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कपूरथला मॉडर्न जेल में गैंगवार, पांच जख्मी
ब्यूरो/अमर उजाला, कपूरथला
Updated Sun, 09 Apr 2017 12:36 AM IST
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कपूरथला की माडर्न जेल में गैंगवार
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माडर्न जेल कपूरथला में 20 दिन में तीसरी गैंगवार की घटना ने जेल प्रशासन पर सवालिया निशान लगा दिया है। शनिवार देर शाम दो गुटों में हुए विवाद में पांच हवालाती गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इनमें से तीन घायलों को सिविल अस्पताल कपूरथला और दो को जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों के सिर पर गहरी चोटें आई हैं।
सिविल अस्पताल में उपचाराधीन 302 में बंद हवालाती मनजिंदर सिंह पुत्र बलबीर सिंह निवासी गांव खोजा भोगपुर जालंधर और 307 में बंद कमलजीत सिंह पुत्र अविनाश सिंह निवासी बस्ती शेखां जालंधर ने बताया कि शनिवार शाम वह दोनों अपने साथियों, कुलविंदर सिंह, रॉकी, नेकी और पवित्र सिंह के साथ जेल के अस्पताल से दवा लेकर आ रहे थे। इस दौरान गोगा, शेखर, आरजू, दीपू, घुग्गी, राजबीर, वरुण समेत 40-50 कैदियों ने रंजिशन राडों और लोहे की पाइपों से उन पर हमला कर दिया। इसमें वह दोनों, कुलविंदर सिंह, रॉकी, नेकी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। रॉकी और नेकी जेल के अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि पवित्र ठीक है, जो बैरक में ही बंद है।
मनजिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि वह चार अप्रैल को जेल में आया है। उसकी किसी से रंजिश नहीं है। इसके बावजूद उस पर हमला हुआ है। कमलजीत सिंह ने जेल के डीएसपी इकबाल सिंह धालीवाल पर आरोप लगाया कि वह 20 हजार से 40 हजार रुपये लेकर चक्की में बंद गैंगस्टरों को खोल देते हैं, जो जेल में उत्पात मचाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डीएसपी धालीवाल छह साल से यहीं पर तैनात हैं। उनकी शह पर हवालातियों पर हमला होता है। उसने कहा कि जब 50 कैदी उन पर हमला कर रहे थे, उस समय उनकी सुरक्षा में केवल चार मुलाजिम ही तैनात थे। यह सब जेल प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है।
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सिविल अस्पताल में उपचाराधीन 302 में बंद हवालाती मनजिंदर सिंह पुत्र बलबीर सिंह निवासी गांव खोजा भोगपुर जालंधर और 307 में बंद कमलजीत सिंह पुत्र अविनाश सिंह निवासी बस्ती शेखां जालंधर ने बताया कि शनिवार शाम वह दोनों अपने साथियों, कुलविंदर सिंह, रॉकी, नेकी और पवित्र सिंह के साथ जेल के अस्पताल से दवा लेकर आ रहे थे। इस दौरान गोगा, शेखर, आरजू, दीपू, घुग्गी, राजबीर, वरुण समेत 40-50 कैदियों ने रंजिशन राडों और लोहे की पाइपों से उन पर हमला कर दिया। इसमें वह दोनों, कुलविंदर सिंह, रॉकी, नेकी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। रॉकी और नेकी जेल के अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि पवित्र ठीक है, जो बैरक में ही बंद है।
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मनजिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि वह चार अप्रैल को जेल में आया है। उसकी किसी से रंजिश नहीं है। इसके बावजूद उस पर हमला हुआ है। कमलजीत सिंह ने जेल के डीएसपी इकबाल सिंह धालीवाल पर आरोप लगाया कि वह 20 हजार से 40 हजार रुपये लेकर चक्की में बंद गैंगस्टरों को खोल देते हैं, जो जेल में उत्पात मचाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डीएसपी धालीवाल छह साल से यहीं पर तैनात हैं। उनकी शह पर हवालातियों पर हमला होता है। उसने कहा कि जब 50 कैदी उन पर हमला कर रहे थे, उस समय उनकी सुरक्षा में केवल चार मुलाजिम ही तैनात थे। यह सब जेल प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है।
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कपूरथला की माडर्न जेल में गैंगवार
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पांच बजे हमलावरों ने उन्हें घायल कर दिया, लेकिन जेल प्रशासन गारद का इंतजार करता रहा। आठ बजे गारद के आने के बाद उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। शुक्रवार को भी कैदियों में वालीबाल खेलने को लेकर विवाद हुआ था। इससे पहले 19 और 23 मार्च को भी जेल में गैंगवार हुई। उसके बाद गुरदासपुर जेल में कैदियों ने उत्पात मचाया। जेलों में कैदियों में गैंगवार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
डीएसपी इकबाल सिंह धालीवाल ने कहा कि उन्होंने जेल में सख्ती की है, जो कैदियों को मंजूर नहीं है। इसलिए वह इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। वैसे भी वह दो दिन से छुट्टी पर हैं और उनकी अनुपस्थिति में यह घटना हुई है। आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। एसपी जेल कुलविंदर सिंह थियाड़ा ने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए कहा कि 3000 कैदियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है।
उन्होंने डीएसपी पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि चक्की में से कैदी केवल उनकी अनुमति से ही बाहर आ सकते हैं। दोनों डीएसपी उनकी अनुमति के बिना गैंगस्टर को चक्की से बाहर नहीं ला सकते हैं।
डीएसपी इकबाल सिंह धालीवाल ने कहा कि उन्होंने जेल में सख्ती की है, जो कैदियों को मंजूर नहीं है। इसलिए वह इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। वैसे भी वह दो दिन से छुट्टी पर हैं और उनकी अनुपस्थिति में यह घटना हुई है। आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। एसपी जेल कुलविंदर सिंह थियाड़ा ने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए कहा कि 3000 कैदियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है।
उन्होंने डीएसपी पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि चक्की में से कैदी केवल उनकी अनुमति से ही बाहर आ सकते हैं। दोनों डीएसपी उनकी अनुमति के बिना गैंगस्टर को चक्की से बाहर नहीं ला सकते हैं।