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हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र: कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान का निलंबन निरस्त, धर्मांतरण विधेयक फाड़ने पर जताया खेद

Mon, 07 Mar 2022 02:42 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 07 Mar 2022 02:42 PM IST
सार

कांग्रेस विधायक रघबीर कादियान द्वारा सदन में धर्मांतरण विधेयक की प्रति फाड़ने को लेकर पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है। कांग्रेस विधायक इसको लेकर शुरू से ही आक्रामक तरीके से विरोध जता रहे हैं।

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Fourth Day of Haryana Assembly Budget Session
विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने जाते सीएम मनोहर लाल और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के बेरी से कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान बजट सत्र की शेष बैठकों में हिस्सा ले सकेंगे। कादियान ने सोमवार को विधानसभा में हरियाणा विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निवारण विधेयक, 2022 की प्रति फाड़ने पर खेद जताया, उसके बाद स्पीकर ज्ञान चंद गुप्प्ता ने सदन की सहमति से निलंबन निरस्त कर दिया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के आग्रह पर सीएम मनोहर लाल ने सदन की कार्यवाही स्थगित करवाकर स्पीकर के कक्ष में सहमति बनवाई।

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कादियान को शुक्रवार को सदन में विधेयक की प्रति फाड़ने पर सत्र की शेष बैठकों के लिए निलंबित कर दिया गया था। सोमवार सुबह प्रश्नकाल खत्म होते ही नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कादियान का निलंबन रद्द करने का आग्रह किया। हुड्डा ने कहा कि प्रति फाड़ने को वह सही नहीं ठहराते लेकिन, कादियान ने मुख्यमंत्री के कथन से दिल को ठेस लगने के बाद प्रति फाड़ी।
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हुड्डा और मनोहर लाल के बीच इस बात को लेकर भी बहस हुई कि प्रति कथन के बाद फाड़ी गई या पहले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले फाड़ी, जबकि हुड्डा ने कहा कि कथन के बाद प्रति को फाड़ा है। अंतत: सीएम ने दरियादिली दिखाते हुए कहा कि अगर उनके कथन के बाद कादियान ने प्रति फाड़ी है, तो उन्हें बुला लें, वह दोबारा अपने शब्द वापस लेने को तैयार हैं।

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सदन की कार्यवाही को स्थगित कर चर्चा करवाई जाए। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे लेकिन मुख्यमंत्री के दोबारा कहने पर कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर पूरे मामले पर सहमति बनाई गई। सीएम ने कहा कि बिल उनके कथन के बाद फटा है। स्पीकर जैसा चाहें, वैसा कर सकते हैं, इसके बाद कार्यवाही शुरू होने पर कादियान सदन में बुलाए गए। उन्होंने आकर अपने कृत्य पर खेद जताया। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री की ओर से निलंबन रद्द करने के लिए प्रस्ताव लाया गया। जिसे सदन ने मंजूरी दे दी।

स्पीकर ने हुड्डा सरकार के समय हुए इनेलो विधायकों के निलंबन का सदन में जिक्र किया। उन्होंने कहा, सदन की मर्यादा मेरे लिए सर्वोपरि है। अगर वह उसे बनाए नहीं रख सकते तो पद पर बैठने का कोई औचित्य नहीं। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र में सदन की गरिमा बनाए रखना हर विधायक का कर्तव्य होता है।

सदन की गरिमा से खिलवाड़ की मंशा नहीं: कादियान
रघुबीर कादियान ने कहा कि सदन की गरिमा से खिलवाड़ करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी। वह सदन की मर्यादा का पूरा मान-सम्मान करते हैं। उन्होंने स्पीकर की भावनाओं की भी कद्र की और कहा कि मुझसे गलती हुई है, तो खेद जताता हूं।

यूक्रेन मामले और एमबीबीएस फीस को लेकर भिड़े मनोहर लाल और हुड्डा
यूक्रेन और एमबीबीएस फीस मामले को लेकर विधानसभा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा भिड़ गए। हुड्डा ने आरोप लगाया कि हरियाणा में एमबीबीएस की अधिक फीस होने के कारण युवक चीन और यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने जा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि, ऐसा नहीं है, इन युवाओं की नीट में रैंकिंग कम होती है। इस कारण वे बाहर जाते हैं। 

दोनों नेताओं में इस मामले को लेकर काफी देर तक तीखी बहस हुई। भूपेंद्र हुड्डा ने यूक्रेन से लौटे युवाओं को सुविधा देने की वकालत की। मनोहर लाल ने जवाब में बताया कि यूक्रेन में एमबीबीएस की डिग्री पूरी कर चुके युवाओं के लिए हरियाणा सरकार भी इंटर्नशिप कराएगी। उन्होंने कहा कि, वह खुद इन विद्यार्थियों और अभिभावकों से मिले हैं, उनके लिए और क्या बेहतर हो सकता है, इसके लिए सुझाव भी मांगें हैं। 

हमारे कार्यकाल में डॉक्टरों की 7 गुना अधिक भर्तियां
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान में चिकित्सा अधिकारियों के 2615 पद भरे हुए हैं, इनमें 954 मेडिकल आफिसर्ज (ग्रुप-ए) के वे पद भी शामिल हैं, जो कोविड-19 महामारी के दौरान भरे गए। 980 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों का अलग से स्पेशलिस्ट काडर बनाने की कार्यवाही चल रही है। पिछली सरकार ने मेडिकल आफिसरर्स के 370 पदों पर भर्ती की गई थी। हमारे कार्यकाल में 7 गुना अधिक 2615 पदों पर भर्ती गई है। वर्तमान में 1252 चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही नए कॉलेज भी खोले जा रहे हैं। 

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