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रेल बजट खाली, अब आम बजट से उम्मीदें

Thu, 26 Feb 2015 04:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 26 Feb 2015 04:15 PM IST
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General Budget 2015: Chandigarh Public Expectations

देश की जनता को रेल बजट से तो कुछ खास नहीं मिला, लेकिन अब उसकी निगाहें आम बजट पर टिक गई हैं। केंद्र सरकार का आम बजट 28 फरवरी को आएगा।

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उद्यमियों की मांग है कि केंद्र सरकार का बजट उद्योग का बोझ कम करने वाला होना चाहिए। बजट में टैक्स रेट और सरचार्ज में कटौती की जानी चाहिए है। बीपीएल के लिए नई योजनाओं की घोषणा भी होनी चाहिए।
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कैप्शंस ग्रुप के वाइस चेयरमैन और सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल के चेयरमैन दर्पण कपूर ने कहा कि बजट में टैक्स का बोझ खत्म किया जाना चाहिए। कारपोरेट टैक्स में लगने वाले सरचार्ज, एजुकेशन और अन्य घरेलू कंपनियों पर लगाए जाने वाले करों में राहत दी जानी चाहिए।
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इसमें फर्म, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप के टैक्स रेट्स में 25 फीसदी तक की कटौती की जानी चाहिए। घरेलू कंपनियों के लिए टैक्स 33.99 फीसदी है। इनकारपोरेटेड बॉडी के लिए 30 फीसदी है।

टैक्स पर लगाए जाने वाले सरचार्ज भारतीय प्रोडक्ट की कीमतों में इजाफा कर देते हैं। उन्होंने कहा कि मैट (मिनिमम अल्टरनेट टैक्स) की दर 18.50 फीसदी है, यह वर्ष 2007 में 7.5 फीसदी था। ऐसी स्थिति को देखें तो मैट दस साल में दोगुना हो जाएगा।

लो कास्ट हाउसिंग प्रोजेक्ट लाना चाहिए

General Budget 2015: Chandigarh Public Expectations

ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए योजना लागू करनी चाहिए। इसके साथ ही आम लोगों के लिए लो कास्ट हाउसिंग प्रोजेक्ट भी लाना चाहिए।

सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल एंड प्रोपराइटर के वाइस चेयरमैन अमरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान, क्लीन गंगा अभियान और छोटे शहरों की रचना और स्पेशल परपज व्हीकल का मॉडल बजट में स्पष्टकिया जा सकता है।

बजट में खासतौर से सब्सिडी लागू किए जाने और उसको आम आदमी तक पहुंचाने के लिए स्पष्ट नीति होनी चाहिए। सीआईआई नॉर्दर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर पिकेंदर पाल सिंह ने कहा कि फ्यूल प्राइज स्टेबलाइजेशन फंड बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एजुकेशन सेक्टर अर्थव्यस्था के विकास के लिए सबसे प्रभावशाली है। एजुकेशन सेक्टर के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। आरएम खन्ना ने कहा कि उम्मीद यह है कि केंद्र का बजट आम आदमी को राहत देने वाला होगा।

मैट रेट 10 फीसदी हो सीमित

General Budget 2015: Chandigarh Public Expectations

सीआईआई के अनुसार नए बजट में मैट का रेट दस फीसदी तक सीमित किया जाना चाहिए। सीआईआई ने कहा है कि मैट कैलकुलेशन के लिए इनवेस्टमेंट एलाउंस में कटौती होनी चाहिए। मैट क्रेडिट बढ़ाकर पंद्रह साल किया जाना चाहिए। टैक्स पेयर्स को सर्विस टैक्स रिफंड में ज्यादा परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि रिफंड मैकेनिज्म को बेहतर करना चाहिए।

फास्ट ट्रैक प्रोजेक्ट चाहिए: पाहवा
रालसन इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव पाहवा ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए फास्ट ट्रैक प्रोजक्ट चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाया गया गुड्स एंड सर्विस टैक्स अबकी बार लागू करना चाहिए। जिससे इंडस्ट्री का बोझ काफी हद तक कम होगा। सीआईआई के अनुसार, जीएसटी के लागू होने से जीडीपी में 1.0 से 1.5 फीसदी तक बढ़ोतरी भी हो सकती है।

सरकार को शिपमेंट की कास्ट को कम करना चाहिए। इससे इंपोर्ट और एक्सपोर्ट बढ़ेगा। सतीश गुप्ता, एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर, सत्यम इंडस्ट्री लिमिटेड, पंचकूला

इंडस्ट्री की ग्रोथ के लिए लाजिस्टिक कास्ट एक महत्वपूर्ण बिंदु है। इससे मेन्यूफैक्चरिंग और डिस्ट्रिब्यूशन हब को बेहतर किया जा सकता है। एक्सपोर्टर पर ज्यादा बोझ पड़ता है।
चरंजीव सिंह, अध्यक्ष, चंडीगढ़ व्यापार मंडल

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