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पैसे कमाने को जाना चाहता था विदेश, एजेंट ने ऐसा खेला खेलो वो पहुंच गया जेल, फिर हुआ ये
महेश कुमार, अमर उजाला, कपूरथला (पंजाब)
Updated Fri, 10 Aug 2018 09:47 AM IST
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दोआबा के भुलत्थ एरिया के लोगों में विदेश जाने की लालसा उनकी जान तक जोखिम में डाल रही है। सहकारी बैंक के रिटायर्ड गनमैन के पोते को पुर्तगाल भेजने के बदले 11 लाख ऐंठने के बावजूद युवक को पांच माह तक पांच देशों में फर्जी ट्रेवल एजेंट और डोंकर (बख्तरबंद गाड़ी में डोंकी की तरह ले जाने वाले) घुमाते रहे। आगे से आगे युवक को डोंकरो के हाथों सौंपा जाता रहा, जहां उसे यूक्रेन के जंगलों में भूखे-प्यासे लगातार पांच दिन तक पैदल चलाकर वियाना तक ले जाया गया। आगे वियाना के डोंकरों ने उसे आस्ट्रिया की सीमा से 10 किलोमीटर पहले ही छोड़ दिया।
वहां पर पकड़े जाने पर उसे पांच दिन भूखे-प्यासे जेल काटनी पड़ी। आरोपी ट्रेवल एजेंट पीड़ित के दादा के सहकारी बैंक का चपरासी है। उसके खिलाफ थाना सुभानपुर में मानव तस्करी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।
शिकायतकर्ता भाग सिंह निवासी नडाला ने बताया कि वह सहकारी बैंक नडाला से बतौर गनमैन रिटायर हुआ है। नडाला शाखा में उसके साथ धर्मपाल निवासी गुरु रविदास नगर, मकसूदां जालंधर रूरल भी बतौर चपरासी तैनात था। उसकी धर्मपाल से काफी जान-पहचान हो गई थी। धर्मपाल ने उसे कहा कि वह उसके पोते सरबजीत सिंह (23) को 15 दिन में पुर्तगाल भेज देगा। बात 10 लाख 50 हजार में तय हुई और धर्मपाल उसके पोते का पासपोर्ट ले गया। उसके कहने पर जून 2017 में उसने धर्मपाल के अकाउंट में तीन लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। चार जुलाई 2017 को धर्मपाल उसके पोते को दिल्ली ले गया।
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वहां पर पकड़े जाने पर उसे पांच दिन भूखे-प्यासे जेल काटनी पड़ी। आरोपी ट्रेवल एजेंट पीड़ित के दादा के सहकारी बैंक का चपरासी है। उसके खिलाफ थाना सुभानपुर में मानव तस्करी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।
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शिकायतकर्ता भाग सिंह निवासी नडाला ने बताया कि वह सहकारी बैंक नडाला से बतौर गनमैन रिटायर हुआ है। नडाला शाखा में उसके साथ धर्मपाल निवासी गुरु रविदास नगर, मकसूदां जालंधर रूरल भी बतौर चपरासी तैनात था। उसकी धर्मपाल से काफी जान-पहचान हो गई थी। धर्मपाल ने उसे कहा कि वह उसके पोते सरबजीत सिंह (23) को 15 दिन में पुर्तगाल भेज देगा। बात 10 लाख 50 हजार में तय हुई और धर्मपाल उसके पोते का पासपोर्ट ले गया। उसके कहने पर जून 2017 में उसने धर्मपाल के अकाउंट में तीन लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। चार जुलाई 2017 को धर्मपाल उसके पोते को दिल्ली ले गया।
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आस्ट्रिया पुलिस ने किया गिरफ्तार
