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फ्रांस में 4 भारतीय युवकों की मौत, वजह जानकर मां-बाप को लगा सदमा
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Wed, 10 Jan 2018 10:16 AM IST
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शव
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फ्रांस में चार भारतीय युवकों की मौत हो गई। वहीं इसके पीछे की वजह जानकार मृतकों के परिजन सदमे में हैं, जल्दी ही शव वतन लाए जाएंगे। मामला पंजाब के जालंधर का है। चारों मृतक पंजाब के रहने वाले हैं और अवैध रूप से फ्रांस में रह रहे थे। यह खुलासा यहां ‘ऑरेर डॉन’ नामक संस्था ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता के दौरान किया।
संस्था ने दावा किया कि होशियारपुर के गुरमुख सिंह उर्फ गोमा, कुमरावां (कपूरथला) हरजिंदर सिंह जिंदा, होशियारपुर के परमजीत सिंह बजरोर और नवांशहर के वरिंदर कुमार के शव इसी सप्ताह पंजाब आ जाएंगे। संस्था के प्रधान इकबाल सिंह भट्टी ने बताया कि फ्रांस में अवैध रूप से रह रहे ज्यादातर पंजाबी सड़कों पर रहने के मजबूर हैं।
ऐसे में वे नशे की दलदल में फंसकर मौत का ग्रास बन जाते हैं और उनकी पहचान नहीं हो पाती। इस पर फ्रांस की पुलिस ऑरेर डॉन संस्था से संपर्क कर पहचान कराती हैं कि मृतक भारत का तो नहीं। मृतक भारतीय होता है तो यह संस्था शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाती हैं।
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भट्टी ने बताया कि उनकी संस्था वर्ष 2003 से अब तक 117 शवों को भारत भिजवा चुकी हैं। शुरुआत में गुरुद्वारों और फ्रांस में रहने वाली कम्युनिटी की मदद से ऐसा करते थे। अब संस्था भारत सरकार के खर्चे पर शव परिजनों के सुपुर्द करती है।
250 पंजाबी युवक फंसे हैं फ्रांस में
संस्था के मुताबिक करीब 250 पंजाबी युवक फ्रांस में फंसे हैं। इनमें से ज्यादातर नौजवानों के पास पहचान पत्र तक नहीं हैं। पंजाब सरकार का फर्ज बनता है कि इन युवाओं की पहचान कर उनको पंजाब वापस लाने के लिए कदम उठाने चाहिए।
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संस्था ने दावा किया कि होशियारपुर के गुरमुख सिंह उर्फ गोमा, कुमरावां (कपूरथला) हरजिंदर सिंह जिंदा, होशियारपुर के परमजीत सिंह बजरोर और नवांशहर के वरिंदर कुमार के शव इसी सप्ताह पंजाब आ जाएंगे। संस्था के प्रधान इकबाल सिंह भट्टी ने बताया कि फ्रांस में अवैध रूप से रह रहे ज्यादातर पंजाबी सड़कों पर रहने के मजबूर हैं।
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ऐसे में वे नशे की दलदल में फंसकर मौत का ग्रास बन जाते हैं और उनकी पहचान नहीं हो पाती। इस पर फ्रांस की पुलिस ऑरेर डॉन संस्था से संपर्क कर पहचान कराती हैं कि मृतक भारत का तो नहीं। मृतक भारतीय होता है तो यह संस्था शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाती हैं।
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भट्टी ने बताया कि उनकी संस्था वर्ष 2003 से अब तक 117 शवों को भारत भिजवा चुकी हैं। शुरुआत में गुरुद्वारों और फ्रांस में रहने वाली कम्युनिटी की मदद से ऐसा करते थे। अब संस्था भारत सरकार के खर्चे पर शव परिजनों के सुपुर्द करती है।
250 पंजाबी युवक फंसे हैं फ्रांस में
संस्था के मुताबिक करीब 250 पंजाबी युवक फ्रांस में फंसे हैं। इनमें से ज्यादातर नौजवानों के पास पहचान पत्र तक नहीं हैं। पंजाब सरकार का फर्ज बनता है कि इन युवाओं की पहचान कर उनको पंजाब वापस लाने के लिए कदम उठाने चाहिए।