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कनाडा तक पहुंची पंजाब की गैंगवार: जानें लॉरेंस की बंबीहा गैंग से क्या है दुश्मनी? कैसे शुरू हुआ खूनी खेल

Fri, 22 Sep 2023 12:33 AM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 22 Sep 2023 12:33 AM IST
सार

बंबीहा के एनकाउंटर के बाद गौरव पटियाल उर्फ लकी और सुखप्रीत सिंह बुड्डा गैंग चलाते हैं। गौरव पटियाल ने गैंग संभाली और पंजाब का बड़ा गैंग्सटर बन गया। पटियाल चंडीगढ़ का रहने वाला है और फिलहाल आर्मीनिया में बैठकर गैंग चला रहा है। 

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Gang war of Lawrence and Bambiha gangs reached to Canada
सिद्धू मूसेवाला, लॉरेंस बिश्नोई और दविंदर बंबीहा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कनाडा में गैंगस्टर सुखदूल सिंह उर्फ सुक्खा की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। लॉरेंस गैंग ने सुक्खा दुनिके को इसलिए कनाडा में मरवाया, क्योंकि वह बंबीहा गुट का सक्रिय गैंगस्टर था। इन दोनों गैंग की दुश्मनी काफी पुरानी है। इसमें सिद्धू मूसेवाला समेत कई लोगों की जान जा चुकी है। मोगा जिले के बंबीहा गांव में जन्मा दविंदर बंबिहा का असली नाम दविंदर सिंह सिद्धू था। जुर्म की दुनिया में आने से पहले वह एक लोकप्रिय कबड्डी खिलाड़ी था।

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साल 2010 में जब वह कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई कर रहा था, तब उसका नाम एक कत्ल के मामले में सामने आया था। यह वारदात उसके गांव में दो गुटों के बीच हुई थी। हत्या के मामले में दविंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद वो जेल में कई गैंगस्टरों के संपर्क में आया और फिर खतरनाक शार्प शूटर बन गया लेकिन नौ सितंबर 2016 को बठिंडा जिले के रामपुरा के पास गिल कलां में 26 वर्षीय दविंदर बंबीहा को एक मुठभेड़ में पंजाब पुलिस ने मार गिराया था। बंबीहा पर 15 से ज्यादा केस दर्ज। इनमें छह हत्या के मामले हैं। 
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दविंदर तो मर गया लेकिन उसका गैंग जिंदा रहा और अभी आठ साल से पूरा सक्रिय है। बंबीहा के एनकाउंटर के बाद गौरव पटियाल उर्फ लकी और सुखप्रीत सिंह बुड्डा गैंग चलाते हैं। गौरव पटियाल ने गैंग संभाली और पंजाब का बड़ा गैंग्सटर बन गया। पटियाल चंडीगढ़ का रहने वाला है और फिलहाल आर्मीनिया में बैठकर गैंग चला रहा है। 

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बंबीहा गैंग का दूसरा सरगना मोगा जिले के कुसा गांव का रहने वाला सुखप्रीत सिंह बुड्डा अभी संगरूर जेल में बंद है। इस गैंग ने दिल्ली-हरियाणा के गैंगस्टर और लॉरेंस के धुर विरोधी सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया और नीरज बवाना गिरोह से हाथ मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में भी अपना नेटवर्क मजबूत कर रखा है। बंबीहा गैंग की दुश्मनी लॉरेंस गैंग से है।

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम जुर्म की दुनिया में काफी ऊपर जा चुका है। गैंगस्टर के गुर्गे पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं। गैंगवार का नतीजा था कि गोल्डी बराड़ के भाई गुरलाल बराड़ की हत्या की गई। मोहाली में विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या हुई। विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की जिम्मेदारी बंबीहा गैंग ने ली थी।

विक्की मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगुनप्रीत सिंह का भी नाम सामने आया था। शगुनप्रीत पर आरोप है कि उसने हत्या को अंजाम देने वाले शूटरों का सहयोग किया था और उनके रहने का इंतजाम किया था। शगुनप्रीत ऑस्ट्रेलिया भाग गया। उसके खिलाफ पंजाब पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर भी जारी कर रखा है। यहीं से सिद्धू मूसेवाला लॉरेंस गैंग की आंखों में खटकने लगा था।

गोल्डी बराड़ ने मूसेवाला की हत्या के बाद फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि हम मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेते हैं। मूसेवाला ने हमारे भाई विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या में मदद की थी, इसका बदला लिया गया। इसके बाद बंबीहा गैंग ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से सिद्धू मूसेवाला की मौत का बदला लेने की बात कही थी। इसके बाद पिछले साल सितंबर में राजस्थान के नागौर में सेठी गिरोह के सदस्य संदीप बिश्नोई उर्फ सेठी की हत्या कर दी गई थी। संदीप बिश्नोई लॉरेंस बिश्नोई का भी खास था। अब लॉरेंस बिश्नोई ने सुक्खा की हत्या की जिम्मेदारी ली और इसे गुरलाल, मिड्डूखेड़ा और संदीप की मौत का बदला करार दिया।

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