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भाग सिंह ने बताया कि दिल्ली में धर्मपाल ने सरबजीत की वियतनाम की फ्लाइट करवा दी। वहां पर उसे 22 दिन तक रखा गया। उसके पोते के पास 1.30 लाख रुपये की शो मनी थी। वियतनाम में एजेंट आगे फ्लाइट करवाने के लिए उससे पैसे की डिमांड करने लगे। धर्मपाल के एजेंटों ने उसके पोते से 1.30 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद भारत से उसने एक लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। धर्मपाल के एजेंटों ने उसके पोते की वियतनाम से यूक्रेन की फ्लाइट करवा दी। यहां पर सरबजीत को तीन माह तक बिठाए रखा।
एजेंट उसे धमकाने लगे कि वह अपने परिवार से पैसे मंगवाए। इस पर उसने धर्मपाल के खाते में 5.72 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने उसके पोते को डोंकी बनाकर जंगलों के रास्ते पांच दिन पैदल चलाकर स्लोवाकिया भेज दिया। स्लोवाकिया में इनके डोंकरों ने उसके पोते को कार की मार्फत वियाना से 10 किलोमीटर पहले ही आस्ट्रिया की सीमा के पास छोड़ दिया और कहने लगे इससे आगे उसे खुद ही जाना पड़ेगा।
पैदल रात 11 बजे उसका पोता आस्ट्रिया में दाखिल हुआ तो वहां आस्ट्रिया की पुलिस ने उसे पकड़ लिया और जेल में बंद कर दिया। जहां पर वह पांच दिन भूखा-प्यासा बंद रहा। आस्ट्रिया पुलिस की ओर से जांच पड़ताल के बाद उसे भारत वापस भेज दिया गया। यहां आने पर उसने धर्मपाल को पूरी बात बताई। उसने आरोपी से पैसे वापस मांगे, लेकिन वह टालमटोल करता रहा। इसके बाद उसने चेक दिया, जो बाउंस हो गया।
इस पर उसे पुलिस के पास गुहार लगानी पड़ी। थाना सुभानपुर की पुलिस ने आरोपी ट्रेवल एजेंट धर्मपाल के खिलाफ मानव तस्करी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को नोटिस जारी कर दिया गया है। डीएसपी भुलत्थ दविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। सरकारी कर्मचारी होते हुए भी गैर-कानूनी ढंग से ट्रेवल एजेंटी करने के मामले में आरोपी के विभाग को भी लिखा जा रहा है।
एजेंट उसे धमकाने लगे कि वह अपने परिवार से पैसे मंगवाए। इस पर उसने धर्मपाल के खाते में 5.72 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने उसके पोते को डोंकी बनाकर जंगलों के रास्ते पांच दिन पैदल चलाकर स्लोवाकिया भेज दिया। स्लोवाकिया में इनके डोंकरों ने उसके पोते को कार की मार्फत वियाना से 10 किलोमीटर पहले ही आस्ट्रिया की सीमा के पास छोड़ दिया और कहने लगे इससे आगे उसे खुद ही जाना पड़ेगा।
पैदल रात 11 बजे उसका पोता आस्ट्रिया में दाखिल हुआ तो वहां आस्ट्रिया की पुलिस ने उसे पकड़ लिया और जेल में बंद कर दिया। जहां पर वह पांच दिन भूखा-प्यासा बंद रहा। आस्ट्रिया पुलिस की ओर से जांच पड़ताल के बाद उसे भारत वापस भेज दिया गया। यहां आने पर उसने धर्मपाल को पूरी बात बताई। उसने आरोपी से पैसे वापस मांगे, लेकिन वह टालमटोल करता रहा। इसके बाद उसने चेक दिया, जो बाउंस हो गया।
इस पर उसे पुलिस के पास गुहार लगानी पड़ी। थाना सुभानपुर की पुलिस ने आरोपी ट्रेवल एजेंट धर्मपाल के खिलाफ मानव तस्करी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को नोटिस जारी कर दिया गया है। डीएसपी भुलत्थ दविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। सरकारी कर्मचारी होते हुए भी गैर-कानूनी ढंग से ट्रेवल एजेंटी करने के मामले में आरोपी के विभाग को भी लिखा जा रहा है।