फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Ganpati Bappa was offered saffron and some blueberry flavored modak.

Chandigarh News: गणपति बप्पा को केसर तो काेई ब्लूबेरी फ्लेवर के मोदक का लगा रहा भोग

Sat, 23 Sep 2023 01:58 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Sep 2023 01:58 AM IST
विज्ञापन
Ganpati Bappa was offered saffron and some blueberry flavored modak.
चंडीगढ़। शहर में हर तरफ गणेशोत्सव की धूम है। मंदिरों के साथ ही घरों में विघ्नहर्ता की आराधना हो रही है। गौरी पुत्र विनायक को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। उन्हें भोग लगाने के लिए मोदक की खरीदारी जोरों पर हो रही है। ऐसे में दुकानदारों ने भी मोदक के ढेरों किस्म बाजार में उतारी हैं। किसी को मोतीचूर मोदक पसंद आ रहा है तो कोई चॉकलेट मोदक की खरीदारी कर रहा है। इन सबके बीच इन दिनों ब्लूबेरी फ्लेवर वाले मोदक भी खासा पसंद किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

सेक्टर-17 स्थित एक मिठाई की दुकान के अभिषेक बजाज ने बताया कि गणेशोत्सव पर मोदक की मांग हर साल तेजी से बढ़ रही है। मांग को ध्यान में रखकर ही मोदक तैयार कराया जा रहा है। वहीं मोदक की खरीदारी करने आए सेक्टर-22 के दीपक सिंह ने बताया कि उन्हें प्लेन खोआ वाला मोदक ही पसंद आता है। वहीं दीपाली ने ब्लूबेरी मोदक की खरीदारी की और कहा कि इस बार गणेश जी को नए फ्लेवर वाले मोदक का भोग लगाऊंगी। सेक्टर-17 की ही तरह सेक्टर-37, सेक्टर-32, सेक्टर-8 और सेक्टर-21 की मिठाई की दुकानों पर भी मोदक की खरीदारी की जा रही है।
विज्ञापन


एक नहीं अनेक तरह के मोदक
अभिषेक बजाज ने बताया कि केसर मोदक, खोया मोदक, काजू मोदक, पंचरतन मोदक, पंजीरी मोदक, चॉकलेट मोदक, कोकोनट मोदक, पान मोदक, ड्राई फ्रूट्स मोदक और मोतीचूर लड्डू के मोदक खास हैं। वहीं इस बार ब्लूबेरी मोदक भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मोती चूर के लड्डू मोदक को छोड़कर अन्य मोदक में सूखे मेवे, केसर और मावा की फीलिंग होती है। मावा के मोदक 2-3 दिन, मोतीचूर लड्डू के मोदक 4 दिन चलते हैं, जबकि कोकोनट, चॉकलेट और ड्राई फ्रूट्स के मोदक 5 से 8 दिन तक चल जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए गणेश जी को सबसे प्रिय है मोदक
सेक्टर-18 स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी व देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष पं. डॉ. लाल बहादुर दूबे ने बताया कि एक बार माता पार्वती को देवताओं ने दिव्य मोदक दिया। दिव्य मोदक देखकर कार्तिकेय और गणेशजी माता से उसे मांगने लगे। तब माता ने मोदक का महत्व बताते हुए कहा कि इस मोदक की गंध से ही अमरता प्राप्त होती है और इसे सूंघने वाले, खाने वाले को सभी शास्त्रों और कलाओं की जानकारी प्राप्त होती है। मोदक का महत्व जानकार गणेश और कार्तिकेय भी इसके खाने की जिद करने लगे। माता ने कहा कि आप दोेनों में से जो भी धर्माचरण द्वारा श्रेष्ठता को प्राप्त करते हुए सबसे पहले सभी तीर्थों का भ्रमण करते हुए आएगा, उसी को मैं ये मोदक दूंगी। माता की बात सुनकर कार्तिकेय ने मयूर पर बैठकर सभी तीर्थों का स्नान कर लिया। इधर गणेशजी वाहन मूषक होने की वजह से वे सभी तीर्थों का भ्रमण करने में असमर्थ थे। तब उन्होंने माता-पिता की परिक्रमा और स्तुति की। इससे मां पार्वती ने प्रसन्न होकर उन्हें मोदक दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed