हरियाणा में चार निर्दलीय विधायक हुए एडजस्ट, बनाए गए चेयरमैन, कूंडू पर टिकीं निगाहें
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हरियाणा की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों को पदों से नवाजना शुरू कर दिया है। चार निर्दलीय विधायकों को मनोहर सरकार ने सत्ता में हिस्सेदारी देते हुए चेयरमैन नियुक्त किया है। भाजपा विधायकों से पहले निर्दलीयों को एडजस्ट करने को तरजीह दी गई है। सरकार ने हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड, हरियाणा भंडारण निगम, हरियाणा पर्यटन निगम और हरियाणा वन विकास निगम में चेयरमैन की नियुक्तियां की हैं।
चरखी दादरी से बबीता फोगाट और सतपाल सांगवान को हराकर निर्दलीय जीते सोमवीर सांगवान को हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड का चेयरमैन लगाया गया है। वह लोहारु रोड, चरखी दादरी के रहने वाले हैं। पृथला से निर्दलीय जीते नयनपाल रावत हरियाणा भंडारण निगम के चेयरमैन बनाए गए हैं।
रणधीर सिंह गोलन हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन होंगे। धर्मपाल गोंदर को हरियाणा वन विकास निगम का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। पूर्व में कार्यरत इन बोर्ड व निगमों के चेयरमन ने अपने-अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया था, जिन्हें सरकार स्वीकृत कर चुकी है। सोमवीर सांगवान, नयनपाल रावत और रणधीर सिंह गोलन ने भाजपा से बागी होकर दादरी, पृथला और पुंडरी सीट पर चुनाव लड़ा था।
तीनों टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन भाजपा से नकारे जाने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीते भी। नीलोखेड़ी से धर्मपाल गोंदर भी बागी होकर चुनाव लड़े थे। जीतने के बाद उन्होंने भाजपा को अपना समर्थन दे दिया था। भाजपा से बागी होकर लड़े तीनों विधायकों के मंत्री न बनने के बाद इनमें से डिप्टी स्पीकर बनाने की अटकलें भी लगाई जा रही थीं, लेकिन सरकार ने विधानसभा के विशेष सत्र की पूर्व संध्या पर चार निर्दलीयों को चेयरमैन बनाकर तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।
कुंडू पर टिकी निगाहें
भाजपा से बागी होकर महम से बलराज कुंडू ने भी चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। टिकट पाने के लिए उन्होंने जिला परिषद अध्यक्ष पद से त्याग पत्र दे दिया था। बावजूद भाजपा ने टिकट नहीं दी। कुंडू ने निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस के दिग्गज विधायक आनंद सिंह दांगी को हराया था। चार निर्दलीयों को चेयरमैन बनाने के बाद अब बलराज कुंडू पर निगाहें टिक गई हैं। सरकार उन्हें भी कोई पद देती है या नहीं।