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सवा साल बाद भाजपा ने ली पंजाब के वर्करों की सुध
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Wed, 18 May 2016 08:07 PM IST
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मोदी भाजपा
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आखिर भाजपा ने करीब सवा साल बाद वर्करों की सुध ली। चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में जनता दरबार लगाया गया। जहां प्रदेश प्रधान विजय सांपला और चारों मंत्रियों भगत चूनी लाल, मदन मोहन मित्तल, सुरजीत ज्याणी और अनिल जोशी ने वर्करों की समस्याएं सुनीं। मौके पर ही उनकेमामले निपटाए। पार्टी का दावा है कि जनता दरबार में पूरे पंजाब से करीब दो हजार लोग पहुंचे।
पहले भाजपा के मंत्री हफ्ते में एक दिन मुख्यालय में बैठ कर वर्करों की समस्याएं सुनते थे, लेकिन सवा साल पहले यह परंपरा बंद हो गई। नेताओं और वर्करों के बीच संवाद खत्म हो गया था। हाल ही में चंडीगढ़ आए पंजाब प्रभारी प्रभात झा ने हिदायत दी थी कि हफ्ते में एक दिन सभी मंत्री मुख्यालय में बैठ कर वर्करों की समस्याएं सुनेंगे, जिसके बाद बुधवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। सुबह नौ बजे से ही वर्कर अपनी फाइलें और अर्जियां लेकर पहुंचने लगे थे।
समय सुबह दस बजे का था, लेकिन कोई भी मंत्री नहीं पहुंचा। आखिर पौने ग्यारह बजे सांपला पहुंचे तो वर्करों ने राहत की सांस ली और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सांपला पहले कुछ देर के लिए ऊपर चले गए तो वर्कर फिर निराश हो गए। चंद मिनट बाद सांपला लौटे और वर्करों की समस्याएं सुननी शुरू कीं तो दूर-दराज से आए लोगों ने राहत की सांस ली।
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सांपला और चारों मंत्रियों ने दोपहर करीब तीन बजे तक वर्करों की समस्याओं का समाधान किया। इस मौके पर संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, डिप्टी स्पीकर दिनेश बब्बू, सीपीएस सीमा रानी, खादी बोर्ड चेयरमैन हरजीत गरेवाल, पंजाब इंफोटेक केचेयरमैन मनजीत सिंह राय, वाटर सप्लाई व सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन विनोद शर्मा, पंजाब सरकार केसहायक मीडिया सलाहकार विनीत जोशी भी थे।
भीड़ ज्यादा देख बाहर ही बैठ गए सांपला
विजय सांपला पहले अपने केबिन में बैठ कर समस्याएं सुन रहे थे, लोग पर्चियां लेकर एक-एक करके आ रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि बाहर भीड़ ज्यादा हो गई है तो वह बाहर आकर कुर्सी पर बैठ गए। लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया तो अंधेरा हो गया था। उनके पीए ने एक मोबाइल फोन की लाइट ऑन की। उसकी रोशनी में सांपला ने एक-एक अर्जी और फाइल को देखा। कुछ पर दस्तखत करके लोगों को दे दी, कुछ अपने निजी सहायकों को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दीं। कुछ अर्जियों को मंत्रियों को रेफर कर दिया। कुछ मिनट में उन्होंने ढेर सारे मामले निपटा दिए, फिर वापस केबिन में जाकर लोगों से मिलते रहे।
मामूली सी बात पर एसएमओ का तबादला नहीं
सुरजीत ज्याणी और भगत चूनी लाल, संगठन महामंत्री दिनेश कुमार के कमरे में बैठ कर समस्याएं सुन रहे थे। एक वर्कर ने ज्याणी से कहा कि एसएमओ शाहकोट ने एक व्यक्ति के साथ बदसलूकी की है, उनका तबादला कर दो। इस पर ज्याणी ने पूछा कि क्या एसएमओ बाकी लोगों केसाथ भी ऐसा करते हैं तो उसने इंकार करते हुए कहा कि जब आप हलकेमें आए थे, तब भी एसएमओ नहीं पहुंचे थे। ज्याणी ने कहा कि मामूली सी बात पर तबादला नहीं होगा, उन्होंने खुद अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे उनके दौरे पर काम छोड़ कर न आएं। एक अन्य व्यक्ति की समस्या पर उन्होंने डायरेक्टर आयुर्वेद को फोन करके निर्देश दिए।
मित्तल ने लगाई क्लास
मदन मोहन मित्तल के पास एक वर्कर फायरमैन की नौकरी लगवाने के लिए पहुंचा। उसकेसाथ आए भाजपा नेता ने कहा कि इसकी चार बेटियां हैं, इसलिए नौकरी लगवा दीजिए। इस पर मित्तल ने उल्टे उसकी क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि यह कौन सी दलील है नौकरी मांगने की। दो बेटियां और कर लो। बिना बायो-डाटा नौकरी की सिफारिश केलिए आए एक युवक को भी उन्होंने फटकार लगाई।
जोशी-मित्तल ने कराया लंबा इंतजार
पंजाब प्रभारी प्रभात झा के निर्देश पर पार्टी ने जनता दरबार शुरू किया था, लेकिन मदन मोहन मित्तल और अनिल जोशी ने लोगों को लंबा इंतजार कराया। विजय सांपला पौने ग्यारह बजे आ गए। सुरजीत ज्याणी और भगत चूनी लाल भी साढ़े ग्यारह बजे पहुंच गए। अनिल जोशी पौने बारह बजे आए और मित्तल उनके भी बाद पहुंचे। जोशी ने दलील दी कि वह खन्ना में किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। मित्तल का कहना था कि वह अपने निवास पर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। जबकि, यह कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था और सुबह दस बजे पहुंचने का समय था।
