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चंडीगढ़ को मिला ‘गार्डन ऑफ पाम’, जानिए खासियतें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 25 Jul 2014 03:31 PM IST
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सिटी ब्यूटीफुल के लोगों को वीरवार से एक नया गार्डन मिल गया। सेक्टर-42 में न्यू लेक के पास पिछले तीन सालों से बन रहा गार्डन ऑफ पाम तैयार हो गया है और वीरवार को सुबह 11 बजे प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने इस नए गार्डन का उद्घाटन किया। कुछ साल पहले तक इस जगह की जमीन ऊबड़ खाबड़ थी। पहले ही दिन इस गार्डन में शहर के हर कोने से लोग पहुंचे। साथ ही कई पर्यटक भी इस गार्डन को देखने के लिए पहुंचे।
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इस गार्डन में फिलहाल पॉम की 30 से ज्यादा किस्में लगाई गई हैं। खास बात यह है कि यहां अंधेरे में भी पॉम के पेड़ नजर आएंगे। इस गार्डन को बनाने में 5.52 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिनमें से 2.68 करोड़ रुपये केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने दिए थे और 2.83 करोड़ प्रशासन ने अपने बजट से खर्च किए हैं। यह गार्डन न सिर्फ इस शहर में आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि शहर के लोगों को भी घूमने के लिए एक नया गार्डन मिल जाएगा।
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इस गार्डन को बनाने में प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग ने तीन साल से ज्यादा समय लगाया। इस गार्डन में सौ से अधिक पॉम की वैराइटी लगाई गई हैं। इस गार्डन में दो खूबसूरत ब्रिज बनाए गए हैं जो कि गार्डन को न्यू लेक के साथ जोड़ते हैं।
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इस गार्डन का प्रवेश द्वार ही बहुत खूबसूरत है। पर्यटकों के लिए इस गार्डन में रिसेप्शन सेंटर भी बनाया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
इस गार्डन को बनाने में प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग ने तीन साल से ज्यादा समय लगाया। इस गार्डन में दो खूबसूरत फुटब्रिज बनाए गए हैं जो कि गार्डन को न्यू लेक के साथ जोड़ते हैं। इसमें 50 लाख रुपये खर्च हुए हैं। बाई साइकिल टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए यहां साइकिल ट्रैक बनाए गए हैं जिसे बनाने में 25 लाख रुपया खर्च हुआ है।
बच्चों के लिए अलग साइकिल ट्रैक बना है। पर्यटकों के लिए इस गार्डन में रिसेप्शन सेंटर भी बनाया गया है। इसे बनाने में 1.73 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अलावा यहां बड़ी पार्किंग बनाई गई है ताकि यहां घूमने के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की दिक्कत न आए।
पांच साल पहले बना था प्रस्ताव
ध्यान रहे कि प्रशासन ने लगभग पांच साल पहले शहर में थीम बेस्ड गार्डन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था और प्रशासन के इस प्रस्ताव को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से काफी सराहना मिली थी। मंत्रालय ने इन गार्डंस के लिए प्रशासन को ग्रांट भी दी। इनमें से सेक्टर-49 में वैली ऑफ एनिमल्स शुरू हो चुका है।
सेक्टर-31 में जापानी गार्डन निर्माणाधीन है, जो अगले साल तक तैयार हो जाएगा। यहां एक भूमिगत सुरंग भी बनाई जा रही है। सेक्टर-52 में गार्डन ऑफ कॉनिफर्स बन रहा है। सेक्टर-53 में गार्डन ऑफ स्प्रिंग बनाया जा रहा है। इसके अलावा शहर में एक कैक्टस गार्डन बनाने का भी प्रस्ताव है।