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पीयू सीनेट चुनाव के लिए चार राज्यों ने दी अनुमति, दो राज्यों ने नहीं दिया जवाब.. जानिए कौन हैं ये दो राज्य
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव के लिए प्रशासन ने छह राज्यों को पत्र भेजा था, जिसमें से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान ने चुनाव करवाने के लिए अनुमति दे दी है। उत्तराखंड और हरियाणा ने अभी तक चुनाव के लिए पीयू को अनुमति नहीं दी है। इन राज्यों को पीयू ने फिर से स्मरण पत्र के साथ पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश सलंग्न कर भेजा है। हालांकि हाईकोर्ट का आदेश होने के कारण हरियाणा से अनुमति मिलने की उम्मीद है। वहीं उत्तराखंड में सिर्फ काशीपुर में एक बूथ बनाया जाना है।
पीयू प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार स्नातक वर्ग चुनाव के लिए हरियाणा में 29, हिमाचल प्रदेश में 10, दिल्ली में 5, राजस्थान के गंगानगर जिले में एक, उत्तराखंड के काशीपुर में एक और पंजाब में 200 से अधिक मतदान बूथ बनाए जाने हैं। पीयू को सभी जगह से चुनाव की अनुमति नहीं मिलने के कारण परिसर में चुनाव स्थगित होने के अफवाहें फैलने लगी है। यदि बचे हुए राज्य अनुमति देने में देरी करते हैं तो चुनाव प्रभावित हो सकता है। बिना स्नातक वर्ग चुनाव के सीनेट का कोरम पूरा नहीं हो सकेगा।
स्नातक वर्ग से 43 सदस्य मैदान में, 3.61 लाख मतदाता करेंगे इनके भाग्य का फैसला
पीयू के सीनेट चुनाव में स्नातक वर्ग से 15 सदस्य चुनकर आते हैं। पीयू से स्नातक करने वाले लोग इसमें वोट देते हैं। इस बार स्नातक वर्ग के लिए 43 सदस्य मैदान में हैं। इनके भाग्य का फैसला 3.61 लाख मतदाता करेंगे। इस वर्ग के चुनाव में देशभर के पीयू के पूर्व विद्यार्थी या वर्तमान विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। इसके लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर में बूथ बनाए जाते हैं। इस बार भी इन राज्यों में 280 बूथ बनेंगे। सैकड़ों कर्मचारियों की ड्यूटी अकेले स्नातक वर्ग के चुनाव कराने में लगती है। साथ ही समय और पैसा भी अधिक खर्च होता है। पीयू ने पिछले साल इन राज्यों से सीनेट चुनाव करवाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोरोना के कारण नहीं दी गई। अब हाईकोर्ट ने चुनाव करवाने के आदेश दिए तो पीयू ने राज्यों को पत्र लिखे थे।
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पीयू प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार स्नातक वर्ग चुनाव के लिए हरियाणा में 29, हिमाचल प्रदेश में 10, दिल्ली में 5, राजस्थान के गंगानगर जिले में एक, उत्तराखंड के काशीपुर में एक और पंजाब में 200 से अधिक मतदान बूथ बनाए जाने हैं। पीयू को सभी जगह से चुनाव की अनुमति नहीं मिलने के कारण परिसर में चुनाव स्थगित होने के अफवाहें फैलने लगी है। यदि बचे हुए राज्य अनुमति देने में देरी करते हैं तो चुनाव प्रभावित हो सकता है। बिना स्नातक वर्ग चुनाव के सीनेट का कोरम पूरा नहीं हो सकेगा।
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स्नातक वर्ग से 43 सदस्य मैदान में, 3.61 लाख मतदाता करेंगे इनके भाग्य का फैसला
पीयू के सीनेट चुनाव में स्नातक वर्ग से 15 सदस्य चुनकर आते हैं। पीयू से स्नातक करने वाले लोग इसमें वोट देते हैं। इस बार स्नातक वर्ग के लिए 43 सदस्य मैदान में हैं। इनके भाग्य का फैसला 3.61 लाख मतदाता करेंगे। इस वर्ग के चुनाव में देशभर के पीयू के पूर्व विद्यार्थी या वर्तमान विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। इसके लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर में बूथ बनाए जाते हैं। इस बार भी इन राज्यों में 280 बूथ बनेंगे। सैकड़ों कर्मचारियों की ड्यूटी अकेले स्नातक वर्ग के चुनाव कराने में लगती है। साथ ही समय और पैसा भी अधिक खर्च होता है। पीयू ने पिछले साल इन राज्यों से सीनेट चुनाव करवाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोरोना के कारण नहीं दी गई। अब हाईकोर्ट ने चुनाव करवाने के आदेश दिए तो पीयू ने राज्यों को पत्र लिखे थे।
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