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फॉसवेक ने नगर निगम को चेताया- पानी के दर बढ़ाए तो होगा बड़ा आंदोलन
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चंडीगढ़। विभिन्न सेक्टर की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की अपेक्स बॉडी फेडरेशन ऑफ सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशंस ऑफ चंडीगढ़ (फॉसवेक) ने चेतावनी दी है कि नगर निगम ने पानी का दर बढ़ाया तो बड़ा आंदोलन होगा।
फॉसवेक के मुख्य प्रवक्ता और आरडब्ल्यूए सेक्टर-38 वेस्ट के अध्यक्ष पंकज गुप्तान ने कहा कि नगर निगम के बजट में जल वितरण से 156 करोड़ रुपए का राजस्व दिखाया गया है। इससे स्पष्ट है कि वित्त वर्ष 2022-23 में नगर निगम दोबारा पानी की दरें 2 से 3 गुना तक बढ़ाना चाहता है। यदि ऐसा हुआ तो यह चंडीगढ़ के लोगों के साथ धोखा होगा। ऐसे में फॉसवेक बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
पिछले वर्ष भाजपा शासित नगर निगम ने जीवन की मूलभूत आवश्यकता पानी की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी की थी, जिसे प्रशासन द्वारा मान लिया गया था। लेकिन नगर निगम चुनावों के मद्देनजर इस बढ़ोतरी को 31 मार्च तक रोक लिया गया था। फॉसवेक ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ-साथ सभी राजनैतिक दलों के सभी पार्षदों से आह्वान किया कि पहली अप्रैल से होने वाली पानी की दरों में बढ़ोतरी पर रोक लगाएं। कोरोना काल और अत्यधिक महंगाई के चलते निम्न और मध्यम वर्गीय लोगों की आमदनी बहुत प्रभावित हुई है। ऐसे समय में यदि पानी की दरें भी बढ़ाई गईं तो आम आदमी का चंडीगढ़ में रहना मुश्किल हो जाएगा।
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फॉसवेक के मुख्य प्रवक्ता और आरडब्ल्यूए सेक्टर-38 वेस्ट के अध्यक्ष पंकज गुप्तान ने कहा कि नगर निगम के बजट में जल वितरण से 156 करोड़ रुपए का राजस्व दिखाया गया है। इससे स्पष्ट है कि वित्त वर्ष 2022-23 में नगर निगम दोबारा पानी की दरें 2 से 3 गुना तक बढ़ाना चाहता है। यदि ऐसा हुआ तो यह चंडीगढ़ के लोगों के साथ धोखा होगा। ऐसे में फॉसवेक बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
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पिछले वर्ष भाजपा शासित नगर निगम ने जीवन की मूलभूत आवश्यकता पानी की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी की थी, जिसे प्रशासन द्वारा मान लिया गया था। लेकिन नगर निगम चुनावों के मद्देनजर इस बढ़ोतरी को 31 मार्च तक रोक लिया गया था। फॉसवेक ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ-साथ सभी राजनैतिक दलों के सभी पार्षदों से आह्वान किया कि पहली अप्रैल से होने वाली पानी की दरों में बढ़ोतरी पर रोक लगाएं। कोरोना काल और अत्यधिक महंगाई के चलते निम्न और मध्यम वर्गीय लोगों की आमदनी बहुत प्रभावित हुई है। ऐसे समय में यदि पानी की दरें भी बढ़ाई गईं तो आम आदमी का चंडीगढ़ में रहना मुश्किल हो जाएगा।
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