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चंडीगढ़ को 24 घंटे मिलेगा पानी, प्रोजेक्ट को हरी झंडी देने आ रहा फ्रांसीसी शिष्टमंडल, विशेष रिपोर्ट
Tue, 08 Sep 2020 11:58 AM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 08 Sep 2020 11:58 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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फ्रांस का शिष्टमंडल इस माह पांच दिवसीय दौरे पर चंडीगढ़ आएगा। शिष्टमंडल में फ्रांसीसी दूतावास के हाईकमीशन से लेकर अन्य कई अधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान शहर में सातों दिन 24 घंटे पानी सप्लाई के लिए पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा करने के बाद शिष्टमंडल 406 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये के लोन पर अंतिम मुहर लगाएगा। 500 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का अप्रैल 2021 में टेंडर होना है।
स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि शहर में 24 घंटे पेयजल सप्लाई का प्रोजेक्ट है। डेलीगेशन को 14 से 19 सितंबर तक चंडीगढ़ आना था, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण बैठक को थोड़ा आगे कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी चंडीगढ़ को करीब 97 करोड़ 10 लाख 80 हजार रुपये का ग्रांट दे रही है।
अगले साल अप्रैल में टेंडर होने के बाद कंपनी को 15 साल तक इसका संचालन व मेंटेनेंस का कार्य देखना होगा। बीच में कई बार फ्रांसीसी दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठक हुई और प्रोजेक्ट से संबंधित चर्चा हुई। अब प्रोजेक्ट लगभग अंतिम चरण में है इसलिए फ्रांस के आलाधिकारी आकर इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करने के साथ लोन देने पर सहमति देंगे।
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उसके बाद प्रोजेक्ट की आगे की प्रक्रिया पर बात की जाएगी। अधिकारियों को विश्वास है कि इस प्रोजेक्ट से शहर में पेयजल की खपत घटेगी। क्योंकि अभी लोग पानी स्टोरेज करके रखते हैं। वहीं, निगम को भी पेयजल स्टोरेज की समस्या नहीं रहेगी।
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स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि शहर में 24 घंटे पेयजल सप्लाई का प्रोजेक्ट है। डेलीगेशन को 14 से 19 सितंबर तक चंडीगढ़ आना था, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण बैठक को थोड़ा आगे कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी चंडीगढ़ को करीब 97 करोड़ 10 लाख 80 हजार रुपये का ग्रांट दे रही है।
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अगले साल अप्रैल में टेंडर होने के बाद कंपनी को 15 साल तक इसका संचालन व मेंटेनेंस का कार्य देखना होगा। बीच में कई बार फ्रांसीसी दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठक हुई और प्रोजेक्ट से संबंधित चर्चा हुई। अब प्रोजेक्ट लगभग अंतिम चरण में है इसलिए फ्रांस के आलाधिकारी आकर इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करने के साथ लोन देने पर सहमति देंगे।
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उसके बाद प्रोजेक्ट की आगे की प्रक्रिया पर बात की जाएगी। अधिकारियों को विश्वास है कि इस प्रोजेक्ट से शहर में पेयजल की खपत घटेगी। क्योंकि अभी लोग पानी स्टोरेज करके रखते हैं। वहीं, निगम को भी पेयजल स्टोरेज की समस्या नहीं रहेगी।
लोन चुकाना होगा, ग्रांट नहीं
फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी चंडीगढ़ को करीब 406 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये का लोन दे रही है जबकि 97 करोड़ 10 लाख 80 हजार रुपये का ग्रांट दे रही है। लोन का पैसा तो निगम को 15 साल में चुकाना होगा लेकिन ग्रांट का पैसा चंडीगढ़ को वापस नहीं करना है। खास बात य है कि लोन पर ब्याज भी पांच वर्ष बाद शुरू होगा।
फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी दुनिया भर में इस तरह के लोन पर्यावरण को देखते हुए देती है। संबंधित प्रोजेक्ट के दूरगामी परिणाम क्या होंगे, इससे लोगों को क्या फायदा होगा, जलवायु व प्रकृति पर कितना प्रभाव पड़ेगा और कितनी ऊर्जा की बचत होगी, इन सभी बिंदुओं का ध्यान रखते हुए यह लोन दिया जाता है इसलिए ऐसे लोन का वापस नहीं करना होता है।
भुवनेश्वर के साथ भी चल रही इसी प्रोजेक्ट की चर्चा
स्मार्ट सिटी के सीईओ ने बताया कि 24 घंटे पानी सप्लाई प्रोजेक्ट के लिए फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी ने चंडीगढ़ और भुवनेश्वर को चुना है। चूंकि दोनों शहर योजनाबद्ध तरीके से बसे हैं। ऐसे में इस प्रोजेक्ट के तहत पाइप लाइन डालना व अन्य सुविधाएं आसानी से पूरी की जा सकती हैं। इसलिए फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी ने दोनों शहरों को इस प्रोजेक्ट के तहत चुना है। सीईओ ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर चंडीगढ़ ने मेहनत की तो समय से प्रोजेक्ट तैयार हो गया।
मनीमाजरा में 24 घंटे पानी सप्लाई से प्रोजेक्ट से मिलेगी ताकत
एक ओर शहर में सातों सात दिन 24 घंटे पानी सप्लाई का प्रोजेक्ट शुरू होगा। वहीं, मनीमाजरा में 24 घंटे पानी सप्लाई का पायलट प्रोजेक्ट भी जल्द शुरू हो जाएगा। इससे मनीमाजरा की पेयजल समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी दुनिया भर में इस तरह के लोन पर्यावरण को देखते हुए देती है। संबंधित प्रोजेक्ट के दूरगामी परिणाम क्या होंगे, इससे लोगों को क्या फायदा होगा, जलवायु व प्रकृति पर कितना प्रभाव पड़ेगा और कितनी ऊर्जा की बचत होगी, इन सभी बिंदुओं का ध्यान रखते हुए यह लोन दिया जाता है इसलिए ऐसे लोन का वापस नहीं करना होता है।
भुवनेश्वर के साथ भी चल रही इसी प्रोजेक्ट की चर्चा
स्मार्ट सिटी के सीईओ ने बताया कि 24 घंटे पानी सप्लाई प्रोजेक्ट के लिए फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी ने चंडीगढ़ और भुवनेश्वर को चुना है। चूंकि दोनों शहर योजनाबद्ध तरीके से बसे हैं। ऐसे में इस प्रोजेक्ट के तहत पाइप लाइन डालना व अन्य सुविधाएं आसानी से पूरी की जा सकती हैं। इसलिए फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी ने दोनों शहरों को इस प्रोजेक्ट के तहत चुना है। सीईओ ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर चंडीगढ़ ने मेहनत की तो समय से प्रोजेक्ट तैयार हो गया।
मनीमाजरा में 24 घंटे पानी सप्लाई से प्रोजेक्ट से मिलेगी ताकत
एक ओर शहर में सातों सात दिन 24 घंटे पानी सप्लाई का प्रोजेक्ट शुरू होगा। वहीं, मनीमाजरा में 24 घंटे पानी सप्लाई का पायलट प्रोजेक्ट भी जल्द शुरू हो जाएगा। इससे मनीमाजरा की पेयजल समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
वर्तमान स्थिति
- 256 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की खपत
- 30 प्रतिशत पानी लीकेज में हो जाता है बर्बाद
- 06 फेज से पानी सप्लाई होता है शहर में
- 90 एमजीडी पानी मिलता है शहर को
- 110 एमजीडी पानी की है खपत
- 200 ट्यूबवेल से 22 एमजीडी पानी होता है सप्लाई
- 42 हजार नल के उपभोक्ता हैं शहर में
- 41 करोड़ के बिल विवादित हैं निगम के
- 03 समय पेयजल सप्लाई होती है शहर में
- 115 एमजीडी तक खपत बढ़ जाती है गर्मियों में
- 30 प्रतिशत पानी लीकेज में हो जाता है बर्बाद
- 06 फेज से पानी सप्लाई होता है शहर में
- 90 एमजीडी पानी मिलता है शहर को
- 110 एमजीडी पानी की है खपत
- 200 ट्यूबवेल से 22 एमजीडी पानी होता है सप्लाई
- 42 हजार नल के उपभोक्ता हैं शहर में
- 41 करोड़ के बिल विवादित हैं निगम के
- 03 समय पेयजल सप्लाई होती है शहर में
- 115 एमजीडी तक खपत बढ़ जाती है गर्मियों में