27 लोगों के साथ धोखा, नकली वीजा और टिकट थमाया, एयरपोर्ट पहुंचे तो खुली पोल
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अरमीनिया भेजने के नाम पर एक एजेंट ने राजस्थान के 27 युवकों को फर्जी वीजा और टिकट थमाकर दिल्ली एयरपोर्ट भेज दिया। लेकिन जब एयरपोर्ट अधिकारियों ने कागजात चेक किए तो सभी कागजात फर्जी पाए गए। जिसके बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने पांच घंटे की लंबी पूछताछ के बाद उन्हें वापस भेज दिया।
राजस्थान के नागौर और झुनझुनू निवासी जगदीश प्रसाद, पवन कुमार सहित 27 युवक शुक्रवार को पुलिस में शिकायत देने पहुंचे। जगदीश प्रसाद, पवन कुमार ने बताया कि फेसबुक के जरिए उनकी जान पहचान बठिंडा के एक एजेंट से हुई थी। जिसके बाद 25 युवकों को उसने अरमीनिया भेजने का झांसा दिया।
साथ ही दो अन्य जो कुवैत जाना चाहते थे, उन्हें कुवैत भेजने की बात कही। इसके बाद सभी लोगों ने एजेंट के झांसे में आकर 70 -70 हजार रुपये प्रति व्यक्ति जमा करवा दिए। एजेंट ने 27 नवंबर को कुवैत और अरमीनिया जाने के लिए टिकट और वीजा थमा दिया। जिसको जब चेक करवाया गया तो वह ऑनलाइन नहीं था और एजेंट लगातार टिकट और वीजा को असली बताता रहा। इसके बाद उन्हें मेडिकल के लिए सभी को बठिंडा बुला लिया। जहां उसने 4500-4500 रुपये प्रति व्यक्ति मेडिकल के लिए।
पीड़ितों ने बताया कि जब वो 27 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां पर तैनात अधिकारियों ने उनके सभी कागजात फर्जी पाए और उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। जिसके बाद पांच घंटे तक उनसे पूछताछ की गई। जब उन्होंने अधिकारियों के सामने हाथ-पैर जोड़कर मिन्नतें कीं तो उन्हें एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया।
जब वो वापस बठिंडा आकर एजेंट के कार्यालय में गए तो उन्हें आश्वासन दिया कि एक दो दिन में उन्हें असली टिकट व वीजा देकर भेजा जाएगा लेकिन अभी तक न तो पैसे वापस किए गए और न ही असली टिकट और वीजा दिए गए । पीड़ितों ने बताया कि वो पिछले तीन दिन से एजेंट को बठिंडा में ढूंढ रहे हैं लेकिन उसका कोई पता नहीं है।
रेलवे स्टेशन और गुरुद्वारे में बीत रही रात
उन्होंने बताया कि अब उनके पास चाय पीने तक के पैसे नहीं हैं लेकिन जब वो पुलिस थाने में एजेंट के खिलाफ शिकायत देने पहुंचे तो पुलिस वालों ने उन्हें चाय पिलाई। पीड़ितों ने बताया कि वो रेलवे स्टेशन और गुरुद्वारों में रात काट रहे हैं। पुलिस से इंसाफ मिलने की उमीद लगाए हैं। इस संबंध में एसएसपी नानक सिंह का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। पीड़ितों के साथ इंसाफ होगा।
मोटे ब्याज पर पैसे उधार लेकर दिए थे: पीड़ित
एजेंट की ठगी का शिकार हुए पीड़ित पवन ने बताया कि इनमें से आधे लोगों ने विदेश जाने के लिए पांच रुपये प्रति सैकड़ा के हिसाब पर रुपये उधार लिए थे। जबकि कुछ लोगों ने अपने घर के जेवर व अन्य कीमती समान को बेचकर पैसों को जुगाड़ कर एजेंट को दिए थे। लेकिन उनको क्या पता था कि वो ठगी का शिकार हो रहे हैं।