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चंडीगढ़वासियों में गुस्सा, चीन निर्मित वस्तुओं का कर रहे बहिष्कार, मोबाइल की मांग भी घटी
Mon, 29 Jun 2020 10:48 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 29 Jun 2020 10:48 AM IST
सार
- चीन से आने वाले सामान की सप्लाई बाधित
- मोबाइल का स्टॉक भी कुछ दिनों का बचा
- इलेक्ट्रानिक सामानों की डिमांड 25% घटी
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चीन निर्मित सामान का कर रहे बहिष्कार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गलवां घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई भिड़ंत के बाद पूरे देश में चीन के सामानों के बहिष्कार की लहर चल रही है। कई व्यापारी संगठनों ने चीन का सामान बेचने व खरीदने पर रोक की अपील की है। लोग गुस्से में हैं और इसका असर चंडीगढ़ के बाजार में भी देखने को मिल रहा है।
चंडीगढ़ के सेक्टर- 22 में स्थित सबसे बड़ी मोबाइल मार्केट में चीन निर्मित मोबाइल की बिक्री में करीब 10-15 फीसदी की कमी आई है। जब से चीन को सबक सिखाने की बात शुरू हुई है तभी से मोबाइल मार्केट में आना वाला ग्राहक कहता है कि चीन नहीं इंडियन मोबाइल दिखाओ। ग्राहकों का एक वर्ग इंडियन मेड मोबाइल को तवज्जो दे रहा है।
हालांकि कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें चीन से कोई लेना देना नहीं। खासकर युवा वर्ग। उन्हें तो बस अच्छी रैम व बेहतरीन कैमरे वाला मोबाइल चाहिए। चीन विवाद की छाया इलेक्ट्रानिक आइटमों पर भी पड़ी है और करीब 25 फीसदी की बिक्री पर असर देखने को मिला है।
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चीन से आने वाले इलेक्ट्रानिक आइटमों की सप्लाई भी बाधित हुई है। सेक्टर-18 की मार्केट में चीन का सामान वाया दिल्ली होकर आता था। इनमें केबल, टॉर्च, इमरजेंसी लाइट, ब्लूटूथ स्पीकर, रिमोट व अन्य सामान शामिल हैं।
मोबाइल का स्टॉक कुछ दिनों का
सेक्टर-22 मोबाइल मार्केट में स्थित बंसल कम्युनिकेशन के अमित बंसल ने बताया कि उनके पास स्टॉक कुछ ही दिन का बचा है क्योंकि चाइना से माल नहीं आ रहा है। यदि यही हाल रहे तो 15 दिन के बाद मोबाइल नहीं मिलेंगे। लोगों को मालूम है कि यदि चीन के सामानों पर रोक लगी तो सस्ते मोबाइल के दिन लद जाएंगे। इसलिए लोग भी खरीददारी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
सेक्टर-22 के एक अन्य दुकानदार चंकी चावला ने बताया कि मार्केट में चीन से आने वाले मोबाइल की हिस्सेदारी 60 फीसदी से ज्यादा है। पहले कोविड-19 और देशों के बीच तनाव बढ़ने से मोबाइल की सप्लाई लड़खड़ाई है। स्टॉक कुछ ही दिन का बचा है। मानकर चलिए यदि सप्लाई नहीं आई तो 20 दिन बाद कई कंपनियों के मोबाइल नहीं मिलेंगे।
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चंडीगढ़ के सेक्टर- 22 में स्थित सबसे बड़ी मोबाइल मार्केट में चीन निर्मित मोबाइल की बिक्री में करीब 10-15 फीसदी की कमी आई है। जब से चीन को सबक सिखाने की बात शुरू हुई है तभी से मोबाइल मार्केट में आना वाला ग्राहक कहता है कि चीन नहीं इंडियन मोबाइल दिखाओ। ग्राहकों का एक वर्ग इंडियन मेड मोबाइल को तवज्जो दे रहा है।
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हालांकि कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें चीन से कोई लेना देना नहीं। खासकर युवा वर्ग। उन्हें तो बस अच्छी रैम व बेहतरीन कैमरे वाला मोबाइल चाहिए। चीन विवाद की छाया इलेक्ट्रानिक आइटमों पर भी पड़ी है और करीब 25 फीसदी की बिक्री पर असर देखने को मिला है।
