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चंडीगढ़: चार साल के गुरजोत ने तीन जिंदगियों में बिखेरीं खुशियां, किडनी व अग्नाशय पीजीआई के दो मरीजों में प्रत्यारोपित, लिवर दिल्ली भेजा गया
Tue, 12 Apr 2022 11:27 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 12 Apr 2022 11:27 PM IST
सार
गुरजोत के पिता हरदीप सिंह ने कहा कि सोचा भी नहीं था कि बेटा अपना पांचवां जन्मदिन भी नहीं मना पाएगा। अब गुरजोत का जीवन दूसरों में चलेगा। वह अपने अंगदान के माध्यम से और अधिक समय दुनिया में रह पाएगा।
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गुरजोत की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के बरनाला जिले के गेहल निवासी चार साल के गुरजोत ने दुनिया से जाकर भी तीन जिंदगियों में खुशियां बिखेरी हैं। पीजीआई में ब्रेन डेड घोषित होने के बाद गुरजोत के परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया। गुरजोत के लिवर का मिलान पीजीआई में न होने के कारण उसे ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली भेजा गया। वहीं दोनों किडनी व अग्नाशय पीजीआई की प्रतीक्षा सूची में शामिल दो मरीजों में प्रत्यारोपित कर दिया गया।
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पीजीआई के प्रभारी निदेशक प्रो. सुरजीत सिंह ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए यह दिल दहला देने वाली घटना है लेकिन गुरजोत के परिजनों ने अंगदान का निर्णय लेकर निश्चित रूप से आत्मविश्वास की भावना पैदा की है। उनके परिवार के निर्णय की पीजीआई सराहना करता है। पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक व रोटो के नोडल अधिकारी प्रो. विपिन कौशल ने बताया कि पीजीआई की प्रतीक्षा सूची में शामिल एक मरीज को गुरजोत की एक किडनी व अग्नाशय प्रत्यारोपित किया गया, जबकि एक अन्य मरीज को दूसरी किडनी प्रत्यारोपित की गई है।
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अंगदान से अब अधिक समय दुनिया में रह पाएगा गुरजोत: हरदीप सिंह
गुरजोत के पिता हरदीप सिंह ने कहा कि सोचा भी नहीं था कि बेटा अपना पांचवां जन्मदिन भी नहीं मना पाएगा। अब गुरजोत का जीवन दूसरों में चलेगा। वह अपने अंगदान के माध्यम से और अधिक समय दुनिया में रह पाएगा। उन्होंने बताया कि दो अप्रैल को गुरजोत खेलते हुए ऊंचाई से नीचे गिर गया और सिर में चोट लगने के कारण बेहोश हो गया। उसे तत्काल बरनाला के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। उसे लेकर दो अप्रैल की शाम ही पीजीआई पहुंचे, जहां 8 दिनों तक उसका इलाज चला। 9 अप्रैल को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
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