Punjab News: सुंदर शाम अरोड़ा अब प्लॉट घोटाले में गिरफ्तार, भारत भूषण आशु को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं
टेंडर अलॉटमेंट घोटाले में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ 16 अगस्त को लुधियाना में दर्ज एफआईआर में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें तत्काल राहत देने से इन्कार कर दिया है।
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विजिलेंस ब्यूरो ने रिश्वत देने के मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर इंडस्ट्रियल प्लॉट घोटाले में गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने उन्हें गुरुवार को मोहाली की अदालत में पेश किया। अदालत में जांच अधिकारियों ने दलील दी कि पूर्व मंत्री प्लॉट घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक हैं। अब तक आठ पकड़े जा चुके हैं।
पूर्व मंत्री और अन्य आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। अदालत ने सभी तर्कों को सुनने के बाद पूर्व मंत्री को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया। अदालत के बाहर पत्रकारों से पूछे गए सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार धक्का कर रही है। बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। प्लॉट घोटाले पर उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। जल्दी ही सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।
विजिलेंस ने जगह की पैमाइश की
विजिलेंस की टीम ने गुरुवार को दोबारा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-नौ स्थित उस जगह का दौरा किया, जहां पर टाउनशिप बनाने के लिए कंपनी को जगह दी गई थी। विजिलेंस ने उस जगह की पैमाइश की। सारा रिकॉर्ड जुटाया है। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस इस केस में कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहती है, क्योंकि इस केस पर सीएम की सीधे नजर है। विजिलेंस के अधिकारी भी इस केस से जुड़े हर अपडेट को सीएम आफिस से शेयर करते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास ही इस विभाग की जिम्मेदारी है।
फाइल पर फर्जी दस्तावेज लगाने की सच्चाई आएगी सामने
विजिलेंस अब पूर्व मंत्री को भी रिमांड पर ले चुकी है। वहीं, उस समय के कार्यकारी डायरेक्टर एसपी सिंह भी विजिलेंस के पास रिमांड पर चल रहे हैं। विजिलेंस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आखिर फाइल में दो पन्ने किसके कहने पर लगाए गए थे। विजिलेंस की जांच में यह बात सामने आई थी कि टाउनशिप की फाइल में दो पन्ने निकालकर नए लगा दिए गए थे। 1987 की डीड के अनुसार यह प्लॉट सिर्फ औद्योगिक उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जा सकता था। गुलमोहर रियल एस्टेट कंपनी ने इस प्लॉट पर टाउनशिप बनाने का काम कर रही थी।साथ ही 12 प्लॉटों को 125 में बांटने को मंजूरी देने के मामले की भी जांच होगी।
पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को फिलहाल राहत नहीं
उधर, टेंडर अलॉटमेंट घोटाले में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ 16 अगस्त को लुधियाना में दर्ज एफआईआर में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें तत्काल राहत देने से इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट ने आशु की नियमित जमानत की मांग वाली याचिका पर सुनवाई तीन फरवरी को तय करते हुए विजिलेंस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इससे पहले हाईकोर्ट ने इसी मामले में उन्हें नियमित जमानत देने से इन्कार कर चुका है, तब यह आधार बनाया गया था कि अभी जांच जारी है। अब आशु ने एक बार फिर इसी मामले में दर्ज एफआईआर में जमानत मांगी है और कहा है कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चालान भी पेश किया जा चुका है, ऐसे में अब उन्हें जमानत दी जाए।