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चीन से आने वाले इलेक्ट्रानिक आइटमों की सप्लाई भी बाधित हुई है। सेक्टर-18 की मार्केट में चीन का सामान वाया दिल्ली होकर आता था। इनमें केबल, टॉर्च, इमरजेंसी लाइट, ब्लूटूथ स्पीकर, रिमोट व अन्य सामान शामिल हैं।
मोबाइल का स्टॉक कुछ दिनों का
सेक्टर-22 मोबाइल मार्केट में स्थित बंसल कम्युनिकेशन के अमित बंसल ने बताया कि उनके पास स्टॉक कुछ ही दिन का बचा है क्योंकि चाइना से माल नहीं आ रहा है। यदि यही हाल रहे तो 15 दिन के बाद मोबाइल नहीं मिलेंगे। लोगों को मालूम है कि यदि चीन के सामानों पर रोक लगी तो सस्ते मोबाइल के दिन लद जाएंगे। इसलिए लोग भी खरीददारी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
सेक्टर-22 के एक अन्य दुकानदार चंकी चावला ने बताया कि मार्केट में चीन से आने वाले मोबाइल की हिस्सेदारी 60 फीसदी से ज्यादा है। पहले कोविड-19 और देशों के बीच तनाव बढ़ने से मोबाइल की सप्लाई लड़खड़ाई है। स्टॉक कुछ ही दिन का बचा है। मानकर चलिए यदि सप्लाई नहीं आई तो 20 दिन बाद कई कंपनियों के मोबाइल नहीं मिलेंगे।
चीन से नहीं वियतनाम व ताइवान से लाएंगे सामान
सेक्टर-22 शास्त्री मार्केट में चीन से काफी सामान आता है। बाजार में जैकेट, लॉंग कोट, जींस, जूते और टॉप चीन के बाजारों से होकर चंडीगढ़ पहुंचते हैं। ये कपड़े काफी सस्ते, टिकाऊ और स्टाइलिश होते हैं इसलिए इनकी डिमांड भी काफी ज्यादा रहती है। सेक्टर -22 के प्रधान जसविंदर सिंह ने बताया कि मार्केट में सामान चीन से वाया दिल्ली होकर आता है। दिल्ली के व्यापारियों ने भी मन बनाया है कि वे माल अब वियतनाम व ताइवान से खरीदेंगे। जो कपड़ा चीन में मिलता है, वही कपड़ा ताइवान व वियतनाम में भी मिलता है। ऐसे में जब दिल्ली के व्यापारी चीन से सामान लाना बंद कर देंगे तो सेक्टर-22 के व्यापारी चीन का सामान बेच नहीं पाएंगे।
इलेक्ट्रानिक सामानों की डिमांड 25 फीसदी घटी
सेक्टर-18 की मार्केट में चीनी इलेक्ट्रानिक आइटम की सप्लाई काफी है। यहां की मार्केट में मिलने वाली केबल, बैटरी, इमरजेंसी लाइट, टार्च, ब्लूटूथ स्पीकर व अन्य सामान चीन से ही आता है। सेक्टर-18 मार्केट के प्रधान संजय पुरी ने बताया कि अब जो ग्राहक आता है, वो पहले यह पूछता है कि आइटम चीनी या भारत की। यदि रेट में 20 से 40 रुपये का अंतर हुआ तो वह इंडिया मेन सामान खरीदने को तवज्जो देता है। इस समय चीन से आने वाली सप्लाई चेन भी बाधित हुई है। जिन व्यापारियों के कंटेनर आ रहे हैं, उनका सामान तो पहुंच जा रहा है। कुछ ने चीन से सामान मंगवाना अभी फिलहाल बंद कर रखा है। इस वजह से भी चीन के सामानों की बिक्री कम हुई है।
सेक्टर-23 की मार्केट में चीनी सामान के बाहिष्कार के पोस्टर लगाए
चंडीगढ़ की कुछ मार्केट में चीनी सामान खरीदने व बेचने पर पाबंदी लगा रखी है। इनमें से एक मार्केट सेक्टर-23 की है। यहां की ब्राइट ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने पूरी मार्केट में पोस्टर चिपकाए हैं जिनके माध्यम से चीन से आए सामान खरीदने और बेचने पर रोक लगाने की अपील की गई है। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट नरेश महाजन का कहना है कि यह वक्त चीन को सबक सिखाने का है। वह धोखे से वार करता है। सेक्टर के व्यापारियों ने तय कर लिया है कि न तो चीन का सामान बेचेंगे और न ही खरीदेंगे।
इलेक्ट्रानिक सामानों की डिमांड 25 फीसदी घटी
