{"_id":"1cdf856c5250839d0c5d8f7ceea714d2","slug":"gathering-of-sahityakaron-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"साहित्याकारों का जमावड़ा आज से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साहित्याकारों का जमावड़ा आज से
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 15 Dec 2013 10:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साहित्य के प्रति कम होते रुझान को एक बार फिर से बढ़ाने की बेहतरीन पहल ‘लिट फेस्ट- 2013’ के माध्यम की जाएगी।
देश के अलग-अलग प्रदेशों से युवा साहित्यकार और लेखकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर अपनी सृृजनात्मकता और स्टोरी टेलिंग को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
15 दिसंबर को सेक्टर-चार स्थित सतलुज पब्लिक स्कूल में ‘लिट फेस्ट’ का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान न केवल लेखन, साहित्य बल्कि विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों में सफलता की नई ऊंचाइयां छूने वाले भी अपने अनुभव बांटेंगे।
उमरते लेखकों और साहित्यकारों के लिए पहली बार पंचकूला में इस तरह के फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर युवा प्रतिभाओं को तीन अलग अलग सत्रों में अपनी सफलता, कहानियां और अनुभवों को साझा करने का भी एक नायाब मौका होगा।
सतलुज पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल कृत सेराय के मुताबिक, इस आयोजन का उद्देश्य बदलते दौर में युवा प्रतिभाओं को लेखन और स्टोरी टेलिंग से रूबरू कराना है।
साथ ही जीवन में इसकी सार्थकता को सामने लाने का प्रयास है। लिट फेस्ट में प्रकाशित या अप्रकाशित पुस्तकों, कहानियों के लेखक भी होंगे।
पहले सत्र का नेतृत्व लीविंग द स्टोरी में पद्मश्री सरदार अंजुम, जबकि दूसरे सत्र का बिट्टू संधू और तीसरे सत्र का विवेक अत्रे नेतृत्व करेंगे।
इस मौके संचित गर्ग, रोहित गोर, सुदीप नागरकर, अंशुल खडवालिया, फराज खान, रविता संधू, राधिका पानिकर, रीकृत सेराय सहित अन्य युवा साहित्यकार लिट फेस्ट में शामिल होंगे।
विज्ञापन
रविवार सुबह 10 बजे लिट फेस्ट का उद्धाटन पंचकूला नगर निगम की मेयर उपिन्दर अहलूवालिया करेंगी। इस मौके पर सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक आरजे खांडेराव के साथ सतलुज पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल कृत सेराय सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहेंगे।
इमपल्स की होगी लांचिंग
रीकृत सेराय की लिखित पुस्तक ‘इमपल्स’ को भी इस मौके पर लांच किया जाएगा। रीकृत की लिखित यह दूसरी किताब है, जिसमें 17 कहानियों का संग्रह है।
इस किताब की सभी कहानियों की थीम अलग है। कहीं खुशी तो कभी गम से जुड़े भावों को भी सार्थक रूप देने की कोशिश की गई है।
इन कहानियों का मकसद है कि भागदौड़ की जिंदगी के बीच भी कैसे कहानियों, साहित्य से खुद को जोड़ा जा सकता है और इसकी जीवन में क्या उपयोगिता है।
हरेक कहानी के जरिये अलग संदेश भी देने की कोशिश की गई है। इस मौके पर यंग ऑर्थर्स क्लब को भी लांच किया जाएगा।
विज्ञापन
देश के अलग-अलग प्रदेशों से युवा साहित्यकार और लेखकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर अपनी सृृजनात्मकता और स्टोरी टेलिंग को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
15 दिसंबर को सेक्टर-चार स्थित सतलुज पब्लिक स्कूल में ‘लिट फेस्ट’ का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान न केवल लेखन, साहित्य बल्कि विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों में सफलता की नई ऊंचाइयां छूने वाले भी अपने अनुभव बांटेंगे।
उमरते लेखकों और साहित्यकारों के लिए पहली बार पंचकूला में इस तरह के फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर युवा प्रतिभाओं को तीन अलग अलग सत्रों में अपनी सफलता, कहानियां और अनुभवों को साझा करने का भी एक नायाब मौका होगा।
विज्ञापन
सतलुज पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल कृत सेराय के मुताबिक, इस आयोजन का उद्देश्य बदलते दौर में युवा प्रतिभाओं को लेखन और स्टोरी टेलिंग से रूबरू कराना है।
साथ ही जीवन में इसकी सार्थकता को सामने लाने का प्रयास है। लिट फेस्ट में प्रकाशित या अप्रकाशित पुस्तकों, कहानियों के लेखक भी होंगे।
पहले सत्र का नेतृत्व लीविंग द स्टोरी में पद्मश्री सरदार अंजुम, जबकि दूसरे सत्र का बिट्टू संधू और तीसरे सत्र का विवेक अत्रे नेतृत्व करेंगे।
इस मौके संचित गर्ग, रोहित गोर, सुदीप नागरकर, अंशुल खडवालिया, फराज खान, रविता संधू, राधिका पानिकर, रीकृत सेराय सहित अन्य युवा साहित्यकार लिट फेस्ट में शामिल होंगे।
विज्ञापन
रविवार सुबह 10 बजे लिट फेस्ट का उद्धाटन पंचकूला नगर निगम की मेयर उपिन्दर अहलूवालिया करेंगी। इस मौके पर सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक आरजे खांडेराव के साथ सतलुज पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल कृत सेराय सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहेंगे।
इमपल्स की होगी लांचिंग
रीकृत सेराय की लिखित पुस्तक ‘इमपल्स’ को भी इस मौके पर लांच किया जाएगा। रीकृत की लिखित यह दूसरी किताब है, जिसमें 17 कहानियों का संग्रह है।
इस किताब की सभी कहानियों की थीम अलग है। कहीं खुशी तो कभी गम से जुड़े भावों को भी सार्थक रूप देने की कोशिश की गई है।
इन कहानियों का मकसद है कि भागदौड़ की जिंदगी के बीच भी कैसे कहानियों, साहित्य से खुद को जोड़ा जा सकता है और इसकी जीवन में क्या उपयोगिता है।
हरेक कहानी के जरिये अलग संदेश भी देने की कोशिश की गई है। इस मौके पर यंग ऑर्थर्स क्लब को भी लांच किया जाएगा।