हरियाणा: पूरी हुई पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की सजा, जेबीटी भर्ती घोटाले में मिली थी 10 साल की कैद
ओम प्रकाश चौटाला अभी तिहाड़ जेल से बाहर ही हैं, ऐसे में उनको अब जेल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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जेबीटी (जूनियर बेसिक ट्रेनिंग) भर्ती घोटाले में सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की सजा पूरी हो गई है। तिहाड़ जेल प्रशासन की तरफ से चौटाला के वकील अमित साहनी को यह जानकारी दी गई है। उनके वकील ने बताया कि कल रात को चौटाला की सजा पूरी हो गई है। कुछ कागजी कार्रवाई बची हुई है। वह पूरी होते ही आधिकारिक तौर पर रिहाई के आदेश जारी हो जाएंगे।
The former chief minister of Haryana, Chaudhary Om Prakash Chautala has completed his sentence in JBT (Junior Basic Training) case and he is eligible for special remission, Tihar Jail Authority informed his lawyer Amit Sahni
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(File pic of Chaudhary Om Prakash Chautala) pic.twitter.com/exKdeHQy1d — ANI (@ANI) June 23, 2021
हालांकि ओम प्रकाश चौटाला अभी तिहाड़ जेल से बाहर ही हैं, ऐसे में उनको अब जेल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वकील का कहना है कि सजा होने से कल तक सरकारी छूट समेत सभी मिलाकर ओम प्रकाश चौटाला की सजा पूरी हो गई है। जेबीटी भर्ती घोटाले में 2013 में पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को 10 साल की सजा सुनाई गई थी।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सजा काट रहे पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को रिहा करने के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को संबंधित रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया था। अदालत ने चौटाला की पैरोल अवधि भी 12 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी थी।
चौटाला ने अपनी उम्र और दिव्यांगता के आधार पर जेल से रिहाई की मांग की थी। इससे पहले दायर याचिका में चौटाला ने केंद्र सरकार के 18 जुलाई, 2018 की अधिसूचना का हवाला दिया था। अधिसूचना के तहत 60 साल से ज्यादा उम्र पार कर चुके पुरुष, 70 फीसदी वाले दिव्यांग व बच्चे अगर अपनी आधी सजा काट चुके हैं तो राज्य सरकार उसकी रिहाई पर विचार कर सकती है।
याचिका में चौटाला ने कहा था कि उनकी उम्र 86 साल की हो गई है और भ्रष्टाचार के मामले में वे सात साल की सजा काट चुके हैं। चौटाला ने यह भी दावा किया था कि वह अप्रैल 2013 में 60 फीसदी दिव्यांग हो चुके थे और जून 2013 में पेसमेकर लगाए जाने के बाद से वह 70 फीसदी से ज्यादा दिव्यांग हो चुके हैं। इस तरह से वे केंद्र सरकार के जल्दी रिहाई की सभी शर्तों को पूरा कर रहे हैं।