सेक्टर-18 की मार्केट में चीनी इलेक्ट्रानिक आइटम की सप्लाई काफी है। यहां की मार्केट में मिलने वाली केबल, बैटरी, इमरजेंसी लाइट, टार्च, ब्लूटूथ स्पीकर व अन्य सामान चीन से ही आता है। सेक्टर-18 मार्केट के प्रधान संजय पुरी ने बताया कि अब जो ग्राहक आता है, वो पहले यह पूछता है कि आइटम चीनी या भारत की। यदि रेट में 20 से 40 रुपये का अंतर हुआ तो वह इंडिया मेन सामान खरीदने को तवज्जो देता है। इस समय चीन से आने वाली सप्लाई चेन भी बाधित हुई है। जिन व्यापारियों के कंटेनर आ रहे हैं, उनका सामान तो पहुंच जा रहा है। कुछ ने चीन से सामान मंगवाना अभी फिलहाल बंद कर रखा है। इस वजह से भी चीन के सामानों की बिक्री कम हुई है।
सेक्टर-23 की मार्केट में चीनी सामान के बाहिष्कार के पोस्टर लगाए
चंडीगढ़ की कुछ मार्केट में चीनी सामान खरीदने व बेचने पर पाबंदी लगा रखी है। इनमें से एक मार्केट सेक्टर-23 की है। यहां की ब्राइट ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने पूरी मार्केट में पोस्टर चिपकाए हैं जिनके माध्यम से चीन से आए सामान खरीदने और बेचने पर रोक लगाने की अपील की गई है। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट नरेश महाजन का कहना है कि यह वक्त चीन को सबक सिखाने का है। वह धोखे से वार करता है। सेक्टर के व्यापारियों ने तय कर लिया है कि न तो चीन का सामान बेचेंगे और न ही खरीदेंगे।
कुछ ऐसी है लोगों की प्रतिक्रिया
चीन की कंपनियों के मोबाइल की सेल गिरी है। करीब 10 फीसदी ग्राहकों ने चीन निर्मित मोबाइल को खरीदने से मना किया है। चीन की सप्लाई भी गड़बड़ है। इससे मार्केट में स्टॉक बहुत कम बचा है।
- चंकी चावला, चंकी टाइम स्पेयर्स, सेक्टर 22 मार्केट
मोबाइल की बिक्री में 10 से 15 फीसदी में गिरावट आई है। बाजार में 60 फीसदी हिस्सेदारी चीन की है। कई ग्राहक कहते हैं कि उन्हें सिर्फ इंडियन मेड कंपनी के मोबाइल दिखाओ। स्टॉक भी कुछ ही दिनों का बचा है। कुछ ऐसे भी ग्राहक हैं, जिन्हें चीन से कोई लेना देना नहीं है।
- अमित बंसल, बंसल कम्युनिकेशन सेक्टर 22
मोबाइल की बिक्री में दस प्रतिशत की गिरावट आई है। हमारे पास सिर्फ 20 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। क्योंकि चीन से मोबाइल की सप्लाई नहीं आ रही है। लोग इंडियन मोबाइल के बारे में पूछने लगे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
- आकाश, आरके मोबाइल सेक्टर-41
फर्क तो पड़ा है। इसमें कोई दो राय नहीं। भारतीय सैनिक के शहीद होने से भारतीय काफी आहत हैं और वे अपना गुस्सा चीन के प्रोडक्ट पर उतार रहे हैं। चीन के मोबाइल व चार्जर की बिक्री में कुछ कमी आई है।
- दविंदर, मोबाइल विक्रेता सेक्टर 41
- चंकी चावला, चंकी टाइम स्पेयर्स, सेक्टर 22 मार्केट
मोबाइल की बिक्री में 10 से 15 फीसदी में गिरावट आई है। बाजार में 60 फीसदी हिस्सेदारी चीन की है। कई ग्राहक कहते हैं कि उन्हें सिर्फ इंडियन मेड कंपनी के मोबाइल दिखाओ। स्टॉक भी कुछ ही दिनों का बचा है। कुछ ऐसे भी ग्राहक हैं, जिन्हें चीन से कोई लेना देना नहीं है।
- अमित बंसल, बंसल कम्युनिकेशन सेक्टर 22
मोबाइल की बिक्री में दस प्रतिशत की गिरावट आई है। हमारे पास सिर्फ 20 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। क्योंकि चीन से मोबाइल की सप्लाई नहीं आ रही है। लोग इंडियन मोबाइल के बारे में पूछने लगे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
- आकाश, आरके मोबाइल सेक्टर-41
फर्क तो पड़ा है। इसमें कोई दो राय नहीं। भारतीय सैनिक के शहीद होने से भारतीय काफी आहत हैं और वे अपना गुस्सा चीन के प्रोडक्ट पर उतार रहे हैं। चीन के मोबाइल व चार्जर की बिक्री में कुछ कमी आई है।
