरीर कि किसी भी हिस्से यानी पैर, हाथ, सीना, कंधा आदि की हो सकती हैं।
इन स्थितियों में जरूरी होती है बाइपास सर्जरी
1. जब एंजियोग्राफी से यह पता चले कि मरीज को कभी भी दिल का दौरा पड़ सकता है। मरीज के सीने में दर्द उठने के कम से कम छह घंटे पहले ही बाईपास सर्जरी कर दी गई हो। हृद्य को दिल के दौरे से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
2. दिल के दौरे से उबरने के बाद भी सीने में दर्द कायम रहने अथवा मरीज की हालत गंभीर बनी रहे।
3. एंजाइना के लक्षण नहीं होने पर भी जब ईसीजी स्ट्रेस टेस्ट और कोरोनरी एंजियोग्राफी से पता चले कि मरीज की कई धमनियों में रुकावट है।
कैथ लैब की सुविधा हरियाणा के चार जिलों में शुरू की जा रही है। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। मार्च से लोगों को यह सुविधा अस्पतालों में मिलेगी। - डॉ. प्रवीण गर्ग, स्वास्थ्य महानिदेशक हरियाणा
जब दिल बीमार हो जाता है तो उसके उपचार के लिए हम कई तरीके आजमाते हैं। यानी जांच के बाद चिकित्सक यह निर्धारित करता है कि मरीज को दिल से संबंधित क्या समस्या है और इसके उपचार के लिए उसे किस तरह का ट्रीटमेंट दिया जाए। बाईपास सर्जरी भी दिल के लिए की जाती है। दरअसल दिल से जुड़ी तीन नसें होती हैं और इनमें से किसी भी नस में रुकावट हो सकती है। बाइपास सर्जरी के जरिये रुकावट वाली नसों को हटाया जाता है। कई बार तो इसके लिए तीनों नसों को हटाया जाता है। बाईपास सर्जरी के लिए मरीज के शरीर की नसें ही बदली जाती हैं, ये नसें शरीर कि किसी भी हिस्से यानी पैर, हाथ, सीना, कंधा आदि की हो सकती हैं।
इन स्थितियों में जरूरी होती है बाइपास सर्जरी
1. जब एंजियोग्राफी से यह पता चले कि मरीज को कभी भी दिल का दौरा पड़ सकता है। मरीज के सीने में दर्द उठने के कम से कम छह घंटे पहले ही बाईपास सर्जरी कर दी गई हो। हृद्य को दिल के दौरे से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
2. दिल के दौरे से उबरने के बाद भी सीने में दर्द कायम रहने अथवा मरीज की हालत गंभीर बनी रहे।
3. एंजाइना के लक्षण नहीं होने पर भी जब ईसीजी स्ट्रेस टेस्ट और कोरोनरी एंजियोग्राफी से पता चले कि मरीज की कई धमनियों में रुकावट है।
कैथ लैब की सुविधा हरियाणा के चार जिलों में शुरू की जा रही है। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। मार्च से लोगों को यह सुविधा अस्पतालों में मिलेगी। - डॉ. प्रवीण गर्ग, स्वास्थ्य महानिदेशक हरियाणा