घूसकांड में नया मोड़ः विधायक का पूर्व ड्राइवर मुकरा, बोला- नहीं दिया रुपया, दबाव में लगाया था PA पर आरोप
विधायक दुड़ाराम के पूर्व चालक सुभाष ने अपनी पत्नी सुनीता, चचेरे भाई साहिल व परिवार के अन्य लोगों और गांव कुम्हारिया के कुछ ग्रामीणों को साथ लेकर विधायक दुड़ाराम की कोठी के सामने नौ सितंबर को प्रदर्शन किया था और धरना दिया था। धरने के दौरान पूर्व चालक सुभाष ने आरोप लगाया था कि उसने नौकरी के नाम पर लोगों से रुपया लिया और पीए राजबीर को दिया लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगी।
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विधायक दुड़ाराम के पूर्व चालक सुभाष उर्फ टोपी द्वारा नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से 85 लाख रुपये लेकर पीए राजबीर को देने के आरोप में नया मोड़ आ गया है। पूर्व चालक सुभाष अपने ही बयान से पलट गया है। सुभाष उर्फ टोपी बुधवार को मीडिया के सामने आया और बोला कि उसने गलतफहमी में आरोप लगाया था। अब गलतफहमी दूर हो गई है।
सुभाष ने इससे पहले पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी को पत्र भी दिया है। इसमें उसने कहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते विधायक के पीए राजबीर के खिलाफ आरोप लगाया था, जो बेबुनियाद है। उसने सरकारी नौकरी के लिए न तो किसी से रुपये लिया और न ही किसी को दिया है। सारी कहानी राजनीतिक दबाव के कारण कही थी। उसकी मांग है कि जो भी शिकायत इस मामले में विचाराधीन है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता है।
एसआईटी कर रही है मामले की जांच
विधायक दुड़ाराम के पूर्व चालक सुभाष ने अपनी पत्नी सुनीता, चचेरे भाई साहिल व परिवार के अन्य लोगों और गांव कुम्हारिया के कुछ ग्रामीणों को साथ लेकर विधायक दुड़ाराम की कोठी के सामने नौ सितंबर को प्रदर्शन किया था और धरना दिया था। धरने के दौरान पूर्व चालक सुभाष ने आरोप लगाया था कि उसने नौकरी के नाम पर लोगों से रुपया लिया और पीए राजबीर को दिया लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगी।
उसने सूची भी सार्वजनिक की थी। भट्टू रोड बंद करके रात भर धरना दिया था और शनिवार सुबह पुलिस ने जबरदस्ती धरना उठवा दिया था और गाड़ी में पुलिस लाइन ले गए थे। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में गांव दैयड़ निवासी मोहनलाल की शिकायत पर विधायक के पीए राजबीर और पूर्व चालक सुभाष उर्फ टोपी पर मामला दर्ज किया था। एसपी ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी ने जांच शुरू करके तीन लोगों के बयान दर्ज किए, जिनके नाम रुपये देने वालों की सूची में थे। इनके बयान के बाद पूर्व चालक को भी जांच में शामिल किया जाना था लेकिन उससे पहले वह मुकर गया।
23 जुलाई को पीया था जहर, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था नोट
विधायक दुड़ाराम के पूर्व ड्राइवर सुभाष ने 23 जुलाई को जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक पत्र भी वायरल हुआ था, जिसमें नौकरी के नाम पर रुपये लेकर विधायक के पीए राजबीर को देने के आरोप लगे थे। इसके अलावा पत्र में दो अन्य लोगों पर भी आरोप थे लेकिन तीन दिन बाद पुलिस कार्रवाई में पूर्व चालक ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया था और दवाई की जगह गलती से जहरीले पदार्थ को सेवन कर लेने का बयान दिया था।