- दविंदर, मोबाइल विक्रेता सेक्टर 41
बुजुर्ग चीनी माल सुनकर दुकान से चले जाते हैं। काफी सालों से जूते बेच रहा हूं। कभी ऐसा माहौल नहीं देखा। चीनी जूते लोग शौक से लेकर जाते थे। अब बुजुर्ग तो चीनी सामान सुनकर दुकान छोड़कर चलते बनते हैं। हालांकि चीनी जूते अभी भी युवाओं की पसंद हैं।
- शैंकी, दुकानदार सेक्टर-15
पहले चीन निर्मित खिलौने लोग शौक से खरीदते थे। चूंकि कम दाम में बेहतर खिलौने चीनी ही आते थे। उसमें मुनाफा भी काफी था। अब चीन से विवाद के बाद जैसे लोग चीन के सामान से दूर होने लगे हैं। माल की खपत लगभग खत्म सी हो गई है। यह बदलाव हाल ही में आया है।
- प्रवीण छाबड़ा, दुकानदार सेक्टर-15
सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट में कपड़े चीन से आते हैं लेकिन अब व्यापारियों ने मन बनाया है कि सामान चीन की बजाय वियतनाम और ताइवान से कपड़े मंगवाए जाएं क्योंकि जो सामान चीन में मिलता है और वही सामान ताइवान व वियतनाम में भी मिलता है।
- जसविंदर सिंह नागपाल, प्रधान सेक्टर 22 मार्केट
इलेक्ट्रानिक आइटम पर भी फर्क पड़ा है। करीब 25 से 30 फीसदी बिक्री प्रभावित हुई है। इस समय भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है। चीन से सामान भी काफी कम आ रहा है। व्यापारी भी चीन से सामान मंगवाने से बच रहे हैं। उन्हें लगता है कि विवाद आगे बढ़ने से लोग चीन का सामान खरीदना पूरी तरह से बंद कर देंगे।
- संजय पुरी, प्रधान सेक्टर 18 मार्केट
हमने पूरी मार्केट में चीन के सामान के बाहिष्कार के पोस्टर चस्पा किए हैं। साथ ही संकल्प लिया है कि न तो चीन का सामान खरीदेंगे और न बेचेंगे। चीन ने जो किया है, उसे सबक सिखाना जरूरी है। यदि भारतीय चीन का सामान खरीदना बंद कर देंगे तो इससे चीन को काफी हद तक फर्क पड़ेगा
- नरेश महाजन, प्रेसिडेंट ब्राइट ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 23
- शैंकी, दुकानदार सेक्टर-15
पहले चीन निर्मित खिलौने लोग शौक से खरीदते थे। चूंकि कम दाम में बेहतर खिलौने चीनी ही आते थे। उसमें मुनाफा भी काफी था। अब चीन से विवाद के बाद जैसे लोग चीन के सामान से दूर होने लगे हैं। माल की खपत लगभग खत्म सी हो गई है। यह बदलाव हाल ही में आया है।
- प्रवीण छाबड़ा, दुकानदार सेक्टर-15
सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट में कपड़े चीन से आते हैं लेकिन अब व्यापारियों ने मन बनाया है कि सामान चीन की बजाय वियतनाम और ताइवान से कपड़े मंगवाए जाएं क्योंकि जो सामान चीन में मिलता है और वही सामान ताइवान व वियतनाम में भी मिलता है।
- जसविंदर सिंह नागपाल, प्रधान सेक्टर 22 मार्केट
इलेक्ट्रानिक आइटम पर भी फर्क पड़ा है। करीब 25 से 30 फीसदी बिक्री प्रभावित हुई है। इस समय भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है। चीन से सामान भी काफी कम आ रहा है। व्यापारी भी चीन से सामान मंगवाने से बच रहे हैं। उन्हें लगता है कि विवाद आगे बढ़ने से लोग चीन का सामान खरीदना पूरी तरह से बंद कर देंगे।
- संजय पुरी, प्रधान सेक्टर 18 मार्केट
हमने पूरी मार्केट में चीन के सामान के बाहिष्कार के पोस्टर चस्पा किए हैं। साथ ही संकल्प लिया है कि न तो चीन का सामान खरीदेंगे और न बेचेंगे। चीन ने जो किया है, उसे सबक सिखाना जरूरी है। यदि भारतीय चीन का सामान खरीदना बंद कर देंगे तो इससे चीन को काफी हद तक फर्क पड़ेगा
- नरेश महाजन, प्रेसिडेंट ब्राइट ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 23