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पहले भाजपा के मंत्री हफ्ते में एक दिन मुख्यालय में बैठ कर वर्करों की समस्याएं सुनते थे, लेकिन सवा साल पहले यह परंपरा बंद हो गई। नेताओं और वर्करों के बीच संवाद खत्म हो गया था। हाल ही में चंडीगढ़ आए पंजाब प्रभारी प्रभात झा ने हिदायत दी थी कि हफ्ते में एक दिन सभी मंत्री मुख्यालय में बैठ कर वर्करों की समस्याएं सुनेंगे, जिसके बाद बुधवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। सुबह नौ बजे से ही वर्कर अपनी फाइलें और अर्जियां लेकर पहुंचने लगे थे।
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समय सुबह दस बजे का था, लेकिन कोई भी मंत्री नहीं पहुंचा। आखिर पौने ग्यारह बजे सांपला पहुंचे तो वर्करों ने राहत की सांस ली और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सांपला पहले कुछ देर के लिए ऊपर चले गए तो वर्कर फिर निराश हो गए। चंद मिनट बाद सांपला लौटे और वर्करों की समस्याएं सुननी शुरू कीं तो दूर-दराज से आए लोगों ने राहत की सांस ली।
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सांपला और चारों मंत्रियों ने दोपहर करीब तीन बजे तक वर्करों की समस्याओं का समाधान किया। इस मौके पर संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, डिप्टी स्पीकर दिनेश बब्बू, सीपीएस सीमा रानी, खादी बोर्ड चेयरमैन हरजीत गरेवाल, पंजाब इंफोटेक केचेयरमैन मनजीत सिंह राय, वाटर सप्लाई व सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन विनोद शर्मा, पंजाब सरकार केसहायक मीडिया सलाहकार विनीत जोशी भी थे।
भीड़ ज्यादा देख बाहर ही बैठ गए सांपला
विजय सांपला पहले अपने केबिन में बैठ कर समस्याएं सुन रहे थे, लोग पर्चियां लेकर एक-एक करके आ रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि बाहर भीड़ ज्यादा हो गई है तो वह बाहर आकर कुर्सी पर बैठ गए। लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया तो अंधेरा हो गया था। उनके पीए ने एक मोबाइल फोन की लाइट ऑन की। उसकी रोशनी में सांपला ने एक-एक अर्जी और फाइल को देखा। कुछ पर दस्तखत करके लोगों को दे दी, कुछ अपने निजी सहायकों को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दीं। कुछ अर्जियों को मंत्रियों को रेफर कर दिया। कुछ मिनट में उन्होंने ढेर सारे मामले निपटा दिए, फिर वापस केबिन में जाकर लोगों से मिलते रहे।
मामूली सी बात पर एसएमओ का तबादला नहीं
सुरजीत ज्याणी और भगत चूनी लाल, संगठन महामंत्री दिनेश कुमार के कमरे में बैठ कर समस्याएं सुन रहे थे। एक वर्कर ने ज्याणी से कहा कि एसएमओ शाहकोट ने एक व्यक्ति के साथ बदसलूकी की है, उनका तबादला कर दो। इस पर ज्याणी ने पूछा कि क्या एसएमओ बाकी लोगों केसाथ भी ऐसा करते हैं तो उसने इंकार करते हुए कहा कि जब आप हलकेमें आए थे, तब भी एसएमओ नहीं पहुंचे थे। ज्याणी ने कहा कि मामूली सी बात पर तबादला नहीं होगा, उन्होंने खुद अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे उनके दौरे पर काम छोड़ कर न आएं। एक अन्य व्यक्ति की समस्या पर उन्होंने डायरेक्टर आयुर्वेद को फोन करके निर्देश दिए।
मित्तल ने लगाई क्लास
मदन मोहन मित्तल के पास एक वर्कर फायरमैन की नौकरी लगवाने के लिए पहुंचा। उसकेसाथ आए भाजपा नेता ने कहा कि इसकी चार बेटियां हैं, इसलिए नौकरी लगवा दीजिए। इस पर मित्तल ने उल्टे उसकी क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि यह कौन सी दलील है नौकरी मांगने की। दो बेटियां और कर लो। बिना बायो-डाटा नौकरी की सिफारिश केलिए आए एक युवक को भी उन्होंने फटकार लगाई।
जोशी-मित्तल ने कराया लंबा इंतजार
पंजाब प्रभारी प्रभात झा के निर्देश पर पार्टी ने जनता दरबार शुरू किया था, लेकिन मदन मोहन मित्तल और अनिल जोशी ने लोगों को लंबा इंतजार कराया। विजय सांपला पौने ग्यारह बजे आ गए। सुरजीत ज्याणी और भगत चूनी लाल भी साढ़े ग्यारह बजे पहुंच गए। अनिल जोशी पौने बारह बजे आए और मित्तल उनके भी बाद पहुंचे। जोशी ने दलील दी कि वह खन्ना में किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। मित्तल का कहना था कि वह अपने निवास पर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। जबकि, यह कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था और सुबह दस बजे पहुंचने का समय था।